RELIGION WORLD — THE INDEPENDENT SCIENTIFIC & INTERFAITH JOURNAL
Navigation

© 2026 Religion World Foundation.

Global Faith • Scientific Heritage • Human Ethics

जानिये कालाष्टमी के दिन होती है शिवजी के किस अवतार की आराधना

जानिये कालाष्टमी के दिन होती है शिवजी के किस अवतार की आराधना

जानिये कालाष्टमी के दिन होती है शिवजी के किस अवतार की आराधना
Visual Archive

जानिये कालाष्टमी के दिन होती है शिवजी के किस अवतार की आराधना

शास्त्रों में हर महीने की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि विशेष होती है। इस तिथि पर कालाष्टमी का त्योहार मनाया जाता है। कालाष्टमी पर भगवान शिव के अवतार काल भैरव की पूजा की जाती है।



कालाष्टमी के  दिन मां दुर्गा की भी पूजा होती है। इस बार कालाष्टमी का व्रत 14 मई को रखा जाएगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान शिव ने पापियों का विनाश करने के लिए अपना रौद्र रूप धारण किया था।

बात अगर पौराणिक मान्यताओं की करें तो भगवान शिव के दो रूप बताए जाते हैं, बटुक भैरव और काल भैरव।  कालाष्टमी के अवसर पर कालभैरव और मां दुर्गा की पूजा की जाती है।

इस दिन उपासना के लिए अर्धरात्रि का पहर पूजा करने के लिए बढ़िया माना गया है। कालाष्टमी के दिन कुत्ते को भोजन करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है।

इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की कथा का आयोजन किया जाना चाहिए। कालाष्टमी के दिन भगवान भैरव के मंदिर में जाकर सिंदूर, सरसों का तेल, नारियल, चना, चिरौंजी, पुए और जलेबी चढ़ाकर भक्ति भाव से पूजन करें।

यह भी पढ़ें-ईद को लेकर दारुल उलूम फरंगी महल का फतवा : लॉकडाउन रहा तो ऐसे मनाएं ईद

भैरव को प्रसन्न करने के उपाय

शत्रु या कार्य में आ रही किसी बाधा को दूर करने के लिए कालाष्टमी के दिन भगवान भैरव की पूजा करें।

यदि आप बाबा काल भैरव की कृपा चाहते है तो कालाष्टमी के दिन बाबा काल भैरव के मंदिर में जाकर उनकी प्रतिमा पर सिंदूर और तेल चढ़ाए और मूर्ति के सामने बैठकर काल भैरव मंत्र का जाप करें।

कालाष्टमी के दिन काल भैरव की पूजा से जीवन में अपार धन, यश और सफलता प्राप्त होती है।

शास्त्रों में कुत्ते को भगवान काल भैरव का वाहन बताया गया है। भगवान भैरव को प्रसन्न करने के लिए कालाष्टमी के दिन काले कुत्ते को मीठी रोटी खिलाएं।



यदि काला कुत्ता उपलब्ध न हो तो किसी भी कुत्ते को खिलाकर यह उपाय कर सकते हैं। इस उपाय को करने से न सिर्फ भगवान भैरव बल्कि शनिदेव की भी कृपा बरसेगी।

काल भैरव शिव के तामसी रूप हैं इसलिए इन्हें प्रसाद स्वरूप मदिरा चढ़ाया जाता है।

[video_ads]

You can send your stories/happenings here: info@religionworld.in

RW

Editorial Review Note

Religion World provides information on all religions and presents it impartially. You can send us information, news, updates, opinions, and suggestions at religionworldin@gmail.com. You can also follow us on X (Twitter), Facebook, and YouTube.

May 13, 2020 2 min read
Share:

Related Historical & Critical Essays

Hinduism

कालाष्टमी 2025: क्यों मनाई जाती है और इसका महत्व क्या है?

कालाष्टमी 2025: क्यों मनाई जाती है और इसका महत्व क्या है? कालाष्टमी हिंदू धर्म का एक पवित्र दिन है, जो हर मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि…

Read now
Hinduism

दुर्गापूजा 2020 : आरंभ हुयी दुर्गापूजा, जानें सिंदूर खेला और दुर्गा बलिदान का महत्व

बंगाल, बिहार समेत देश के कई हिस्सों में दुर्गापूजा का प्रारंभ हो चुका है . हिन्दू कैलेंडर के अनुसार, शारदीय नवरात्रि के समय में ही दुर्गापूजा का उत्सव…

Read now
Hinduism

Navratri 2020: जानिए किस वजह से मां दुर्गा की मूर्ति में इस्तेमाल होती है वेश्यालय की मिट्टी

दुर्गा पूजा या नवरात्रि महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है. यह त्योहार दुर्गा, देवी पार्वती के योद्धा रूप और दिव्य शक्ति, समृद्धि और राक्षसी शक्तियों के संहारक की…

Read now