14वें इस्लामिक शिखर सम्मेलन का मक्का घोषणापत्र जारी
मक्का, 3 जून; सऊदी अरब के मक्का में शुरू होने वाले इस्लामिक सहयोग संगठन (ओआईसी) के 14वें शिखर सम्मेलन ने अपने घोषणापत्र में फिलिस्तीनी के महत्व को रेखांकित किया. यह घोषणापत्र दो पवित्र मस्जिदों के संरक्षक किंग सलमान बिन अब्दुल अजीज सऊद की अध्यक्षता में बीते शुक्रवार की बैठक के बाद ओआईसी सदस्य देशों के नेताओं द्वारा जारी किया गया. घोषणा में आतंकवाद, उग्रवाद और कट्टरता के सभी रूपों व अभिव्यक्तियों को खारिज कर दिया गया.
ओआईसी सदस्य देशों ने सऊदी अरब और यूएई के खिलाफ आतंकवादी हमलों की निंदा की. इससे पहले सऊदी तेल पंपिंग स्टेशनों व संयुक्त अरब अमीरात के जलक्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों की की घटनाएं हुईं थीं, जिससे क्षेत्र में शांति व सुरक्षा को खतरा उत्पन्न हुआ है.
यह भी पढ़ें-जिस देश में सूरज अस्त नहीं होता वहां कैसे खोला जाता है रोज़ा ?
घोषणापत्र ने ओआईसी के सदस्य देशों के सामने आने वाली राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए ईमानदारी से काम करने की आवश्यकता को रेखांकित किया. घोषणापत्र ने प्रासंगिक अंतरराष्ट्रीय प्रस्तावों के मुताबिक, 1967 के बाद से अरब और फिलिस्तीनी क्षेत्रों पर इजरायली कब्जे को खत्म करने पर बल दिया, साथ ही कब्जे के खिलाफ संघर्ष में फिलिस्तीनी लोगों के साथ पूर्ण एकजुटता की पुष्टि की. घोषणापत्र में आतंकवाद के संकट का मुकाबला करने के लिए निवारक कानूनों और नियंत्रणों को लागू करने के महत्व पर बल दिया गया. घोषणा ने आतंकवाद को किसी भी राष्ट्रीयता, सभ्यता या धर्म से जोड़ने के किसी भी प्रयास को खारिज कर दिया. इसने हिंसा फैलाने वाले समूहों और संगठनों को कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष समर्थन प्रदान करने के प्रयासों को भी खारिज कर दिया. घोषणा में पुष्टि की गई कि सोशल मीडिया के प्रभारियों के पास इस्लामी बिरादरी के लक्ष्यों और उद्देश्यों को प्राप्त करने की बड़ी जिम्मेदारियां हैं. इस दस्तावेज़ ने उन मुसलमानों द्वारा गैर-इस्लामी राष्ट्रों में खड़े होने के महत्व को रेखांकित किया जो उत्पीड़न, अन्याय, जबरदस्ती और आक्रामकता से पीड़ित हैं. इस संबंध में ओआईसी के सदस्य देशों ने ऐसे मुस्लिम समुदायों को पूर्ण समर्थन देने और उनके राजनीतिक और सामाजिक अधिकारों को सुनिश्चित करने के अपने दृढ़ संकल्प की पुनः पुष्टि की.
खबर साभार:अमीरात समाचार एजेंसी
Editorial Review Note
Written by Religion World — Bhavya Srivastava is the founder of Religion World and a veteran journalist with over 18 years of experience across broadcast, print, and digital media. A founding member of the International Association of Religion Journalists (IARJ), he has spent much of his career reporting on and producing content about religion, faith, and spirituality. View full profile →.
Religion World provides information on all religions and presents it impartially. You can send us information, news, updates, opinions, and suggestions at religionworldin@gmail.com. You can also follow us on X (Twitter), Facebook, and YouTube.