पूरी दुनिया के योग साधकों ने गंगा में किया स्नान और अपने अपने देशों को किया प्रस्थान


- बेलारूस, लाओत्सु, भूटान और पाकिस्तान के योग साधकों ने अन्तिम दिन किया सहभाग
- परमार्थ निकेतन अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव की समापन बेला में 101 देशों का प्रतिनिधित्व
गंगा स्नान, ध्यान, यज्ञ तथा वसुधैव कुटुम्बकम का संकल्प लेकर 101 देशों से आये योग साधकों ने किया प्रस्थान
वर्ष 2018 परमार्थ निकेतन अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव का आयोजन शानदार रहा इसमें दुनिया के 101 देशों के 2000 से अधिक प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया। पूरे सप्ताह 200 से अधिक योग कक्षाओं का आयोजन हुआ। साथ ही 20 देशों के 90 योगाचार्यों ने योग कक्षाओं का संचालन किया।
योग, आसन, प्राणायाम, आयुर्वेद, सौन्द्रर्य चिकित्सा, हीलिंग, रेकी, ध्यान, शाकाहार, आहार विशेषज्ञ, योग निद्रा और अन्य विधाओं के साथ सम्पन्न हुये इस योग महोत्सव को वल्र्ड रिकॉडर्स में स्थान प्राप्त हुआ। इस वर्ष योग महोत्सव ने अनेक उपलब्धियों को अपने नाम किया।
महोत्सव का विधिवत उद्घाटन भारत के महामहिम उपराष्ट्रपति माननीय वेंकैया नायडू जी ने किया तथा देश के शिखरस्थ राजनीतिज्ञ श्री वेंकैया नायडू जी, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी, गृहमंत्री राजनाथ सिंह जी, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज जी, राज्यपाल उत्तराखण्ड श्री कृष्णकांत पाल जी, मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड सरकार श्री त्रिवेेन्द्र सिंह रावत जी, पर्यटन राज्य मंत्री भारत सरकार श्री के जे अल्फाेंस जी, पर्यटन, आयुष राज्य मंत्री भारत सरकार श्री श्रीपद येसो नाइक, सिंचाई, लघु सिंचाई, संस्कृति, जलागम प्रबंधन, तीर्थाटन एवं उत्तराखण्ड नदी परियोजना मंत्री उत्तराखण्ड सरकार श्री सतपाल महाराज जी, वन, पर्यावरण एवं ठोस अपशिष्ट निवारण, आयुष एवं आयुष शिक्षा मंत्री डाॅ हरक सिंह रावत जी ने अपने शुभकामना संदेश प्रेषित किये
भारत के प्रधानमंत्री माननीय नरेन्द्र मोदी जी ने योगियों के लिये संदेश भेजा एवं आध्यात्मिक गुरू पूज्य मूजी ने वीडियो संदेश के माध्यम से विश्व के 101 देशों के योग साधकों को सम्बोधित किया
अनेक उपलब्धियों, विलक्षणताओं एवं यादगार क्षणों को समेटे योग महोत्सव जिसका शुभारम्भ तालवादक शिवमणि के ढोल से हुआ और कैलास खेर के कैलासा बैंड की थाप पर हुआ समापन
ऋषिकेश, 9 मार्च। परमार्थ निकेतन अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव की समापन बेला में विश्व के 101 देशों के योग जिज्ञासुओं ने सहभाग किया। योग जिज्ञासुओं ने योग, आसन, प्राणायाम के साथ-साथ पूज्य संतों के उद्बोधनों के माध्यम से हिन्दुधर्म, भारतीय संस्कृति, संस्कार को भी परमार्थ निकेतन में रहकर आत्मसात किया। प्रस्थान के समय योग साधकों को परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने रूद्राक्ष की माला, अंगवस्त्र एवं योग प्रमाण-पत्र देकर सभी का अभिनन्दन किया।

स्वामी जी महाराज और साध्वी जी सान्निध्य में सभी योग साधकों ने संकल्प किया कि अपने-अपने देश जाकर भारतीय संस्कृति, विश्व बन्धुत्व, वसुधैव कुटुम्बकम और संस्कारों का प्रचार-प्रसार करेंगे। साथ ही अहिंसा, शाकाहार, वृक्षारोपण और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में कार्य करेंगे। सभी योग साधकों ने विश्व स्तर पर स्वच्छ जल की आपूर्ति हो इस भावना से वाटर ब्लेसिंग सेरेमनी सम्पन्न की। पूज्य स्वामी जी ने 101 देशों से आये योग राजदूतों को शिवत्व का प्रतीक रूद्राक्ष का पौधा भेंट किया और योग के क्षेत्र में निरन्तर आगे बढ़ते रहने का आशीर्वाद देकर विदा किया।

अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव के अन्तिम दिन बेलारूस, लाओत्सु, भूटान और पाकिस्तान के योग साधकों ने सहभाग किया। साथ ही थाईलैण्ड से 20 योग साधिकाओं के दल ने भी अन्तिम दिन योग महोत्सव में सहभाग किया। 50 से 60 योग साधकों के अलावा आज सभी ने परमार्थ निकेतन से विदाई ली। साधकों ने कहा कि साध्वी भगवती सरस्वती जी हमें भगिनी निवेदिता की याद दिलाती है। उनकी सादगी, भारतीय अध्यात्म की गूढ़ जानकारी, संस्कार और भारतीय संस्कारों से युक्त जीवन सभी का मागदर्शन करता है वे हमारी प्रेरणास्रोत है। वर्ष 2018 में साध्वी जी द्वारा लिखित ’’सत्संग’’ पुस्तक का लोकार्पण एवं ’’पीस’’ का चीन की भाषा में अनुवाद भी अनुपम उपलब्धि रही।
Editorial Review Note
Written by Religion World — Bhavya Srivastava is the founder of Religion World and a veteran journalist with over 18 years of experience across broadcast, print, and digital media. A founding member of the International Association of Religion Journalists (IARJ), he has spent much of his career reporting on and producing content about religion, faith, and spirituality. View full profile →.
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