RELIGION WORLD — THE INDEPENDENT SCIENTIFIC & INTERFAITH JOURNAL
Navigation

© 2026 Religion World Foundation.

Global Faith • Scientific Heritage • Human Ethics

भारत रक्षा मंच के 3 दिवसीय अधिवेशन में शामिल हुए संत और राजनेता 

भारत रक्षा मंच के 3 दिवसीय अधिवेशन में शामिल हुए संत और राजनेता 

भारत रक्षा मंच के 3 दिवसीय अधिवेशन में शामिल हुए संत और राजनेता 
Visual Archive

भारत रक्षा मंच के 3 दिवसीय अधिवेशन में शामिल हुए संत और राजनेता 

भारत रक्षा मंच के 3 दिवसीय अधिवेशन में शामिल हुए संत और राजनेता 

नई दिल्ली । छतरपुर मंदिर परिसर में चल रहे भारत रक्षा मंच के 3 दिवसीय के दूसरे दिन के कार्यक्रम में सुब्रमण्यम स्वामी मुख्य अतिथि तथा जम्मू से आए स्वामी अमृतानंद देवतीर्थ जी विशेष अतिथि रहे।

प्रखर हिंदू मुखर राष्ट्र व देश में बांग्लादेशी मुसलमानों की बढ़ती जनसंख्या जैसे गम्भीर मुद्दों पर हो रहे अधिवेशन में मंच से बोलते हुए सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि ये हिंदुओं के लिए ये एक बड़ी चिंता का विषय है तथा हिन्दू आज भी इतिहास की सही जानकारी के अभाव के अभाव के कारण उलझन में है क्योंकि उनको आजतक सही इतिहास पढ़ाया ही नही गया मगर अब हिंदू जब तक विराट नही बनेगा तब तक हम चुप बैठने वाले नहीं हैं।

मंच से अधिवेशन में देशभर से आए प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूर्यकांत केलकर जी कहा कि पहले सैनिक पराक्रम दिखाते रहे और नेता गद्दारी करते रहे परन्तु अब समय आ गया है कि सरकार उपद्रवियों को उन्हीं की भाषा मे समझाए और अलगाववादियों की धमकियों के आगे ना झुकें।उन्होंने कहा बांग्लादेश से मुसलमान घुसपैठ एक राष्ट्रीय समस्या है और हमें समय रहते हुए इसको रोकने के सार्थक व प्रभावशाली कदम उठाने होंगे।

केलकर जी ने मंच से आह्वान करते हुए कहा कि सरकार दमनकारियों को कुचले तथा इस कार्य मे जनता सरकार का पूर्ण सहयोग करेगी। मंच से उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि अब सही समय आ गया है और सरकार भी अपनी है तो हमको मिलकर हिंदुओं के उत्थान के लिए मिलकर सामुहिक व निर्णायक कदम उठाने होंगें।वही जम्मू से आए स्वामी अमृतानंद देवतीर्थ जी ने कहा की हमारी संस्कृति व हिंदुओं ने हमेशा से ‘सर्वे धर्म सुखेना’ का संदेश विश्व को दिया है तथा प्राचीनकाल से आज तक भारत ही विश्व गुरु रहा है। वही अधिवेशन में देशभर से 1500 से अधिक कार्यकर्ताओं के साथ साधु-संत भी पहुंचे हुए हैं। देश में कई ज्वलंत समस्याओं को प्रमुखता से उठाने वाले प्रसिद सामाजिक संगठन भारत रक्षा मंच का अधिवेशन कल 3 दिसंबर तक चलेगा I गणमान्य व्यक्ति अधिवेशन में शामिल होंगे I

मंच के दिल्ली प्रदेश सयोजक व अध्यक्ष डॉ. सिंघल ने बताया की ये अधिवेशन में देश मे बढ़ती घुसपैठ को रोकने के साथ हिंदुओं की अन्य समस्याओं पर गहन चिंतन हो रहा है जो कि कल तक जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि इस राष्ट्रीय अधिवेशन में देश भर से आए प्रतिनिधियों एवं अथितियों के निवास, भोजन की भी पूरी वयवस्था की गई है I भारत रक्षा मंच भारत की आंतरिक सुरक्षा हेतु समाज को जागृत, मुखर, आत्मविश्वास युक्त एवम भारत -भक्त बनाने के काम में लगा एक राष्ट्रवादी एवम देशव्यापी संघठन है।

Editorial Review Note

Written by Religion World — Bhavya Srivastava is the founder of Religion World and a veteran journalist with over 18 years of experience across broadcast, print, and digital media. A founding member of the International Association of Religion Journalists (IARJ), he has spent much of his career reporting on and producing content about religion, faith, and spirituality. .

Religion World provides information on all religions and presents it impartially. You can send us information, news, updates, opinions, and suggestions at religionworldin@gmail.com. You can also follow us on X (Twitter), Facebook, and YouTube.

December 2, 2017 3 min read
Share:

Related Historical & Critical Essays

Hinduism

बाबा बैद्यनाथ धाम का रावण से क्या है संबंध? जानिए क्यों कहलाता है ‘कामना लिंग’

झारखंड के देवघर में स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक माना जाता है। यह धाम केवल अपनी धार्मिक महिमा के लिए ही…

Read now
Hinduism

कांवड़ यात्रा में कांवड़ को जमीन पर क्यों नहीं रखा जाता? जानिए इसके पीछे की धार्मिक मान्यता और नियम

सावन के पवित्र महीने में लाखों शिवभक्त कांवड़ यात्रा निकालते हैं। श्रद्धालु गंगा या अन्य पवित्र नदियों से जल भरकर पैदल यात्रा करते हैं और भगवान शिव का…

Read now
Hinduism

हरियाली तीज 2026: विवाहित महिलाएं व्रत और पूजा के दौरान क्या करें और क्या नहीं? जानिए धार्मिक निय

हरियाली तीज हिंदू धर्म का प्रमुख पर्व है, जिसे विशेष रूप से विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु, सुखी दांपत्य जीवन और अखंड सौभाग्य की कामना के…

Read now

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *