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गौरवशाली सेवा संस्थान- “शिशुविहार” का नागरिक सम्मान एवं स्मृति वंदना कार्यक्रम संपन्न

गौरवशाली सेवा संस्थान- “शिशुविहार” का नागरिक सम्मान एवं स्मृति वंदना कार्यक्रम संपन्न

गौरवशाली सेवा संस्थान- “शिशुविहार” का नागरिक सम्मान एवं स्मृति वंदना कार्यक्रम संपन्न
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गौरवशाली सेवा संस्थान- “शिशुविहार” का नागरिक सम्मान एवं स्मृति वंदना कार्यक्रम संपन्न

गुजरात का गौरवशाली संगठन शिशुविहार

भावनगर से ही नहीं गुजरात के गौरवशाली सेवा संस्थान – शिशुविहार शिक्षा, स्वास्थ्य, साहित्य, संस्कृति और समाज सेवा संवर्धन से जुड़ी विभिन्न पहल का आयोजन करता है। इस श्रृंखला में 17 जनवरी रविवार शाम को विश्व के निषरा में संस्था द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित नागरिक सम्मान एवं स्मृति वंदना का कार्यक्रम संपन्न हुआ।

संस्था के संस्थापक और सेवा के आजीवन शिक्षक श्री मनभाई भट्ट की स्मृति में तीस वर्ष से नागरिक सम्मान समारोह आयोजित किया गया है। मनभाई भट्ट की निरंतर सेवा द्वारा अपने ज्ञान, सेवा और संस्कृति से समाज का मार्गदर्शन करने वाले आदरणीय बुजुर्गों और युवाओं की पूजा की परंपरा में श्री विकासभेन देसाई, डॉ 2020 जयेशभाई बवीसी, डॉ. अमीबेन उपाध्याय और श्री दीपकभाई तेरैया को सम्मानित किया गया ।

शिशुविहार मोरारी बापू

श्री न्यालचंदभाई वकील स्मारक ने 75 वर्ष की उम्र पार कर समाज के लिए मील के पत्थर बने आदरणीय बुजुर्गों को स्वास्थ्य और प्रेरणा से सम्मानित किया । इस परंपरा के 29 वें फूल में श्री पुष्पबेन भट्ट और श्री पारुलबेन डांडीकर की पूजा अर्चना की गई ।

श्री भागीरथी बहन मेहता-जाह्नवी स्मृति वंदना इस वर्ष चौथी माला है। इस सम्मान के लिए पारुलबेन खाखर को सम्मानित किया गया। इस पुरस्कार से शिशुविहार में हर बुधवार को बुद्ध सभा के माध्यम से प्रसिद्ध कवि या कवि का सम्मान किया जाता है। तत्पश्चात श्री ऋताभेन भट्ट स्मृति सम्मान के आज के पांचवें कदम में प्रसिद्ध कवि श्री राजेशभाई पांड्या जी का अभिनंदन किया गया।

डॉ. पिछले चार वर्षों से गुजराती भाषा के विकास में योगदान देने वाले महान व्यक्ति को प्रतापभाई पंड्या ने सम्मानित किया । निरंजनभाई राज्यगुरु की पूजा अर्चना की गई ।

मोरारी बापू शिशुविहार

कार्यक्रम की शुरुआत में दीप प्रज्वलित कर सम्मानित हुए सभी महानुभावों को फूलों का गुलदस्ता व किताब दिया गया। तत्पश्चात मोरारी बापू के आशीर्वाद से पीताम्बर खेस और शिशुविहार संस्थान से चित्रकूटधाम तलगजरदा के प्रसादी के रूप में 25 हजार रुपये का चेक भेंट किया।

मोरारी बापू ने कही गहरी बात

मोरारी बापू ने प्रथम पुण्य श्लोक मंडदा की प्रसिद्ध, सेवा मुक्त चेतना को अपनी प्रसन्नता से अभिवादन किया। पूजा अर्चना करने वाले सभी महानुभाव अपने अपने क्षेत्र में बड़ा योगदान दे रहे हैं इसलिए बापू ने संत के रूप में अपने कार्य को लेकर खुशी व्यक्त की। बापू का शिशुविहार संस्था से घनिष्ठ संबंध पिता के कारण है जो हीरे से कठोर लेकिन फूल से नरम है। वाह उसने इसे भावुक मन से याद किया ।

उन्होंने कहा, “जो कर्मचारी अपने जीवन के बहुमूल्य वर्ष विभिन्न सेवा कार्यों में बिताते हैं, उन्हें सलाम करना चाहिए। हालांकि नरसिॆह मेहता कहते हैं कि “सभी लोगों में सभी को वन्दे” – वह वैष्णवजन है। उपनिषद ने पूरी दुनिया को ब्रह्मया भी कहा है। गोस्वामी तुलसीदासजी महाराज भी कहते हैं कि “भगवान राम सारे संसार को जानते हैं….”

लेकिन ऐसी ‘सियाराम’ दुनिया में झुकने के योग्य किसे माना जाता है? इसलिए महाभारत में भगवान वेदव्यास जी ने एक सुंदर शब्द का प्रयोग किया है- ‘अमानी मंड’ ।

जिसने कभी इज्जत पाने की कोशिश नहीं की, उसने नेटवर्क नहीं लगाया, जो इज्जत का भूखा नहीं, वो ′′ अमानी ′′ व्यक्ति का सम्मान का हकदार है । सम्मान पाने की दूसरी योग्यता है-‘सम्मान’ – अर्थात वह व्यक्ति जो सबका सम्मान करता है, वह उसी सम्मान का पात्र है । ऐसे व्यक्ति को दूसरों का निरीक्षण करने की जरूरत है, लेकिन किसी की निंदा नहीं करता । जिसके दिल में सम्मान की कीमत हो, वह समाज के सम्मान के योग्य है.”

पूज्य बापू ने खुशी जताते हुए कहा कि यह आयोजन उनके लिए अवसर है। इतने बड़े मौके के खुद गवाह हैं, इसके लिए उन्होंने इस्तीफा दे दिया ।

अम्बेडकर विश्वविद्यालय के चांसलर श्री अमीबेन उपाध्याय ने शिशुविहार संस्थान के प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षित सभी प्रशिक्षित लोगों को अम्बेडकर विश्वविद्यालय के प्रमाण पत्र सौंपे, जिसे संगठन की ओर से बापू ने स्वीकार किया ।

Niranjan Rajyaguru

पूज्य बापू के आदरणीय भाषण के बाद माननीयों ने प्रासंगिक भाषण दिया। अंत में संस्था के नियामक नानकभाई भट्ट द्वारा धन्यवाद दर्शन के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।

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Source : Press Release

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Editorial Review Note

Written by Religion World — Bhavya Srivastava is the founder of Religion World and a veteran journalist with over 18 years of experience across broadcast, print, and digital media. A founding member of the International Association of Religion Journalists (IARJ), he has spent much of his career reporting on and producing content about religion, faith, and spirituality. .

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January 17, 2021 4 min read
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