RELIGION WORLD — THE INDEPENDENT SCIENTIFIC & INTERFAITH JOURNAL
Navigation

© 2026 Religion World Foundation.

Global Faith • Scientific Heritage • Human Ethics

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी कब मनावें?

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी कब मनावें?

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी कब मनावें?
Visual Archive

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी कब मनावें?

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी कब मनावें? – शास्त्रोक्त मंथन व निष्कर्ष

*निशीथे तमउद्भूते जायमाने जनार्दने।
देवक्यां देवरूपिण्यां विष्णु: सर्वगुहाशय:॥*
(श्रीमद्भागवत महापुराण १०/०३/०८)*

मंथन:
दिनांक १४/०८/२०१७ को सूर्योदय से सप्तमी व रात्रि ७:४५ के उपरान्त अष्टमी तिथि है जो कि अर्धरात्रि के समय भी रहेगी। अतएव एक मत के अनुसार आज रात्रि में केवल अष्टमी तिथि ग्राह्य होने के कारण कुछ लोग श्रीकृष्ण जन्म आज मना रहे हैं।

परन्तु; निर्णय सिन्धु के अनुसार “पूर्वविद्धाष्टमी या तु उदये नवमीदिने। मूहुर्तमपिसंयुक्ता सम्पूर्णौ साष्टमी भवेत्॥ कलाकाष्ठामुहूर्तापि यदा कृष्णाष्टमीतिथि:। नवम्यां सैव ग्राह्या स्यात्सप्तमीसंयुता न हि॥ (निर्णय सिंधु परिच्छेद २, पृष्ठ १९१)

अर्थात् सूर्योदय से युक्त अष्टमी संग नवमी तिथि को ही श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मान्य करनी चाहिये। अष्टमी युक्त नवमी ग्राह्य है, परन्तु; सप्तमी युक्त अष्टमी नहीं। यही बात ब्रह्मवैवर्त पुराण में भी स्पष्ट है कि प्रात: संकल्पकालव्याप्तेराधिक्यात्। वर्जनीया प्रयत्नेन सप्तमीसंयुताष्टमी। इति ब्रह्मवैवर्ताच्च (निर्णय सिंधु पृष्ठ १९०)

ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार भगवान् श्रीकृष्ण का प्राकट्य भादों कृष्णपक्ष, रोहिणी नक्षत्र, वृष राशि के चन्द्र तथा सिंह राशि के सूर्य आदि में हुआ।

दिनांक १५/०८/२०१७, मंगलवार को सूर्योदय से सायं ५:३९ तक अष्टमी, तदोपरान्त नवमी है तथा ब्रह्मवैवर्तपुराण के अनुसार उपरोक्त योग भी बन रहा है। प्रात: ९:३६ के बाद वृष के चन्द्रमा रहेंगे, जो रात्रि १२ बजे भी है तथा रात्रि २:३० बजे के उपरान्त रोहिणी नक्षत्र भी आ जायगा।

निष्कर्ष: उपरोक्त शास्त्र-मंथन वैदिक यात्रा शोध-केन्द्र द्वारा प्रमाणित है। अत: दिनांक १५/०८/२०१७ को अर्धरात्रि में ही श्रीकृष्ण प्राकट्योत्सव मनाना चाहिए।

—————

वैदिक यात्रा परिवार
वैदिक यात्रा गुरुकुल (भागवत विद्यालय)
श्री अमरनाथ धाम, श्री श्रीनाथ शास्त्री मार्ग, वृन्दावन

Editorial Review Note

Written by Religion World — Bhavya Srivastava is the founder of Religion World and a veteran journalist with over 18 years of experience across broadcast, print, and digital media. A founding member of the International Association of Religion Journalists (IARJ), he has spent much of his career reporting on and producing content about religion, faith, and spirituality. .

Religion World provides information on all religions and presents it impartially. You can send us information, news, updates, opinions, and suggestions at religionworldin@gmail.com. You can also follow us on X (Twitter), Facebook, and YouTube.

August 14, 2017 2 min read
Share:

Related Historical & Critical Essays

Hinduism

कृष्ण जन्माष्टमी कब है – 15 अगस्त या 16 अगस्त?

कृष्ण जन्माष्टमी कब है – 15 अगस्त या 16 अगस्त? श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया…

Read now
Hinduism

Vallabhacharya Jayanti: कृष्ण भक्ति का अद्वितीय मार्गदर्शक

Vallabhacharya Jayanti: कृष्ण भक्ति का अद्वितीय मार्गदर्शक वल्लभाचार्य एक महान संत, गुरु, और धार्मिक विचारक की है, जिनकी शिक्षाओं और भक्ति मार्ग ने भारतीय धार्मिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण…

Read now
Hinduism

द्वारका नगरी: श्रीकृष्ण की अमर कथा

द्वारका नगरी: श्रीकृष्ण की अमर कथा द्वारकाधीश मंदिर, गुजरात भारत के सबसे प्रसिद्ध और पवित्र मंदिरों में से एक है। यह भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित है और गुजरात…

Read now

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *