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काशी के संतों ने की बैठक, विस्तारीकरण के नाम पर पुराने मंदिरों को नहीं तोड़े जाने की अपील

काशी के संतों ने की बैठक, विस्तारीकरण के नाम पर पुराने मंदिरों को नहीं तोड़े जाने की अपील

काशी के संतों ने की बैठक, विस्तारीकरण के नाम पर पुराने मंदिरों को नहीं तोड़े जाने की अपील
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काशी के संतों ने की बैठक, विस्तारीकरण के नाम पर पुराने मंदिरों को नहीं तोड़े जाने की अपील

काशी के संतों ने की बैठक, विस्तारीकरण के नाम पर पुराने मंदिरों को नहीं तोड़े जाने की अपील

वाराणसी के संत एक स्वर में विकास के नाम पर पुराने मंदिरों को तोड़े जाने के प्रयास के खिलाफ एकतित्र हो रहे है। केदारघाट स्थित श्रीविद्यामठ में काशी के सन्तों की एक आपात बैठक मठ के स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वतीजी ने बुलाई, जिसका उद्देश्य काशी विश्वनाथ मन्दिर परिसर को विस्तारीकरण के नाम पर पुराने मन्दिरों को तोड़े जाने के सम्बन्ध में काशी के सन्तों की राय जानना था । इस सभा में संन्यासियों के साथ वैष्णव सन्त भी सम्मिलित थे ।

इस खास बैठक में पधारे सभी संतों ने अपनी अपनी राय रखी। महन्थ श्री मोहनदास जी ने कहा कि यदि हम सच्चे हिन्दू हैं, धर्म को मानते हैं, गुरु को मानते हैं तो इस घटना को देख सुनकर चुप रहना जघन्य अपराध है । यहाँ पर दिखाए गए चित्रों को देखकर हृदय कांप रहा ।

महन्थ श्री रामेश्वर दास जी ने कहा कि काशी में जो यह घटना हुई है यह अनुचित है । स्वामिश्रीः एक कदम आगे बढ़ाएं पूरी काशी उनके साथ है ।

महन्थ श्री रामदास जी ने कहा कि हम भगवान् की सेवा के लिए साधु बनते हैं । हम सभी सन्त मिलकर प्रयास करेंगे तभी बचेगा । महात्माओं के पास तपस्या का बल है । सन्त संगठित हों, एकमत हो । हम ही सरकार बनाते हैं और हम ही बिगाड़ते हैं ।

महन्थ श्री गोविन्द दास जी ने कहा कि सरकार का यह कार्य आ कंचना के योग्य है । मन्दिर मूर्ति तोड़ना सरकार का घृणित कार्य है । यही इच्छा है कि पूजन और पाठ फिर से आरम्भ हो ।

महन्थ श्री रामकरण दास जी ने कहा कि काशी मुक्ति भूमि है । विद्या का केन्द्र है । पूरे देश की आध्यात्मिक समस्या का हल काशी से निकलता है । सरकार की योजना धर्म संस्कृति सन्तो के विरुद्ध है । सरकार पर दबाव बनाना चाहिएं । काशी मन्दिर मूर्ति की रक्षा हम सबका कर्तव्य है ।

स्वामी ईश्वराननाद तीर्थ जी ने कहा कि सरकार को जो भी काम करना हो वह उन उन क्षेत्रों के विशेषज्ञों से सलाह लेकर करना चाहिए । मन्दिर का मामला है तो सन्तो से सलाह लें । शास्त्रीयता का विचार करना चाहिए ।

महन्थ श्री राम लोचन दास जी ने कहा कि देवी देवताओं ने हमारा क्या बिगाड़ा ? इस कुकृत्य के लिए सख्त कार्यवाही होनी चाहिए ।

पातालपुरी मठ के महन्थ श्री बालकदास जी ने कहा कि मठ मन्दिर सन्तो पर भू माफियाओं पर नजर है । जो सन्त धर्म के नाम पर आगे आता है उसको बदनाम कर षड्यन्त्र कर जेल भेजने का कार्य किया जाता है । हम सबको एकजुट रहना होगा । सन्तो की एक संस्था बने जो काशी ही नहीं देशव्यापी स्तर पर कार्य करे । काशी के मठों मन्दिरो व सन्तो की सुरक्षा हो । सन्तो का दल योगी जी से मिले और उनको समझाए ।

काशी विश्वनाथ मन्दिर के महन्थ श्री राजेन्द्र तिवारी बबलू जी ने कहा कि काशी में लोग धर्मार्थ पुण्य अर्जित करने आते हैं और सरकार धन कमाने की योजना बना रही है ।

धरोहर बचाओ समिति के श्री संजीव जी ने कहा कि काशी विश्वनाथ मन्दिर एक्ट बना हुआ है । उसमें सरकार किसी मन्दिर को खरीद नहीं सकती । अधिगृहीत करके भी तोडी नही जा सकती । कानून को बनाकर सरकार स्वयं कानून क्यों तोड रही ।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से प्रमोद माझी, स्वामी प्रह्लाद आश्रम जी, महन्थ दीनदयाल दास जी रामेश्वर दास जी पद्माकर पाण्डेय जी ए के लारी जी राजेश्वर तिवारी जी मणिशंकर जी स्वामी राजदेवानन्द तीर्थ जी स्वामी जितेन्द्रनाथ तीर्थ जी स्वामी अनुजाश्रम जी स्वामी प्रबुद्ध आश्रम जी रामदेव आश्रम जी स्वामी रामविलास दास जी स्वामी देवा आश्रम जी स्वामी चन्द्रा आश्रम जी स्वामी केदारानन्द तीर्थ जी स्वामी जनकेश्वरानन्द तीर्थ जी स्वामी रामदेव आश्रम जी स्वामी रामानन्द तीर्थ जी विजय रामदास कोतवाल जी डा श्रीप्रकाश मिश्र जी सावित्री पाण्डेय जी श्रीप्रकाश पाण्डेय जी दीपेश दुबे जी आदि जन उपस्थित रहे ।

पारित निर्णय – सभी ने एक स्वर से निर्णय लिया कि…

  • काशी में हुई इस घटना के सम्बन्ध में सन्तो का दल मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ जी से मिले । इस हेतु पातालपुरी मठ के महन्थ श्री बालकदास जी को समय आदि लेने की जिम्मेदारी दी गई ।
  • धर्माचार्य परिषद् का गठन किया जाए जो देशव्यापी स्तर पर धर्म के विषय में कार्य करे ।
  • सभी सन्तों ने हर हर महादेव और जय जय श्री सीताराम के उद्घोष किया ।
  • कार्यक्रम का शुभारम्भ वैदिक मंगलाचरण से हुआ । विषय स्थापना कृष्ण कुमार जी ने किया । संचालन मयंक शेखर मिश्र जी ने किया।

शंकराचार्य जी ने कहा काशी में हो रहा अनर्थ 

बैठक के बाद स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानन्दः सरस्वती जी ने काशी में हुई सारी घटना जबलपुर में विराजमान ज्योतिष्पीठ एवं द्वारका शारदा पीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानन्द सरस्वती जी महाराज से फोन पर कही । पूज्य शंकराचार्य जी महाराज ने कहा कि काशी में यह घोर अनर्थ हो रहा है । ऐसा नहीं होना चाहिए । हमारे धर्म मन्दिर और मूर्ति से खिलवाड़ कदापि सहनीय नहीं । इस पर सरकार तत्काल संज्ञान ले और तत्काल इस कुकृत्य को रोके और मन्दिर मूर्ति आदि को संरक्षित करे अन्यथा घोर अनर्थ होगा।

योगी आदित्यनाथ को पत्र

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वतीजी ने इस विषय से प्रदेश की सरकार को अवगत कराने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी पत्र लिखा है। इसकी प्रतिलिपि देश के प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और राज्य के राज्यपाल को भी भेजी गई। है।

पढिेए पत्र…

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Written by Religion World — Bhavya Srivastava is the founder of Religion World and a veteran journalist with over 18 years of experience across broadcast, print, and digital media. A founding member of the International Association of Religion Journalists (IARJ), he has spent much of his career reporting on and producing content about religion, faith, and spirituality. .

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April 6, 2018 5 min read
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