RELIGION WORLD — THE INDEPENDENT SCIENTIFIC & INTERFAITH JOURNAL
Navigation

© 2026 Religion World Foundation.

Global Faith • Scientific Heritage • Human Ethics

भदोही में 300 दलितों ने किया धर्मांतरण, अपनाया बौद्ध धर्म

भदोही में 300 दलितों ने किया धर्मांतरण, अपनाया बौद्ध धर्म

भदोही में 300 दलितों ने किया धर्मांतरण, अपनाया बौद्ध धर्म
Visual Archive

भदोही में 300 दलितों ने किया धर्मांतरण, अपनाया बौद्ध धर्म

भदोही में 300 दलितों ने किया धर्मांतरण, अपनाया बौद्ध धर्म

 भदोही, 23 अक्टूबर; यूपी के भदोही जिले के एक गांव की दलित बस्ती में तीन दिन में 300 लोगों ने बौर्ध धर्म अपना लिया. सारनाथ से आए बौद्ध धर्म के अनुयायी की देखरेख में पूरी कवायद की गई. उसके बाद बस्ती के लोगों ने हिंदू देवी-देवताओं के चित्र नहर में विसर्जित कर दिए.

ज्ञानपुर से करीब पांच किमी दूर स्थित कसिदहां गांव की दलित बस्ती में रविवार को 100 लोगों ने हिंदू धर्म त्याग कर बौद्ध धर्म अपना लिया. पिछले तीन दिनों में पूरी बस्ती के कुल 300 लोगों ने बौद्ध धर्म अपनाया है. सारनाथ से आए बुद्ध घोष राम वचन, विश्व बौद्ध महासभा के अध्यक्ष आलोक बौद्ध, अरविंद बौद्ध की देखरेख में बस्तीवासियों ने धर्म परिवर्तन किया.

यह भी पढ़ें- गुजरात में अशोक विजय दशमी के मौके पर 300 दलितों ने अपनाया बौद्ध धर्म

बस्ती के कोमल राम, सुरेंद्र कुमार, कृपाशंकर महेंद्र कुमार, जगदीश कुमार, राजकुमार, रामजीत, कैलाश, चिरंजीव, रमाशंकर, संतोष कुमार, राम नारायण, संदीप, प्रदीप, राजन, राजू समेत अन्य लोगों ने बौद्ध धर्म अपनाया. रविवार को जुलूस की शक्ल में बस्ती के लोगों ने हिंदू देवी देवताओं के चित्र और प्रतिमाएं नहर में विसर्जित कर दीं.

यह भी पढ़ें-बौद्ध भगवान जिग्तेन का 800वां महापरिनिर्वाण महोत्सव शुरू

इस कारण से बदला अपना धर्म

ग्राम प्रधान लौधर मौर्य का कहना है कि गांव की दलित बस्ती में बौद्ध धर्म के कुछ अनुयायी आए थे. वह किसलिए आए थे, इसकी जानकारी नहीं है. इस मामले में भाजपा जिलाध्यक्ष हौसिला पाठक ने कहा कि वह बस्ती में जाकर लोगों की समस्याएं सुनेंगे. उन्हें समझाने का प्रयास किया जाएगा.

कसिदहां दलित बस्ती निवासी एवं बौद्ध धर्म अपनाने वाले अधिवक्ता कोमल राम और सुरेंद्र कुमार ने कहा कि हिंदू धर्म से उनका कोई बैर नहीं था. उत्पीड़न से बचने के लिए धर्म परिवर्तन किया.  उन्होंने कहा कि कहीं सुनवाई नहीं हो रही थी. हर वर्ग के लोग दलितों को प्रताड़ित करते थे. इससे परेशान होकर बस्ती के लोगों ने बौद्ध धर्म अपना लिया.

———————————

रिलीजन वर्ल्ड देश की एकमात्र सभी धर्मों की पूरी जानकारी देने वाली वेबसाइट है। रिलीजन वर्ल्ड सदैव सभी धर्मों की सूचनाओं को निष्पक्षता से पेश करेगा। आप सभी तरह की सूचना, खबर, जानकारी, राय, सुझाव हमें इस ईमेल पर भेज सकते हैं – religionworldin@gmail.com – या इस नंबर पर वाट्सएप कर सकते हैं – 9717000666 – आप हमें ट्विटर , फेसबुक और यूट्यूब चैनल पर भी फॉलो कर सकते हैं।
Twitter, Facebook and Youtube.

 

RW

Editorial Review Note

Religion World provides information on all religions and presents it impartially. You can send us information, news, updates, opinions, and suggestions at religionworldin@gmail.com. You can also follow us on X (Twitter), Facebook, and YouTube.

October 23, 2017 3 min read
Share:

Related Historical & Critical Essays

Buddhism

Bodhi Day क्या है और बौद्ध धर्म में ‘ज्ञान’ का वास्तविक अर्थ क्या होता है?

Bodhi Day क्या है और बौद्ध धर्म में ‘ज्ञान’ का वास्तविक अर्थ क्या होता है? Bodhi Day बौद्ध धर्म का एक अत्यंत महत्वपूर्ण दिन माना जाता है, क्योंकि…

Read now
Buddhism

बौद्ध ध्यान क्या है और कैसे किया जाता है? 

बौद्ध ध्यान क्या है और कैसे किया जाता है?  बौद्ध धर्म में ध्यान केवल एक आध्यात्मिक अभ्यास नहीं है, बल्कि यह मन, भावनाओं और जीवन के स्वभाव को…

Read now
Buddhism

धर्म परिवर्तन: क्या हमें धर्म बदलने का अधिकार है?

धर्म परिवर्तन: क्या हमें धर्म बदलने का अधिकार है? भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है, जहाँ हर नागरिक को अपने धर्म का पालन करने, उसे छोड़ने और नया धर्म…

Read now

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *