RELIGION WORLD — THE INDEPENDENT SCIENTIFIC & INTERFAITH JOURNAL
Navigation

© 2026 Religion World Foundation.

Global Faith • Scientific Heritage • Human Ethics

ब्रह्माकुमारीज संस्थान में मनाया गया छठवां योग दिवस

ब्रह्माकुमारीज संस्थान में मनाया गया छठवां योग दिवस

ब्रह्माकुमारीज संस्थान में मनाया गया छठवां योग दिवस
Visual Archive

ब्रह्माकुमारीज संस्थान में मनाया गया छठवां योग दिवस

ब्रह्माकुमारीज संस्थान में मनाया गया छठवां योग दिवस

  • तन और मन की बीमारी ठीक करने के संकल्पों के साथ मनाया योग दिवस

आबू रोड, 21 जून, निसं। कारोना काल में अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस की रूप रेखा बदली बदली  नजर आयी। इसी कड़ी में ब्रह्माकुमारीज संस्थान के अन्तर्राष्ट्रीय मुख्यालय आबू रोड शांतिवन में सोशल डिस्टेसिंग के साथ मनाया गया। इस अवसर पर परिसर में रहने वाले योग साधको ने करोना से महामारी से बचाव के लिए भी योग और राजयोग का अभ्यास किया।

इस अवसर पर ब्रह्माकुमारीज संस्थान के कार्यकारी सचिव बीके मृत्युंजय ने कहा कि योग और राजयोग से तन और मन के विकार दूर हो जाते हैं। इसमें सबसे महत्वपूर्ण तो यह हम केवल शरीर को ठीक करने के लिए ही योग के बारे में सोचते हैं। हम कभी भी मन की बीमारी को दूर करने के लिए अपने उपर ध्यान देने की जरूरत है। कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारीज यूरोपियन सेवाकेन्द्रों की निदेशिका बीके जयन्ति ने कहा कि राजयोग और ध्यान ही एक ऐसी विधि है जिससे मन और आत्मा को पवित्र बनाया जा सकता है। इसलिए प्रतिदिन जीवन में राजयोग का अभ्यास करना चाहिए।
इस योग दिवस पर आयोजित योगाभ्यास कार्यक्रम में ज्ञानामृत के प्रधान सम्पादक बीके आत्म प्रकाश समेत कई लोग उपस्थित थे। मास्क और सोशल डिस्टेसिंग का पूरा ध्यान: इस योग डे पर मास्क और सोशल डिसस्टेसिंग का पूरा ध्यान रखा गया।


पूरे विश्व में वेबिनार के जरिए योग: ब्रह्माकुमारीज संस्थान ने देश के 140 सेवाकेन्द्रों पर स्थानीय बहनों ने वेबिनार आयोजित कर लोगों को घरों में योग और राजयोग का अभ्यास कराया गया। लोगों ने करोना कॉल में योग और राजयोग के फायदे के लिए भी योगाभ्यास कराया। इसमें करीब चालीस लाख लोग शामिल हुए।

कोई भी कर सकता है राजयोग ध्यान: राजयोग ध्यान एक सहज प्रक्रिया है। जिससे हर कोई कर सकता है। चाहे बच्चा हो या बूढ़ा, अमीर हो या गरीब, स्त्री हो या पुरूष। सभी के लिए लाभदायक है।

[video_ads]

[video_ads2]

Editorial Review Note

Written by Religion World — Bhavya Srivastava is the founder of Religion World and a veteran journalist with over 18 years of experience across broadcast, print, and digital media. A founding member of the International Association of Religion Journalists (IARJ), he has spent much of his career reporting on and producing content about religion, faith, and spirituality. .

Religion World provides information on all religions and presents it impartially. You can send us information, news, updates, opinions, and suggestions at religionworldin@gmail.com. You can also follow us on X (Twitter), Facebook, and YouTube.

June 21, 2020 2 min read
Share:

Related Historical & Critical Essays

Meditation

तनाव भरी ज़िंदगी में राजयोग मेडिटेशन की भूमिका क्या है?

तनाव भरी ज़िंदगी में राजयोग मेडिटेशन की भूमिका क्या है? आज की तेज़ रफ्तार ज़िंदगी में तनाव लगभग हर व्यक्ति का हिस्सा बन चुका है। काम का दबाव,…

Read now
Meditation

योग और ध्यान करने वाले लोग ज़्यादा शांत क्यों होते हैं?

योग और ध्यान करने वाले लोग ज़्यादा शांत क्यों होते हैं? आज की तेज़ रफ्तार ज़िंदगी में तनाव, चिंता और मानसिक अशांति आम हो गई है। ऐसे समय…

Read now
News

क्यों ज़रूरी है रोज़ 5 मिनट ध्यान करना?

क्यों ज़रूरी है रोज़ 5 मिनट ध्यान करना? आज की तेज़ रफ़्तार जिंदगी में मन का शांत रह पाना अक्सर मुश्किल लगता है। मोबाइल नोटिफिकेशन, काम का दबाव,…

Read now