अंगारकी चतुर्थी: जानें कथा और पूजा विधि
भगवान गणेश की पूजा के लिए महत्वपू्र्ण चतुर्थी तिथियों में एक अंगारकी चतुर्थी भी है। इस दिन भगवान गणेश की पूजा करने से मनचाहा वरदान प्राप्त होता है और हर मनोकामना पू्र्ण होती है। इस बार अंगारकी चतुर्थी 17 सितंबर दिन मंगलवार यानी आज है।
अंगारकी चतु्र्थी की कथा:

कहते हैं अंगारकी नाम का एक संत भगवान गणेश का परम भक्त था। वह ऋषि भारद्वाज और मां पृथ्वी का पुत्र था। अंगारकी ने भगवान गणेश की घोर तपस्या की जिससे प्रसन्न होकर भगवान गणेश उनके सामने प्रगट हो गए। और मनचाहा वरदान मांगने के लिए कहा। इस पर संत अंगारकी ने कहा, भगवान मैं हमेशा आपकी शरण में रहना चाहता हूं। इस पर भगवान गणेश ने एवमस्तु कहा। उन्होंने कहा कि जब भी मंगलवार को चतुर्थी पड़ेगी उसे अंगारकी नाम से जाना जाएगा। अंगारकी को भगवान मंगल के नाम से भी जानते हैं।
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पूजन विधि :
सुबह स्नान करन के बाद साफ वस्त्र या नए वस्त्र धारण करें और भगवान गणेश की विधि विधान से पूजा करें। भगवान गणेश की प्रतिमा ईशान कोण पर बनी चौकी में रखें और फिर उनकी पूजा करें। पूजा सामग्री के लिए जल, अक्षत, दूर्वा घास, लड्डू, पान, धूप आदि इस्तेमाल कर सकते हैं।
चतुर्थी तिथि :
प्रारंभ– 04:33 बजे, 17 सितंबर 2019
समाप्त– 06:12 बजे, 18 सितंबर 2019
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