बोधगया, 3 जनवरी; तिब्बती बौद्ध धर्म गुरु परम् पावन दलाई लामा कालचक्र मैदान में ग्यालसे थोगमेद जाड़पो द्वारा रचित 37 प्रेक्टिसेस ऑफ द बोधिसत्व पर प्रवचन दिया। इसके बाद शुक्रवार को अवलोकितेश्वर दीक्षा प्रदान करेंगे। साथ ही 4 से 6 जनवरी तक परम् पावन 2018 में शेष रह गए द व्हील ऑफ टीचिंग और मंजूश्री पर प्रवचन पूरा करेंगे।
विशेष शैक्षणिक सत्र में शामिल होने भूटान, नेपाल, तिब्बत, अमेरिका, जापान, रूस, इंडोनेशिया, जर्मनी, कम्बोडिया, स्पेस, कोरिया, चीन, मंगोलिया, हंगरी, थाईलैंड सहित करीब 47 देशों के 35 हजार बौद्ध श्रद्धालु बोधगया पहुंचे हैं। कालचक्र मैदान में बने भव्य पंडाल को आकर्षक तरीकों से सजाया गया है। साथ ही महाबोधि मंदिर से कालचक्र मैदान सहित आसपास इलाके को अभेद्य किले में तब्दील कर दिया गया है।
गुरुवार सुबह से ही कालचक्र मैदान में अलग-अलग गेटों से श्रद्धालुओं का प्रवेश शुरू हो गया। इससे पहले बुधवार देर शाम डीएम अभिषेक सिंह, एसएसपी राजीव मिश्रा, सिटी एसपी राकेश कुमार सहित पुलिस अधिकारियों ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया। साथ ही संबंधित प्वाइंट्स पर तैनात सुरक्षाकर्मियों व दण्डाधिकारियों को सुरक्षा से जुड़े अहम निर्देश दिया।
Editorial Review Note
Religion World provides information on all religions and presents it impartially. You can send us information, news, updates, opinions, and suggestions at religionworldin@gmail.com. You can also follow us on X (Twitter), Facebook, and YouTube.