वृन्दावन, 7 फरवरी; वृंदावन कुंभ मेले का श्रीगणेश सदियों से काठिया बाबा आश्रम से हो रहा है. और यही परम्परा इस बार भी लागू होगी. इस बार भी कुंभ मेला की धर्मध्वजा की भव्य शोभायात्रा यहीं से निकलेगी.
यह सवारी होंगी शामिल

वृन्दावन कुंभ की शोभा यात्रा में हाथी, घोड़ा और ऊंटों की सवारी निकाली जाएगी. इसके साथ ठाकुर जी का डोला, संत-महंत, महामंडलेश्वर और भक्तों की टोलियां भी शामिल होंगी. आपको बता दें कि वृंदावन कुंभ बैठक मेला 16 फरवरी से 25 मार्च चलेगा। इसकी तैयारियां अंतिम चरण में हैं.
ब्रजविदेही चतु:संप्रदायी श्रीमहंत रासविहारी दास काठिया बाबा का यह चौथा वृंदावन कुंभ मेला है, जिसकी ध्वजा लेकर वह आश्रम से जाएंगे. इससे पहले इस आश्रम की गुरु परंपरा इसे निभाती आ रही है.
बसंत पंचमी के दिन वृन्दावन कुंभ मेला बैठक की ध्वजा भव्य शोभायात्रा के साथ नगर भ्रमण करते हुए मेला स्थल पहुंचेगी. इसमें दो हाथी, 11 घोड़े और चार ऊंटों की भी सवारी होंगी.
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राजशाही परम्परा के तहत शोभायात्रा
घोड़ा गाड़ी पर ठाकुरजी की सवारी होगी. नफीरी और दो बैंड भी इस शोभायात्रा में शामिल होंगे. सैकड़ों साधु-संत और भक्तजन भी कुंभ मेला बैठक की शोभायात्रा का हिस्सा बनेंगे. राजशाही परंपरा के तहत यह शोभायात्रा निकलेगी.
मेला स्थल पर भूमि पूजन, ध्वजा पूजन के साथ वृंदावन कुंभ मेला बैठक की शुरुआत हो जाएगी. यही परंपरा सदियों से चली आ रही है.
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