युवा पीढ़ी और धर्म — आस्था की नई परिभाषा

युवा पीढ़ी और धर्म — आस्था की नई परिभाषा

युवा पीढ़ी और धर्म — आस्था की नई परिभाषा आज की युवा पीढ़ी पहले की तुलना में अधिक जागरूक, अधिक प्रश्न पूछने वाली और अधिक स्वतंत्र सोच रखती है। तकनीक, इंटरनेट, सोशल मीडिया और वैश्विक संस्कृति ने मिलकर युवाओं की आस्था की समझ को बिल्कुल नया स्वरूप दिया है। पहले धर्म का अर्थ केवल परंपराओं को निभाना, परिवार के मार्ग पर चलना और अनुष्ठानिक जीवन का हिस्सा बनना माना जाता था। लेकिन आज युवा धर्म […]

 December 6, 2025
The Concept of Dharma in Today’s World

The Concept of Dharma in Today’s World

The Concept of Dharma in Today’s World The ancient Indian idea of Dharma has always been more than a religious principle—it is a timeless philosophy of living. Derived from the Sanskrit root “dhṛ”, meaning “to uphold” or “to sustain,” Dharma refers to the moral, ethical, and spiritual foundation that sustains the order of the universe and society. In today’s rapidly changing world—marked by technological progress, moral confusion, and social polarization—the concept of Dharma remains deeply […]

 November 8, 2025
Digital Dharma: How Social Media Is Becoming the New Satsang Hall

Digital Dharma: How Social Media Is Becoming the New Satsang Hall

Digital Dharma: How Social Media Is Becoming the New Satsang Hall For centuries, satsangs — gatherings for spiritual discourse and singing of devotional songs — were held in temples, ashrams, and open courtyards. People would sit together, listen to saints, and feel connected through shared faith. Today, that same sense of community is being reborn — not under a banyan tree, but across screens. The smartphone has become the new temple bell, and social media […]

 October 28, 2025
हिंदू धर्म में धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष क्या हैं?

हिंदू धर्म में धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष क्या हैं?

हिंदू धर्म में धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष क्या हैं? हिंदू धर्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक संपूर्ण जीवन-दर्शन है। इसमें मनुष्य के जीवन को चार मुख्य उद्देश्यों या पुरुषार्थों में बाँटा गया है – धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष। ये चारों स्तंभ मिलकर जीवन को संतुलित और सार्थक बनाते हैं। यदि इन्हें सही तरह से समझकर अपनाया जाए तो जीवन न केवल सफल होता है, बल्कि आत्मिक दृष्टि से भी […]

 September 9, 2025
धर्म परिवर्तन: क्या हमें धर्म बदलने का अधिकार है?

धर्म परिवर्तन: क्या हमें धर्म बदलने का अधिकार है?

धर्म परिवर्तन: क्या हमें धर्म बदलने का अधिकार है? भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है, जहाँ हर नागरिक को अपने धर्म का पालन करने, उसे छोड़ने और नया धर्म अपनाने की स्वतंत्रता है। लेकिन यह विषय जितना कानूनी रूप से स्पष्ट है, उतना ही सामाजिक और भावनात्मक रूप से जटिल भी। धर्म परिवर्तन: अधिकार या अपराध? भारतीय संविधान का अनुच्छेद 25 हर नागरिक को अपने धर्म को मानने, पालन करने और प्रचार करने की स्वतंत्रता देता […]

 May 30, 2025
Mahakumbh मेले क्षेत्र को नो-व्हीकल जोन बनाया जाएगा.

Mahakumbh मेले क्षेत्र को नो-व्हीकल जोन बनाया जाएगा.

Mahakumbh मेले क्षेत्र को नो-व्हीकल जोन बनाया जाएगा. अब तक, 13 जनवरी को शुरू हुए महा कुम्भ से लेकर अब तक लगभग 64 करोड़ श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी संगम में पवित्र स्नान किया है, जो गंगा, यमुन और सरस्वती नदियों का संगम है।   महा कुम्भ मेला महा कुम्भ मेला 26 फरवरी को महाशिवरात्रि के अवसर पर संपन्न होगा। महा कुम्भ मेला महाशिवरात्रि पर कल समाप्त होगा। अंतिम अमृत स्नान के सुचारु आयोजन के लिए विशेष […]

 February 25, 2025
Dharma, Adhyatma and Sampraday : Swami Parmatmananda Saraswati

Dharma, Adhyatma and Sampraday : Swami Parmatmananda Saraswati

Dharma, Adhyatma and Sampraday : Swami Parmatmananda Saraswati दर्शन आस्तिक है और नास्तिक दर्शन भी। दर्शन जैन भी है, बौद्ध भी है, न्याय भी है और सांख्य भी है। दर्शन का अर्थ है ज्ञान। दर्शन को ज्ञान कहें तो किसका ज्ञान? लेकिन ज्ञान किसका, ये भी सापेक्ष हो सकता है। परमपूज्य स्वामी परमात्मानंद सरस्वती जी ने दर्शन, धर्म, सत्य, सनानत और वैदिक की पूरी परिभाषा पेश की। Courtesy : HSSF Gujarat

 July 1, 2018