नयी दिल्ली, 5 फरवरी; प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा बनाई गई श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की घोषणा के बाद ट्रस्ट से जुड़े 15 सदस्यों के नाम भी घोषित किये जा चुके हैं।
ये होंगे श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के 15 सदस्य


- के पारासरन : सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील हैं जिन्होंने अयोध्या मामले में 9 साल तक हिंदू पक्ष की पैरवी की।
- जगतगुरुशंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वतीजी महाराज (प्रयागराज) : स्वामी वासुदेवानंद सरस्वतीजी महाराज बद्रीनाथ स्थित ज्योतिष पीठ से जुड़े हैं
- जगतगुरु मध्वाचार्य स्वामी विश्व प्रसन्नतीर्थ जी महाराज : स्वामी विश्व प्रसन्नतीर्थ जी महाराज कर्नाटक के उडुपी स्थित पेजावर मठ के तैंतीसवे पीठाधीश्वर हैं।
- युगपुरुष परमानंद जी महाराज : अखंड आश्रम हरिद्वार के प्रमुख परमानंदजी महाराज की वेदांत पर 150 से ज्यादा किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं।
- स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज : स्वामी गोविंद देव महाराष्ट्र के विख्यात आध्यात्मिक गुरु सत्यमित्रानंद जी के शिष्य हैं।
- विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्रा : अयोध्या के पूर्व शाही परिवार के राजा विमलेंद्र प्रताप मिश्रा अयोध्या राजपरिवार के वंशज हैं।
- डॉ. अनिल मिश्र, होम्पयोपैथिक डॉक्टर : मूलरूप से अंबेडकरनगर निवासी अनिल अयोध्या के प्रसिद्ध होम्योपैथी डॉक्टर हैं। इन्होने 1992 में राम मंदिर आंदोलन में पूर्व सांसद विनय कटियार के साथ महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
- श्री कामेश्वर चौपाल, पटना (एससी सदस्य) : कामेश्वर चौपाल ने 1989 में राम मंदिर में शिलान्यास की पहली ईंट रखी थी। राम मंदिर आंदोलन में सक्रिय भूमिका और दलित होने के नाते उन्हें यह मौका दिया गया।
- बोर्ड ऑफ ट्रस्टी द्वारा नामित एक ट्रस्टी, जो हिंदू धर्म का हो।
- बोर्ड ऑफ ट्रस्टी द्वारा नामित एक ट्रस्टी, जो हिंदू धर्म का हो।
- महंत दिनेंद्र दास : यह अयोध्या के निर्मोही अखाड़े के अयोध्या बैठक के प्रमुख। हालाँकि ट्रस्ट की बैठकों में उन्हें वोटिंग का अधिकार नहीं होगा।
- केंद्र सरकार द्वारा नामित एक प्रतिनिधि, जो हिंदू धर्म का होगा और केंद्र सरकार के अंतर्गत भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) का अफसर होगा। यह व्यक्ति भारत सरकार के संयुक्त सचिव के पद से नीचे नहीं होगा। यह एक पदेन सदस्य होगा।
- राज्य सरकार द्वारा नामित एक प्रतिनिधि, जो हिंदू धर्म का होगा और उत्तर प्रदेश सरकार के अंतर्गत भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) का अफसर होगा। यह व्यक्ति राज्य सरकार के सचिव के पद से नीचे नहीं होगा। यह एक पदेन सदस्य होगा।
- अयोध्या जिले केकलेक्टर पदेन ट्रस्टी होंगे। वे हिंदू धर्म को मानने वाले होंगे। अगर किसी कारण से मौजूदा कलेक्टर हिंदू धर्म के नहीं हैं, तो अयोध्या के एडिशनल कलेक्टर (हिंदू धर्म) पदेन सदस्य होंगे।
- राम मंदिर विकास और प्रशासन से जुड़े मामलों के चेयरमैन की नियुक्ति ट्रस्टियों का बोर्ड करेगा। उनका हिंदू होना जरूरी है।
ट्रस्ट के नियम
जिन ट्रस्टीयों के नाम घोषित हैं (अनुक्रमांक 2 से 8 ) उन्हें 15 दिन में सहमति देनी होगी। ट्रस्टी नंबर 1 इस दौरान ट्रस्ट स्थापित कर अपनी सहमति दे चुका होगा। उसे अनुक्रमांक 2 से अनुक्रमांक 8 तक के सदस्यों की तरफ से ट्रस्ट बनने के 15 दिन के अंदर सहमति ले लेनी होगी।
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