महात्मा गांधी का जीवन
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी भारत की आत्मा है। उनका पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी था। उनका जन्म 2 अक्टूबर, 1869, पोरबंदर गुजरात में हुआ था। वे भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के पितामह थे। उऩका जीवन बहुत ही रोचक था। गांधी जी के पिता का नाम करमचंद गांधी था जो कि राजकोट के दीवान थे और इनकी माता का नाम पुतलीबाई था।

गांधी जी ने स्वतंत्रता के लिए हमेशा सत्य और अहिंसा का मार्ग चुना और कई आंदोलन किए। गांधी जी ने दक्षिण अफ्रीका के सत्याग्रह संघर्ष के दौरान, जोहांसबर्ग से 21 मील दूर एक 1100 एकड़ की छोटी सी कालोनी, टॉलस्टॉय फार्म स्थापित की थी।
आइए उनके द्वारा कहे गए कुछ विचारों को पढ़कर अपने जीवन में उतारने की कोशिश करते है।
किसी भी व्यक्ति के विचार ही सबकुछ हैं। वह जो सोचता है, वह बन जाता है।
पहले वो आपकोअनदेखा करेंगे, उसके बाद आप पर हँसेंगे, फिर वो आप से लड़ेंगे, और तब आप जीत जायेंगे।
अगर आप खुद को खोजना चाहते हैं तो सबसे बढ़िया तरीका है, आप दूसरों की सेवा में खुद को खो दो।
सभी धर्म एक ही शिक्षा देते हैं, बस उनकेदृष्टिकोण अलग–अलग हैं।
इस तरह से जियें जैसे आप कल मरने वाले हैं। इस तरह से सीखें जैसे आप वर्षों जीवित रहने वाले हैं।
आप अपनी विनम्रता द्वारा पूरीदुनिया को हिला सकते हैं।
कमज़ोर कभीक्षमानहीं कर सकते, क्षमा तो ताकतवर व्यक्ति की विशेषता है।
कोई भी हमारे आत्म सम्मान के साथ नहीं खेल सकता, जबतक हम इसकी इज़ाज़त न दें।
एक अच्छा इंसान सभी जीवों का मित्र होता है।
किसी देश का विकास और महानता का अनुमान वहां के पशुओंके साथ होने वाले व्यवहार से लगा सकते हैं।
शांति का कोई दूसरा रास्ता नहीं है, केवल शांति है।
वह सम्भव है की आप सोने को और अधिक चमकीला बना दें, पर कौन हैं जो अपनी माँ को और अधिक सुन्दर बना सकता है।
एक राष्ट्र की संस्कृति लोगों केदिलों में और आत्मा में बसती है।
प्रयास करने में ही संतोष निहित है, प्राप्ति में नहीं। आपका पूर्ण प्रयास ही आपकी पूर्ण विजय है।
जब तक आप किसी को वास्तव में खो नहीं देते, तब तक आप उसकी अहमियत नहीं समझते।
प्रार्थना करने में शब्दों से जयादा दिल काहोना जरूरी हैं। बिना दिल के शब्दों से की गई प्रार्थना निरार्थक हैं।
आप भी अपने आप में वह परिवर्तन लाएं जो आप दुनिया में देखना चाहते हैं।
एक सभ्य और और आदर्शपरिवार के समान कोई विद्यालय नहीं है और एक भले अभिभावक जैसा कोई अन्य शिक्षक नहीं है।
एक भूखें के लिए रोटी ही उसका भगवान है।
हर रात, जब मैं सोने जाता हूँ, मैं मर जाता हूँ। अगली सुबह, जब मैं उठता हूँ, मेरा पुनर्जन्म होता है।
मौन रहना सबसे सशक्त भाषण है। धीरे–धीरे ये दुनिया आपको जरूर सुनेगी।
श्रेष्ठ होने का अनंत प्रयास मनुष्य का कर्तव्य है; यह अपना प्रतिफल है। बाकी सब कुछ भगवान के हाथ में है।
गरीबी हिंसा का सबसे बुरा रूप है।
एक स्त्री के लिए उसका चरित्र और पवित्रता ही सबसे बड़ा गहना है।
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Editorial Review Note
Written by Religion World — Bhavya Srivastava is the founder of Religion World and a veteran journalist with over 18 years of experience across broadcast, print, and digital media. A founding member of the International Association of Religion Journalists (IARJ), he has spent much of his career reporting on and producing content about religion, faith, and spirituality. View full profile →.
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