मुहर्रम से इस्लामिक कैलेंडर का नया साल शुरु होता है। इसे हिजरी भी कहते हैं और मुहर्रम से ही हिजरी सन् की शुरुआत होती है। इस्लाम में 4 महीनों को पाक माना जाता है। उनमें से एक मुहर्रम भी है। इसके अलावा मुस्लिम समुदाय में 3 महीने जुल्कादाह, जुलहिज्जा और रजब भी पाक होते हैं।
गौरतलब है कि मुहर्रम की 10 तारीख का इस्लाम में विशेष महत्व माना गया है। इस दिन लोग नफली रोजे रखकर खुदा की इबादत करते हैं। इन दिन मिस्कीनों और बेसहाराओं के लिए खास तौर पर खाने के प्रोगाम भी रखे जाते हैं। दूसरी ओर शिया समुदाय भी इस महीने को खास अकीदत के साथ मनाता है। इस पूरे महीने समाज की ओर से खास मजलिसों का दौर जारी रहता है।
‘भारत में इस वर्ष 19 अगस्त से शुरू होगा और यूएई में 23 अगस्त से . समय क्षेत्र के अंतर के कारण, जिन तिथियों से नया साल शुरू होगा, वे अलग-अलग हो सकते हैं. कुछ इस्लामिक संगठन नए महीने की शुरुआत निर्धारित करने के लिए चंद्रमा के दर्शन का उपयोग करते हैं.
हिजरी नववर्ष क्या है?
हिजरी की शुरुआत दूसरे रजि. खलीफा हजरत उमर फारुख के दौर में हुई, हजरत अली रजि. की राय से ये तय हुआ था। इस्लाम धर्म के आखरी प्रवर्तक हजरत मोहम्मद के पवित्र शहर मक्का से मदीना जाने के समय से हिजरी सन को इस्लामी वर्ष का आरंभ माना गया। इसी तरह हजरत अली रजि. और हजरत उस्मान गनी रजि. के सुझाव पर ही खलिफा हजरत उमर रजि.ने मोहर्रम को हिजरी सन का पहला माह तय कर दिया, तभी से विश्वभर के मुस्लिम मोहर्रम को इस्लामी नव वर्ष की शुरुआत मानते हैं।
इस्लामिक कैलेंडर 11 से 12 दिनों के अपने ग्रेगोरियन समकक्ष से छोटा है. इस्लामिक नव वर्ष के पहले महीने के पहला दिन आधिकारिक रूप से अधिकांश मुस्लिम देशों में छुट्टी रहती है. दुबई में हिजरी नए साल की छुट्टी पहले ही घोषित कर दी गई है.
इस्लामिक महीनो के नाम
ये है इस्लामिक महीनों के नाम-
मुहर्रम
रबी-उल-अव्वल
जमादिल-अव्वल
रजब
रमज़ान
ज़िल्काद
सफ़र
रबी उल-सानी/रबी उल-आख़िर
जमादी-उल-आख़िर
शाबान
शव्वाल
ज़िल्हज
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