बरसाना की विश्वप्रसिद्ध लट्ठमार होली (Video)
मथुरा। बरसाना की विश्वप्रसिद्ध लट्ठमर होली के बाद आज नंदगाँव में जमकर लट्ठमार होली खेली गई, इस बार लट्ठ थे नंदगाँव की हुरियारिनो के हाथ में और उनके निशाने पर थे बरसाना के हुरियारे। हाथ में लट्ठ लिये हुये खड़ी ये महिलाएं नंदगाँव की हुरियारिनें है और सभी बरसाना के हुरियारों को सबक सिखाने के लिये एकजुट हुई है, मौका है नंदगाँव की लट्ठमार होली का।
नंदगाँव की हुरियारिनें यहाँ होली खेलने आये बरसाना के हुरियारों को अपने लट्ठ से बुरी तरह पीटती है और हुरियारे भी इनके लट्ठ से बचने की कोशिश में ढाल का प्रयोग करते है।
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इस लट्ठमार होली में शामिल होने वाले सभी लोग बड़े आनंद की अनुभूति करते है और यही वजह है कि लट्ठमार होली को खेलने के लिये हुरियारे और हुरियारिन सभी अपने परम्परगत वस्त्र पहन कर ही आते है। नंदगाँव के लट्ठमार चौक पर होली खेलने से पहले सभी हुरियारे यहाँ के मुख्य मंदिर के प्रांगण में इकठ्ठा होकर होली के रसिया गाकर नगाड़ों की थाप पर खूब झूमते है। बृज तक 40 दिन तक चलने वाली विश्व विख्यात होली का आनंद लेने देश ही नही विदेश से लोग यहाँ पहुँचते है । आप भी सुन लीजिए कि बृज की मस्ती में विदेशी सैलानी किस कदर मदमस्त है और किस तरह के आनंद में सराबोर है । राधा कृष्ण प्रेम की इस होली के दर्शन फिर मुख्य भवन में विराजमान कृष्ण-बलदाऊ के विग्रह के साथ होली खेलते हुये नीचे लट्ठमार चौक तक आते है, और इसके बाद शुरू होती है नंदगाँव की लट्ठमार होली । इस होली को जो खेलता है उसके लिए यह परम आनंददायी होती है लेकिन जो लोग देखते है उसके लिए यह ओर भी आनंदमयी होती है । और इसी प्रेम से परिपूर्ण सराबोर कर देने वाली होली का आनंद देव लोक से देवता भी यहाँ पहुँचते है । क्योंकि इस होली के साक्षात दर्शन करने का सौभाग्य कभी कभी बड़े प्रयत्नों के बाद मिलता है ।
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Bhavya Srivastava is the founder of Religion World and a veteran journalist with over 18 years of experience across broadcast, print, and digital media. A founding member of the International Association of Religion Journalists (IARJ), he has spent much of his career reporting on and producing content about religion, faith, and spirituality.
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