होली से एक दिन पहले का समय अत्यंत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। क्या आप जानते हैं कि इस दिन झाडू लाना अत्यंत ही शुभ माना जाता है तो चलिए जानते हैं होली का झाडू से क्या हैं संबंध
होली और झाडू के बीच का संबंध

होली का त्योहार दो दिनों तक मनाया जाता है। जिसमें पहले दिन होलिका का पूजन करके उसका दहन किया जाता है और दूसरे दिन रंगो से होली खेलकर होली का त्योहार मनाया जाता है। जिस दिन होली जलाई जाती है। वह दिन फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि का माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि के दिन ही मां लक्ष्मी का जन्म हुआ था और इसलिए इस दिन को लक्ष्मी जयंती के नाम से भी जाना जाता है।
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होलिका दहन वाले दिन मां लक्ष्मी की पूजा- अर्चना की जाती है। जिस प्रकार धनतेरस और दिवाली के दिन झाडू लाना काफी शुभ माना जाता है। उसी प्रकार फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि के दिन भी झाडू को लाना काफी शुभ माना जाता है। माना जाता है कि ऐसा करने से मां लक्ष्मी का घर में वास होता है। क्योंकि मां लक्ष्मीं को साफ- सफाई अत्याधिक पसंद है और झाडू का मां लक्ष्मी का प्रतीक भी माना जाता है।
झाड़ू रखना शुभ क्यूँ

होली के दिन झाडू को लाकर घर में रखना अत्यंत ही शुभ माना जाता है। होलिका दहन वाले दिन नहाकर झाडू अवश्य खरीदने जाएं और उसे झाडू को अपने मुख्य द्वार के सामने रख दें।
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इसके बाद शाम के समय होलिका दहन के बाद उसकी राख को अपने घर में लाएं और जो झाडू आपने मुख्य द्वार के पास रखी थी उस पर लगा दें। इसके साथ ही लाल रंग का गुलाल भी उस पर लगा दें। इसके बाद मां लक्ष्मी की विधिवत पूजा करें।
इसके बाद अगले दिन जब रंगावली होली हो उस दिन शाम के समय इस झाडू की किसी धार्मिक स्थान पर रख आएं या फिर किसी जरूरतमंद व्यक्ति को यह झाडू दान में दे दें। यदि आप होली के दिन ऐसा करते हैं तो आपको मां लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होगी और आपकी स्थिति में भी सुधार होगा।
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