RELIGION WORLD — THE INDEPENDENT SCIENTIFIC & INTERFAITH JOURNAL
Navigation

© 2026 Religion World Foundation.

Global Faith • Scientific Heritage • Human Ethics

रोहिंग्या नहीं बल्कि हिन्दु और बुद्ध शरणार्थी बनेंगे भारतीय नागरिक

रोहिंग्या नहीं बल्कि हिन्दु और बुद्ध शरणार्थी बनेंगे भारतीय नागरिक

रोहिंग्या नहीं बल्कि हिन्दु और बुद्ध शरणार्थी बनेंगे भारतीय नागरिक
Visual Archive

रोहिंग्या नहीं बल्कि हिन्दु और बुद्ध शरणार्थी बनेंगे भारतीय नागरिक

रोहिंग्या नहीं बल्कि हिन्दु और बुद्ध शरणार्थी बनेंगे भारतीय नागरिक

नई दिल्ली, 15 सितम्बर;  जहां 40,000 रोहिंग्या मुसलमान अभी भी अपने घरौंदे की तलाश में हैं वहीं सरकार ने एक अहम फैसला लिया है. खबर आ रही है कि बांग्लादेश से भारत आए 1 लाख हिंदुओं और बौद्ध को जल्द ही भारतीय नागरिकता दी जाएगी. भारत के नॉर्थ-ईस्ट इलाकों में करीब एक लाख चकमा और हजोंग शरणार्थी रहे रहे हैं, जो 50 साल पहले बांग्लादेश से भारत में आ गए थे.
सरकारी सू्त्रों ने बताया कि चकमा और हजोंग शरणार्थियों को लेकर बुधवार को एक उच्च स्तरीय मीटिंग हुई, जिसमें उन्हें नागरिकता देना की बात कही गई. इस मीटिंग में गृह मंत्री राजनाथ सिंह, अरूणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू, गृह राज्य मंत्री किरेन रिजिजू और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल भी मौजूद थे.

यह भी पढ़ें- रोहिंग्या मुसलमानों को मदद देने में लगी है सिखों की संस्था ‘खालसा ऐड’

गृह मंत्रालय के अनुसार, 2015 में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को चकमा और हजोंग शरणार्थियों को नागरिकता देने की बात कही थी, जो अधिकतर भारत के पूर्वी राज्य अरुणाचल प्रदेश में रहते हैं. हालांकि, अरुणाचल प्रदेश के कई सामाजिक संगठनों ने इन शरणार्थियों को भारत की नागरिकता देने का विरोध किया है. उनका मानना है कि इससे राज्य की जनसंख्या पर बहुत प्रभाव पड़ेगा. 1960 के दशक में बांग्लादेश (पूर्वी पाकिस्तान) में कप्ताई बांध परियोजना की वजह से हजारों की तादाद में चकमा और हजोंग समुदाय के लोग विस्थापित हुए थे.

चकमा प्रजाति

चकमा बौद्ध धर्म से ताल्लुक रखते हैं. दक्षिण पूर्वी बांग्लादेश के चटगांव क्षेत्र में निवास करने वाली सबसे बड़ी जनजाति है. २०वीं सदी के उतरार्ध में इनकी संख्या 3,50,000 थी.

यह भी पढ़ें-क्या है रोहिंग्या मुसलमानों का मुद्दा? Issue of Rohingya Muslims of Myanmar

हजोंग कौन हैं

वहीं, हजोंग हिंदू समुदाय से आते हैं. लेकिन इनके बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त नही है.

सरकारी सूत्रों के अनुसार, करीब 5,000 चकमा और हजोंग शरणार्थी ही अरुणाचल प्रदेश में आकर बसे थे, लेकिन अब इनकी तादाद एक लाख को पार कर चुकी है.

——————————

रिलीजन वर्ल्ड देश की एकमात्र सभी धर्मों की पूरी जानकारी देने वाली वेबसाइट है। रिलीजन वर्ल्ड सदैव सभी धर्मों की सूचनाओं को निष्पक्षता से पेश करेगा। आप सभी तरह की सूचना, खबर, जानकारी, राय, सुझाव हमें इस ईमेल पर भेज सकते हैं – religionworldin@gmail.com – या इस नंबर पर वाट्सएप कर सकते हैं – 9717000666 – आप हमें ट्विटर , फेसबुक और यूट्यूब चैनल पर भी फॉलो कर सकते हैं।
Twitter, Facebook and Youtube.

 

RW

Editorial Review Note

Religion World provides information on all religions and presents it impartially. You can send us information, news, updates, opinions, and suggestions at religionworldin@gmail.com. You can also follow us on X (Twitter), Facebook, and YouTube.

September 15, 2017 3 min read
Share:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *