हिन्दी पंचांग के अनुसार, 17 अगस्त यानी आज भाद्रपद मास की शिवरात्रि है। इस दिन भोलेनाथ की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना की जाती है। बता दें कि हर मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि मनाई जाती है।
मासिक शिवरात्री हर महीने मनाई जाती है। शास्त्रों के अनुसार, सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित किया गया है। एक वर्ष में 12 शिवरात्रियां आती हैं। इन्हें हर महीने की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन शिव भक्त भोले के रंग में डूबे होते हैं। हर शिव मंदिर में हर हर महादेव के जयकारे की ही गूंज होती है।
इस तरह करें मासिक शिवरात्री की पूजा:
इस दिन सूर्योदय से पहले उठ जाएं और नित्यकर्म कर स्नान आदि कर निवृत हो जाएं।
इसके बाद किसी मंदिर में जाकर भगवान शिव के दर्शन करें। यहां पर शिव जी के साथ-साथ पार्वती, गणेश, कार्तिक, नंदी की भी पूजा करें।
शिवलिंग का रुद्राभिषेक करें। इसके लिए जल में शुद्ध घी, दूध, शक्कर, शहद, दही आदि मिला लें। इससे भोलेनाथ अत्यंत प्रसन्न हो जाते हैं।
शिवलिंग पर बेलपत्र, धतूरा और श्रीफल अवश्य चढ़ाएं।
शिवजी के आगे धुप, दीप, फल और फूल आदि अर्पित करें और पूजा करें।
इस दौरान शिव पुराण, शिव स्तुति, शिव अष्टक, शिव चालीसा और शिव श्लोक का पाठ अवश्य करें।
शाम में फलाहार करें। इस दिन व्रत करने वाले व्यक्ति को अन्न ग्रहण नहीं करना चाहिए।
सुबह पूजा करने के बाद संध्याकाल में भी पूजा जरूर करें।
शिवरात्रि का पूजन समय मध्य रात्रि का होता है। ऐसे में रात 12 बजे के बाद शिव जी की पूजा जरूर करें।
अगले दिन शिवजी की पूजा कर व्रत खोलें। आप अपने सामर्थ्य के अनुसार दान भी कर सकते हैं।
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