शारदीय नवरात्रि 2019 में बन रहा ये खास योग
- नवरात्र की प्रतिप्रदा का शुभारंभ अमृत सिद्धि योग से
- इस वर्ष 29 सितंबर प्रतिपदा को दोपहर 12.45 बजे पर बुध, तुला राशि मे प्रवेश
- नवरात्रि के अंतिम दिवस महानवमी पर सांय 17.26 से रात्रि तक सर्वार्थसिद्धि का शुभ संयोग
- 4 अक्टूबर को प्रात: 5.14 बजे शुक्र का भी स्वराशि तुला में प्रवेश
उज्जैन के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पण्डित दयानन्द शास्त्री जी ने बताया कि इस वर्ष 29 सितंबर प्रतिपदा को दोपहर 12.45 बजे पर बुध, तुला राशि मे प्रवेश कर रहा हैं, जिसके चलते दूज पंचमी व छठ को तेज़ हवा सहित मध्यप्रदेश में कहीं हल्की तो कही भारी वर्षा के योग भी बनेंगें।
इसी तरह 4 अक्टूबर को प्रात: 5.14 बजे शुक्र का भी स्वराशि तुला में प्रवेश हो रहा हैं, जिसके चलते मौसम में बदलाव होने के योग हैं।
इस दिन सांयकालीन बारिश की संभावना रहेंगी। इस कारण गरबा आयोजक को सुझाव दिया कि इस नवरात्रि के दौरान तेज़ हवा व बारिश को ध्यान में रखते हुए आयोजन की उचित व्यवस्था करें ओर सावधानी रखें।
नवरात्र में इस साल रविवार युक्त हस्त नक्षत्र में प्रारंभ हो रहा हैं जो धर्म समृद्धि साधना आराधना हेतु सर्वोत्तम हैं। नवरात्र की प्रतिप्रदा का शुभारंभ अमृत सिद्धि योग से हो रहा हैं।
इस बार शारदीय नवरात्र 2019 की प्रतिपदा पर पंचग्रहों की युक्ति निर्मित हो रही हैं, जिसमें सूर्य चंद्र मंगल शुक्र व बुध एक ही राशि कन्या में स्तिथ रहेंगे, जिसके चलते कही-कही हड़ताल प्रदर्शन आंदोलन की स्थिति देखने को मिलेंगी, साथ ही इन ग्रहों की संयुक्त युक्ति से वातावरण में मौसमी बदलाव भी देखने को मिलेगा। प्रतिप्रदा पर सूर्योदय से सांय 17.07 बजे तक अमृतसिद्धि योग बन रहा हैं।
नवरात्रि के अंतिम दिवस महानवमी पर सांय 17.26 से रात्रि तक सर्वार्थसिद्धि का शुभ संयोग बन रहा हैं।
इस बार नवरात्र में की गई ज़रूरतमन्द की सेवा, पौधों का रोपण अनन्त गुना पूण्य फल के रूप में पुन: प्राप्त होंगा। उन्होंने गरबा आयोजक एवम नवरात्रि पंडाल बनाने वालों को आगाह किया कि आयोजक मण्डल नवरात्रि में तेज़ हवा व बारिश को ध्यान में रखते हुए आयोजन की व्यवस्था करें।
यह रहेंगें 29 सितम्बर 2919 की घट स्थापना के शुभ मुहूर्त
चल का चौघड़िया – प्रात: 7.50 से 9.19 बजे तक।
लाभ का चौघड़िया -प्रात: 9.19 से 10.48 तक।
अमृत का चौघड़िया – प्रात: 10.48 से 12.17 तक।
शुभ का चौघड़िया -दोपहर 12.46 से 15.15 तक।
अभिजित मुहूर्त- दोपहर 11.53 से 12.41 बजे तक।
Editorial Review Note
Written by Religion World — Bhavya Srivastava is the founder of Religion World and a veteran journalist with over 18 years of experience across broadcast, print, and digital media. A founding member of the International Association of Religion Journalists (IARJ), he has spent much of his career reporting on and producing content about religion, faith, and spirituality. View full profile →.
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