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ध्यान और संगीत: जानिये ध्यान और संगीत एक दूसरे के पूरक कैसे

ध्यान और संगीत: जानिये ध्यान और संगीत एक दूसरे के पूरक कैसे

ध्यान और संगीत: जानिये ध्यान और संगीत एक दूसरे के पूरक कैसे
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ध्यान और संगीत: जानिये ध्यान और संगीत एक दूसरे के पूरक कैसे

स्ट्रेस मैनेजमेंट और सम्पूर्ण स्वास्थ्य के लिए ध्यान और संगीत के कई अद्भुत लाभ हैं. यह आपको एक सचेत प्रयास किए बिना आपके शरीर विज्ञान को शांत करने में मदद कर सकता है, और आपके दिमाग से तनाव को कम कर सकता है. संगीत आपके मनोदशा को जागृत कर सकता है, आपकी सांस को शांत कर सकता है, और आपका तनाव कम कर सकता है.



ध्यान स्ट्रेस मैनेजमेंट के लिए बेहद कारगर उपाय है. यह एक शांत मन और शरीर की तरह अल्पकालिक लाभ देता है. मैडिटेशन के साथ संगीत का संयोजन से आपके मन और मस्तिष्क में सकारात्मक प्रभाव पड़ता है जो आपको अधिक तनाव से राहत दिला सकता है. जिन लोगों ने ध्यान करना अभी आरम्भ ही किया है वो संगीत के साथ ध्यान का सजह रूप से अभ्यास कर सकते हैं.

यह वैज्ञानिक रूप से भी सिद्ध हो चुका है कि संगीत आपको मानसिक शांति देता है और तनाव दूर करने में मदद करता है. ध्यान यानि मैडिटेशन के साथ संगीत को जोड़ने से आप अपने तनाव को भी हैंडल कर सकते हैं.

यह भी पढ़ें-सोऽहं मैडिटेशन : हृदय स्थित सूर्य-चक्र में विशुद्ध ब्रह्मतेज के दर्शन करने की विधि

म्यूजिक मैडिटेशन के लिए निर्देश

अपना पसंदीदा संगीत चुने

ध्यान करने के लिए ऐसे संगीत का चयन करें जो आपको रिलैक्स महसूस कराये. यानि वह संगीत जिसे आप सुनना पसंद करते हैं . आपको ऐसे संगीत का चयन करना चाहिए , जिसमें जो थोडा धीमा हो, सिर्अफ म्धियूजिक हो बिना शब्मादों का अन्नयथा आपको ध्यान भटक सकता है.

ध्यान के लिए आराम से बैठें

एक आरामदायक स्थिति में बैठें और आराम करें. बहुत से लोग मैडिटेशन के लिए एक ख़ास पोजीशन चुनते हैं लेकिन ऐसा ज़रुरी नहीं है. जिस पोजीशन में आपको आराम मेले आपको उस स्थिति में बीतना चाहिए . कुछ लोग लेटने से बचते हैं क्योंकि वे थक जाते हैं तो इस तरह सो जाते हैं; आप प्रयोग कर सकते हैं और यह तय कर सकते हैं कि आपके लिए क्या सही है.

एक बार जब आप अपनी पोजीशन तय कर लें , तो अपनी आँखें बंद करें, अपनी मांसपेशियों को ढीला छोड़ दें , और अपने डायाफ्राम के माध्यम से साँस लें.अपने कंधों, अपने पेट और यहां तक ​​कि अपने चेहरे की मांसपेशियों को भी ढीला छोड़ दें. अपनी नाक के माध्यम से गहराई से साँस लें, फिर अपने मुंह से साँस छोड़ें.

संगीत पर ध्यान केन्द्रित करें

आपको ध्यान करते समय संगीत पर ध्यान केन्द्रित करे. यदि आप अन्य चीजों के बारे में सोच रहे हैं (या संगीत के बारे में भी सोच विचार कर रहे हैं), तो धीरे-धीरे अपने ध्यान को संगीत से जोड़ने का प्रयास करें. खुद के भीतर संगीत को महसूस करें.

अभ्यास को 20 मिनट तक करें

इस अभ्यास को कई मिनट तक जारी रखें, जब तक कि आपका समय समाप्त न हो जाए. यदि आपके मन में कोई अन्य विचार आते हैं तो उससे ध्यान हटाकर संगीत की ध्वनि पर ध्यान लगायें. इस अभ्यास को कम से कम 20 मिनट तक करें.



इस अभ्यास का लक्ष्य अपनी आंतरिक आवाज़ को शांत करना और सिर्फ संगीतमाय हो जाना. तो बस संगीत के साथ आप संगीतमय हो जायें और पूरी तरह से अपने आप को समर्कपित कर दें, आपको तनाव से राहत मिलेगा.

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December 3, 2020 3 min read
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