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धार्मिक चैनलों से हटा लाइव करने पर लगा टैक्स : संतों ने किया दिल खोलकर स्वागत

धार्मिक चैनलों से हटा लाइव करने पर लगा टैक्स : संतों ने किया दिल खोलकर स्वागत

धार्मिक चैनलों से हटा लाइव करने पर लगा टैक्स : संतों ने किया दिल खोलकर स्वागत
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धार्मिक चैनलों से हटा लाइव करने पर लगा टैक्स : संतों ने किया दिल खोलकर स्वागत

धार्मिक चैनलों से हटा लाइव करने पर लगा टैक्स : संतों ने किया दिल खोलकर स्वागत

भारत सरकार के सूचना एंव प्रसारण मंत्रालय ने आज देश के संतों और धार्मिक चैनलों को खुश कर दिया। मंत्रालय ने आज देश के सभी धार्मिक चैनलों को रोजाना लाइव करने पर लगी फीस के प्रावधान को हटा दिया है। ये आदेश कुछ महीने पहले ही लागू किया गया था। इस आदेश के बाद नॉन-न्यूज चैनलों को रोजाना लाइव करने के लिए एक निश्चित फीस देनी पड़ रही थी। इससे सबसे ज्यादा प्रभावित देश के धार्मिक चैनल हुए, जो रोजाना धार्मिक आयोजनों के लाइव दिन में एक से दो बार करते थे।

आस्था के सीईओ प्रमोद जोशी ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि, “इस फैसले से अब पहले ही तरह वापिस लोग घर बैठे राम कथा, श्रीमद्भागवत कथा, दैनिक आरती एवं धार्मिक आयोजनों का सीधा प्रसारण का लाभ ले सकेंगे। इससे भारतीय वैदिक और सनातन संस्कृति को घर-घर पहुंचाने का कार्य और अच्छे से हो पाएगा। धार्मिक क्षेत्र के संत-महात्माओं और कथा व्यास की ओऱ से भी सरकार के इस फैसले का स्वागत है”।

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का आदेश

दरअसल कुछ महीने पहले मंत्रालय के एक आदेश के बाद खेल, मनोरंजन और धर्म के चैनलों को किसी भी तरह के लाइव करने पर एक लाख का शुल्क तय कर दिया गया था। बाद में इसे पचास हजार प्रति लाइव कर दिया गया था। धार्मिक चैनलों की आय का साधन केवल अभी संतों की कथाओं के लाइव प्रसारण के लिए लिया जाने वाले शुल्क, स्लॉट बेचकर लिया जाने वाला शुल्क होता है। हर दिन लाइव के लिए शुल्क देने की स्थिति में वे एक असमंजस की स्थिति में थे। इस फैसले का स्वागत देश के सभी संतों ने किया।

संस्कार टीवी के सीईओ मनोज त्यागी ने कहा कि, “हमें इस बात की खुशी है कि सरकार ने हमारे द्वारा धर्म की प्रस्तुति के लिए सहयोग दिया है। रोजाना देश के हजारों संत चैनलों के जरिए संस्कार, संस्कृति और सद्भाव की बात को करते है, जिन्हें हम जगह देते है और इसके लिए भरपूर संसाधनों से जरिए कार्यक्रमों को घर-घर पहुंचाते है। संस्कार और सत्संग टीवी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और सूचना प्रसारण मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर का आभारी है”।

वैदिक ब्रॉ़डकॉस्टिंग के ट्रस्टी एस के तिजारावाला ने कई ट्वीट करके कुंभ मेले के पहले इस फैसले को लेने पर सरकार का स्वागत किया।

 

RW

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By Religion World October 27, 2018 3 min read
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