RELIGION WORLD — THE INDEPENDENT SCIENTIFIC & INTERFAITH JOURNAL
Navigation

© 2026 Religion World Foundation.

Global Faith • Scientific Heritage • Human Ethics

कोरोनिल पर बाबा रामदेव ने पतंजलि का पक्ष रखा

कोरोनिल पर बाबा रामदेव ने पतंजलि का पक्ष रखा

कोरोनिल पर बाबा रामदेव ने पतंजलि का पक्ष रखा
Visual Archive

कोरोनिल पर बाबा रामदेव ने पतंजलि का पक्ष रखा

देहरादून, 1 जुलाई; बाबा रामदेव की कोरोना के इलाज को लेकर बनाई गई कोरोनिल दवा को लेकर विवाद हो गया था। विवादों के बाद बाबा रामदेव बुधवार को सामने आए और उन्होंने इस मामले में सफाई दी।



उन्होंने कहा कि उनके पास आयुष मंत्रालय का जवाब आया है। उन्होंने उनकी पहल की प्रशंसा की है। उन्होंने सारे प्रोटोकॉल पूरे करते हुए ट्रायल किया है।

उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ आपराधिक केस दर्ज कराए गईं, ऐसा लगा कि आयुर्वेद पर काम करना गुनाह हो गया है। उन्हें आंतकवादी बताओ या देशद्रोही लेकिन उन्होंने आयुर्वेद पर काम किया है, करते रहेंगे।

बाबा रामदेव ने कहा कि पंतजलि ने प्रोटोकॉल नहीं बनाए। जो सरकारी प्रोटोकॉल बनाए गए हैं, उसी के आधार पर उन्होंने ट्रायल किया है। प्रोटोकॉल में सारे नियमों का पालन किया गया। रजिस्ट्रेशन के लिए, रजिस्ट्रेशन के नियमों का पालन किया गया। दवा को लेकर बेकार में विवाद हो रहा है। लोगों को रोगमुक्त बनाना, मोटापे से मुक्त कराना, हिपेटाइटिस से मुक्त कराना गुनाह है तो कर रहे हैं।

‘बौखलाए ड्रग माफिया’
बाबा रामदेव ने कहा कि अभी पतंजलि ने कोरोना पर ही उन्होंने रिसर्च किया है, अभी कोई और बड़ी बीमारियों पर रिसर्च कर रहे हैं।

उनमें हाइपरटेंशन, स्वाइन फ्लू, चिकिनगुनिया, दिल की बीमारियों समेत 10 से ज्यादा बीमारियों पर रिसर्च कर रहे हैं। काम लगभग पूरा कर चुके हैं। उनके यहां 500 साइंटिस्ट रातदिन काम कर रहे हैं। हम लोग तीन लेवल पार कर चुके हैं।

बाबा ने कहा कि क्लीनिकल ट्रायल का डाटा सामने रखा तो हंगामा हो गया। भूकंप आ गया। पूरी दुनिया हिल गई। टाइ पहनने वाले रिसर्च करते थे।

उन्हें लग रहा है कि लंगोटी पहनने वाले कब से रिसर्च करने लगे उन लोगों के बीच हड़कंप मच गया है। सामंतवादी सोच है कि वेद पढ़ा हुआ सन्यासी कैसे रिसर्च कर सकता है। उन्होंने कहा कि क्लीनिकल ट्रायल के लिए 10000 करोड़ का स्ट्रक्चर खड़ा किया है।



कोरोना ठीक करने का दावा नहीं किया

दवाओं के बनाने का लाइसेंस होता है। केंद्र को  आयुष मंत्रालय से लाइसेंस मिलता है। रामदेव का दावा है कि इस मामले में प्लानिंग के साथ भ्रम और षड्यंत्र किया गया है। उन्होंने बताया कि पतंजलि ने कोरोनिल की दवाओं का क्लीनिकल कंट्रोल ट्रायल का रिजल्ट आउट किया था। हमने कभी भी दवा (कोरोनिल) से कोरोना ठीक करने या कंट्रोल करने का दावा नहीं किया था। हमने कहा था कि उन्होंने एक ऐसी दवाई बनाई है जिससे कोरोना के मरीज ठीक हुए हैं। इसमें कोई भ्रम नहीं है।

[video_ads]
[video_ads2]

You can send your stories/happenings here:info@religionworld.in

RW

Editorial Review Note

Religion World provides information on all religions and presents it impartially. You can send us information, news, updates, opinions, and suggestions at religionworldin@gmail.com. You can also follow us on X (Twitter), Facebook, and YouTube.

July 1, 2020 3 min read
Share:

Related Historical & Critical Essays

Ayurveda

आयुर्वेद: शिरीषादि कसाय से कोरोना मरीजों के इलाज की तैयारी

शीरिषादि कसाय का ट्रायल शुरू करने से पहले बुलाई गई है टीम की अहम बैठक वाराणसी, 19 जुलाई; आयुष मंत्रालय बीएचयू को कोरोना मरीजों पर शिरीषादि कसाय (काढ़ा) के…

Read now
Ayurveda

पतंजलि ने खोज निकाली विश्वव्यापी महामारी कोरोना की आयुर्वेदिक दवा

पतंजलि ने खोज निकाली विश्वव्यापी महामारी कोरोना की आयुर्वेदिक दवा कोरोना के उपचार के लिए विश्व में आयुर्वेदिक औषधियों का पहला सफल क्लिनिकल ट्रायल तथा क्लिनिकल केस स्टडी…

Read now
Ayurveda

पतंजलि ने लॉन्च की कोविड-19 इम्युनिटी बूस्टर किट

हरिद्वार, 23 जून; पतंजलि योगपीठ फेज-टू में योग गुरु बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने कोरोना वायरस से जंग को ‘दिव्य कोरोनिल टैबलेट‘…

Read now