पितृपक्ष विशेष: जानिए क्यों जरूरी हैं “खीर” श्राद्ध में

पितृपक्ष विशेष: जानिए क्यों जरूरी हैं “खीर” श्राद्ध में पितृ पक्ष में हम शुरू से सुनते-देखते आए हैं कि श्राद्ध वाले दिन घर में खीर-पूरी अवश्य बनती है। इस विषय में ज्योतिषाचार्य [...]

Read More

पितृपक्ष विशेष: जानें श्राद्ध में कौआ दिखना क्यों मानते हैं शुभ

पितृपक्ष विशेष: जानें श्राद्ध में कौआ दिखना क्यों मानते हैं शुभ आमतौर पर हमारे समाज में कौवे को लेकर भिन्न भिन्न मान्यताएं हैं. जैसे घर की मुंडेर पर कौवा कांव-कांव करें तो कोई मेहमान आने की सूचना [...]

Read More

पितृपक्ष विशेष: इन सात जगहों पर श्राद्ध करने से मिलेगा पुण्य

पितृपक्ष विशेष: इन सात जगहों पर श्राद्ध करने से मिलेगा पुण्य पितृपक्ष चल रहे हैं. इन दिनों अपने देवताओं, पितरों और वंश के प्रति श्रद्धा प्रकट करना होता है. हिंदू मान्यताओं के अनुसार, पिंडदान [...]

Read More

पितृपक्ष शुरू : तिथियां, श्राद्ध के नियम और विधि

पितृपक्ष शुरू : तिथियां, श्राद्ध के नियम और विधि पितृपक्ष के दौरान दिवंगत पूर्वजों की आत्‍मा की शांति के लिए श्राद्ध किया जाता है। मान्‍यता है कि अगर पितर नाराज हो जाएं तो [...]

Read More

पितृ पक्ष: जानिए पितृ पक्ष का महत्त्व और उसकी कथा

पितृ पक्ष: जानिए पितृ पक्ष का महत्त्व और उसकी कथा हिन्‍दू धर्म में पितृ पक्ष का विशेष महत्‍व है. हिन्‍दू धर्म को मानने वाले लोगों में मृत्‍यु के बाद मृत [...]

Read More

“मौनी अमावस्या” (सोमवती अमावस्या) का महत्व

“मौनी अमावस्या” (सोमवती अमावस्या) का महत्व माघ मास की अमावस्या को मौनी अमावस्या कहते हैं। इस नामकरण के लिए दो मान्यताएं हैं । इस दिन मौन रहना चाहिए। मुनि शब्द से ही मौनी की उत्पत्ति [...]

Read More

2018 में पितृपक्ष और श्राद्ध पक्ष : कैसे और किन तिथियों पर करें श्राद्ध ?

2018 में पितृपक्ष और श्राद्ध पक्ष : कैसे और किन तिथियों पर करें श्राद्ध ? इस वर्ष पितृपक्ष – 24 सितंबर सर्वपितृ अमावस्या से 08 अक्टूबर 2018 (पूर्णिमा) तक होने जा रहे हैं।  श्राद्ध, पूजा, [...]

Read More

पुराणों में कितने प्रकार के श्राद्ध का वर्णन ?

पुराणों में कितने प्रकार के श्राद्ध का वर्णन ? सदगुरुश्री अपनी जड़ों को शक्ति प्रदान करने  का काल है पितृपक्ष वक नहीं बारह प्रकार से हो सकता है श्राद्ध पितृपक्ष जो सामान्य जन में श्राद्ध के काल [...]

Read More

सर्वपितृ अमावस्या पर कैसे करें पितरों का श्राद्ध

सर्वपितृ अमावस्या पर कैसे करें पितरों का श्राद्ध श्राद्ध पक्ष में अमावस्या का बड़ा महत्व है. आश्विन मास की अमावस्या पितरों की शांति का सबसे अच्छा मुहूर्त है. पितरों के शाप से मुक्ति और भविष्य में [...]

Read More

कथा क्रम : पितृपक्ष में मातृ नवमीं तिथि का महत्व

भागवताचार्य संजयकृष्ण सलिल की की पितृपक्ष में गया धाम में पावन कथा जारी है। हजारों भक्तों और आगंतुकों को कथा में श्राद्ध की महिमा और कथाएं पता चल रही है। कथा के क्रम में आज मातृ नवमीं तिथि की [...]

Read More

अब श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान भी होगा ऑनलाइन, जानिये कैसे

अब श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान भी होगा ऑनलाइन, जानिये कैसे   पितृपक्ष अब समाप्ति की कगार पर है और जो लोग कामकाज में व्यस्त होने के कारण या फिर विदेश में बसे हैं वह श्राद्ध न कर पाने के कारण [...]

Read More

कथा क्रम : पितृपक्ष में “गया धाम” में श्रीमद् भागवतकथा

पितृपक्ष में गया धाम में श्रीमद् भागवतकथा  भागवताचार्य संजयकृष्ण सलिलजी महाराज की भागवकथा गया नगर में चल रही है। पितृपक्ष के दिनों में गया धाम में इस कथा में श्राद्ध से लेकर पुरखों के लिए किए [...]

Read More

श्राद्ध में किन पशु पक्षियों को कराया जाता है भोजन

श्राद्ध में किन पशु पक्षियों को कराया जाता है भोजन श्राद्ध के दिनों में अक्सर आपने अपने आसपास लोगों को कौओं को भोजन कराते देखा होगा. ऐसा माना जाता है कि पितृपक्ष में हमारे पितर धरती पर आकर हमें [...]

Read More

भारतीय संस्कृति में श्राद्ध कर्म की गरिमा

भारतीय संस्कृति में श्राद्ध कर्म की गरिमा भारतीय हिन्दु संस्कृति मे तीन प्रकार के ऋणों का उल्लेख है- पितृ ऋण, ऋशि ऋण व देव ऋण। शास्त्र विहित कर्मो की पुजा, वत्र, उपवासादि से देव ऋण से मुक्त होते [...]

Read More

श्राद्ध किसे कहते हैं? – भागवतकिंकर अनुरागकृष्ण शास्त्री

श्राद्ध किसे कहते हैं? श्रद्धार्थ मिंद श्राद्धम्। श्रद्धया इदं श्राद्धम्। पितरों के उद्देश्य से विधिपूर्वक जो कर्म श्रद्धा से किया जाता है उसे श्राद्ध कहते हैं। क्या करें? शास्त्रों में मनुष्य के [...]

Read More

पितरों का श्रद्धापूर्वक तर्पण ही है श्राद्ध

पितरों का श्रद्धापूर्वक तर्पण ही है श्राद्ध इस वर्ष पितृपक्ष 6 सितंबर से 20 सितंबर 2017 तक आरम्भ होने जा रहे हैं. श्राद्ध, पूजा, महत्व, श्राद्ध की महिमा एवं विधि का वर्णन विष्णु, वायु, वराह, [...]

Read More