गुरु नानकदेव जी के 550 वें जन्मोत्सव की तैयारियां जोरशोर से
गुरु नानकदेव जी के 550 वें जन्मोत्सव के लिए पूरे देश मे तैयारियां जोरों शोरों पर है। हाल ही में भारत और पाकिस्तान के बीच भी करतारपुर गुरुदारा में भारतीयों के दर्शन की भी समझौता हो गया है। इसके साथ ही देश के कई स्थानों पर इस जलसे को बहुत ही भव्य तरीके से मनाने की तैयारियां जारी है। कपूरथला जिल के सुल्तानपुर लोधी शहर का गुरु नानकदेव जी के जीवन में बड़ा खास महत्व है। यहां गुरुद्वारा श्री बेर साहिब है। सुल्तानपुर लोधी में गुरु नानकदेव जी मे अपने जीवन के 14 साल 9 महीने और 13 दिन बिताए। वे यहां के बेन नदी में ही स्नान करते और ध्यान की साधना करते थे। तैयारियां जोरशोर से पंजाब सरकार के निर्देश के अनुसार प्रत्येक गांव में 550 पौधे लगाए जाएंगे। गांव में प्रत्येक 100 पौधे की देखरेख एक-एक महिला द्वारा करवाई जाएगी।

एक मान्यता यहां से जुड़ी है जिससे नानकदेव जी के जीवन में एक बहुत बड़ा परिवर्तन आया। एक दिन बेन नदी में स्नान करते समय वे गायब हो गए और तीन दिन बाद गुरुद्वारा संगत सिंह साहिब में अवतरित हुए।






इसके बाद गुरु साहिब मे अपने जीवन का लक्ष्य बना लिया कि वे सिख धर्म के लिए ही समर्पित हो जाएंगे। गुरु साहिब ने यहां एक बेर का पेड़ भी लगाया था जो बहुत बडा हो गया था। तैयारियां जोरशोर से

550 वें जन्मोत्सव समारोह तैयारियां जोरशोर से सुल्तानपुर लोधी स्टेशन को आधुनिक सुख सुविधाओं के लैस किया गया है। यहां आने वाले हर भक्त और श्रद्धालुओं के अब यहां आने पर कई सहूलियतें मिलेंगी।
Editorial Review Note
Written by Religion World — Bhavya Srivastava is the founder of Religion World and a veteran journalist with over 18 years of experience across broadcast, print, and digital media. A founding member of the International Association of Religion Journalists (IARJ), he has spent much of his career reporting on and producing content about religion, faith, and spirituality. View full profile →.
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