बुद्ध को ज्ञान प्राप्ति से पहले कौन-कौन सी साधनाएँ करनी पड़ीं?

बुद्ध को ज्ञान प्राप्ति से पहले कौन-कौन सी साधनाएँ करनी पड़ीं?

बुद्ध को ज्ञान प्राप्ति से पहले कौन-कौन सी साधनाएँ करनी पड़ीं? मनुष्य जीवन में सत्य की खोज हमेशा से सबसे कठिन, लेकिन सबसे अर्थपूर्ण यात्रा रही है। इसी यात्रा के एक विलक्षण उदाहरण हैं भगवान बुद्ध, जिन्होंने सत्य—धर्म और दुख से मुक्ति—की तलाश में एक असाधारण आध्यात्मिक मार्ग अपनाया। बुद्ध बनने से पहले सिद्धार्थ गौतम ने कई वर्षों तक कठोर साधनाएँ कीं, अनेक गुरुओं से शिक्षा ली और आत्मज्ञान की खोज में अपने शरीर और […]

 December 2, 2025
धम्म चक्र प्रवर्तन दिवस: बुद्ध की शिक्षाओं का एक सार्वभौमिक उत्सव

धम्म चक्र प्रवर्तन दिवस: बुद्ध की शिक्षाओं का एक सार्वभौमिक उत्सव

5 जुलाई को धम्म चक्र प्रवर्तन दिवस मनाया जायेगा। जब गौतम बुद्ध ने शिक्षा देना आरम्भ किया था, उस दिन को बौद्ध उत्सव के रूप में मनाया जाता है और उस दिन को धम्म दिवस भी कहते हैं। यह उत्सव दुनिया भर में बौद्ध अनुयायियों द्वारा मनाया जाता है, यह बुद्ध के गुणों को प्रतिबिंबित करने और उनकी शिक्षाओं के लिए आभार व्यक्त करने के लिए एमनाया जाता है। धर्म का तात्पर्य बुद्ध के उपदेशों […]

 July 1, 2020
बौद्ध धर्म के किस ग्रन्थ में लिखा है “बुद्धं शरणम गच्छामि” का मूल मन्त्र   

बौद्ध धर्म के किस ग्रन्थ में लिखा है “बुद्धं शरणम गच्छामि” का मूल मन्त्र  

बुद्धं शरणम गच्छामि  संघम शरणम गच्छामि  धम्मं शरणम गच्छामि  महात्मा बुद्ध के अनुयायी  इसे त्रिशरण मंत्र के रूप में उच्चारित  करते हैं। इसका शाब्दिक अर्थ है मैं बुद्ध की शरण जाता हूं। मैं धर्म की शरण जाता हूं, और मैं संघ  की शरण जाता हूं। बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए यह त्रिशरण मंत्र मूल मन्त्र है. बौद्ध धर्म के अनुयायियों के अनुसार इन तीनों की शरणागत होने से ही कोई सच्चा शिष्य एवं साधक […]

 February 2, 2020
बुद्ध पूर्णिमा 2019: एक राजकुमार कैसे बना बौद्ध धर्म का संस्थापक

बुद्ध पूर्णिमा 2019: एक राजकुमार कैसे बना बौद्ध धर्म का संस्थापक

बुद्ध पूर्णिमा 2019: एक राजकुमार कैसे बना बौद्ध धर्म का संस्थापक बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए सबसे बड़ा त्यौहार होता है बुद्ध पूर्णिमा। इसको बुद्ध जयंती के नाम से भी जाना जाता है। हिन्दू कैलेण्डर के अनुसार वैशाख माह की पूर्णिमा को बुद्ध पूर्णिमा मनाई जाती है। इसीलिये इसे वैशाख पूर्णिमा भी कहा जाता है। यह गौतम बुद्ध की जयंती है। भगवान बुद्ध का जन्म, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण ये तीनों एक ही दिन […]

 May 18, 2019
बौद्ध धर्म : जानिये क्या है बौद्ध धर्म के सिद्धान्त

बौद्ध धर्म : जानिये क्या है बौद्ध धर्म के सिद्धान्त

बौद्ध धर्म: जानिये क्या है बौद्ध धर्म के सिद्धान्त विद्वानों ने बौद्ध ग्रन्थों के आधार पर बौद्ध धर्म के सिद्धान्तों एवं दार्शनिक पक्ष की विवेचना की है. इनके आधार पर बौद्ध धर्म के सिद्धान्तों की चर्चा की जा सकती है. कारण सिद्धान्त – महात्मा बुद्ध की मान्यता थी कि प्रत्येक कार्य एक कारण पर निर्भर होता है, अर्थात् संसार का कोई भी कार्य अकारण नहीं है. सृष्टि की समस्त घटनायें एक क्रम में हो रही हैं तथा […]

 May 16, 2019
श्रावस्ती में बुद्ध महाकुम्भ का आयोजन : ग्रेट श्रावस्ती सेन्टर का उद्घाटन समारोह

श्रावस्ती में बुद्ध महाकुम्भ का आयोजन : ग्रेट श्रावस्ती सेन्टर का उद्घाटन समारोह

श्रावस्ती में बुद्ध महाकुम्भ का आयोजन : ग्रेट श्रावस्ती सेन्टर का उद्घाटन समारोह ग्रेट श्रावस्ती बुद्धिस्ट कल्चरल एसेम्बली में स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने की शिरकत बौद्ध सांस्कृतिक महासभा श्रावस्ती द्वारा किया गया पांच दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज रहे उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि  श्रावस्ती में बुद्धमहाकुम्भ का आयोजन आज विश्व को युद्ध नहीं बुद्ध चाहिये – स्वामी चिदानन्द सरस्वती ड्रकिंग कयागगाॅन टिनले लहंडुप, परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी, […]

 October 31, 2018
“युद्ध नहीं बुद्ध चाहिए”

“युद्ध नहीं बुद्ध चाहिए”

“युद्ध नहीं बुद्ध चाहिए” इंटरनेशनल बौद्ध कॉन्फ्रेंस (गांधीनगर गुजरात) में  अहिंसा विश्व भारती के संस्थापक आचार्य डॉ लोकेश मुनिजी ने ऐतिहासिक संबोधन दिया।

 September 25, 2017
हिन्दी दिवस विशेष : हिन्दी साहित्य के इतिहास की बुनियाद : धर्म के आईने से…

हिन्दी दिवस विशेष : हिन्दी साहित्य के इतिहास की बुनियाद : धर्म के आईने से…

हिन्दी साहित्य के इतिहास की बुनियाद : धर्म के आईने से… हिन्दी साहित्य के इतिहास की बुनियाद वैष्णव साहित्य के सीमेंट से भरी गयी थी जिसमें जैन और सिख मतावलंबियों की रागात्मकता का गारा नहीं मिलाया गया था। यदि बुनियाद में ही गारे के साथ सिद्धों और नाथों की रचनाओं का मसाला भी इसमें मिला लिया गया होता तो आज हम वैष्णव साहित्य की फ़सीलों पर जैनियों, सूफियों और सिख साहित्य के बहुरंगी झंडे फहरते हुए दिखाई […]

 September 14, 2017
लेख – “धर्म की राजनीति” – मनीष देव

लेख – “धर्म की राजनीति” – मनीष देव

“धर्म की राजनीति” “धर्म की राजनीति” – वर्तमान में इन शब्दों का प्रयोग हम अपने देश में प्रायः सुना करते हैं, कभी नेताओं के भाषण में तो कभी लेखकों के लेख में या फिर पत्रकारों की पत्रकारिता अथवा समाचार में। प्रायः लोगो को कहते हुए सुनते हैं कि धर्म की राजनीती नहीं होनी चाहिए अर्थात राजनितिक स्वार्थों को साधने के लिए धर्म का प्रयोग नहीं होना चाहिए। यधपि, आज हम चर्चा ‘धर्म की राजनीति’ नहीं अपितु […]

 August 17, 2017
“संवाद” से पर्यावरण को शुद्ध करने का लिया संकल्प

“संवाद” से पर्यावरण को शुद्ध करने का लिया संकल्प

सितागू इण्टरनेशनल बुद्धिस्ट एकेडमी यंगून में डायलाग फार पीस, हारमोनी एवं सुरक्षा’ विषय पर संवाद-∏ का आयोजन परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने हिस्सा लिया पारस्परिक मतभेदों को दूर करने तथा पर्यावरण के प्रति जागरूक करने का लिया संकल्प जैसा संसार हम चाहते हैं उस रूप में स्वयं को बदलना ही सकारात्मक परिवर्तन का आधार स्तंभ – स्वामी चिदानन्द सरस्वती ऋषिकेश, 9 अगस्त; सितागू इण्टरनेशनल बुद्धिस्ट एकेडमी यंगून में विवेकानन्द इण्टरनेशलन फाउण्डेशन, दिल्ली, टोकियो […]

 August 9, 2017
क्या है लाफिंग बुद्धा के पीछे की कहानी

क्या है लाफिंग बुद्धा के पीछे की कहानी

महिलाएं अक्सर अपने घर की इंटीरियर डिजाइनिंग के दौरान वास्तु का काफी ध्यान रखती है. ऐसे में आप अक्सर महत्मा बुद्धा, लाफिंग बुद्धा, फेंगशुई की अन्य वास्तु जैसे विंड चाईम वगरह से घर की आतंरिक साज सज्जा करती भी होंगी. पुरुषों ने भी अपने घर में, अपने आसपास, ऑफिस में और दुकानों में लाफिंग बुद्धा की तस्वीर या मूर्ति ज़रूर देखी होगी या लगा भी राखी होंगी.लेकिन क्या आप यह नहीं जानना चाहेंगे कि लाफिंग […]

 July 4, 2017
समुद्र किनारे बुद्ध की सबसे लम्बी प्रतिमा बनाकर बनाया विश्व रिकॉर्ड

समुद्र किनारे बुद्ध की सबसे लम्बी प्रतिमा बनाकर बनाया विश्व रिकॉर्ड

कोलोंबो:अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त भारतीय कलाकार सुदर्शन पटनायक ने श्रीलंका में महात्मा बुद्ध की चालीस फुट लंबी रेत की प्रतिमा बनाई है. यह दुनिया की सबसे लंबी बुद्ध प्रतिमा है. पटनायक को श्रीलंका सरकार द्वारा आयोजित १४वें अंतरराष्ट्रीय बैशाख दिवस समारोह में हिस्सा लेने के लिए भारतीय उच्चायोग ने आमंत्रित किया था. उन्होंने दस मई को समुद्र के निकट प्रतिमा का निर्माण किया. पटनायक ने दियावन्ना वैसाक में लोगों को उनकी कलाकृति देखने के लिए आमंत्रित […]

 May 13, 2017