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परमार्थ निकेतन में हिन्दी दिवस पर विदेशी सैलानियों को हिन्दी भाषा सिखाने की अनूठी पहल

परमार्थ निकेतन में हिन्दी दिवस पर विदेशी सैलानियों को हिन्दी भाषा सिखाने की अनूठी पहल

परमार्थ निकेतन में हिन्दी दिवस पर विदेशी सैलानियों को हिन्दी भाषा सिखाने की अनूठी पहल
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परमार्थ निकेतन में हिन्दी दिवस पर विदेशी सैलानियों को हिन्दी भाषा सिखाने की अनूठी पहल

परमार्थ निकेतन में हिन्दी दिवस पर विदेशी सैलानियों को हिन्दी भाषा सिखाने की अनूठी पहल

  • हिन्दी भाषा के विस्तार का लिया संकल्प
  • अन्तर्राष्ट्रीय एडवेंटिस्ट डेवलपमेंट रिलीफ एजेंसी के सदस्यों ने वाॅटर ब्लेसिंग सेरेमनी कर जल संरक्षण का संकल्प लिया
  • हिन्दी हमारी मातृभाषा है, हिन्दी से जुड़े रहना अर्थात अपनी संस्कृति और संस्कारों से जुडना
  • हिन्दी को जन मानस की भाषा बनाने से पहले हम उसे अपने मानस में प्रतिष्ठित करे
  • हिन्दी, हमारे राष्ट्र की पहचान है-स्वामी चिदानन्द सरस्वती

ऋषिकेश, 14 सितम्बर। परमार्थ निकेतन में अन्तर्राष्ट्रीय एडवेंटिस्ट डेवलपमेंट रिलीफ एजेंसी, (एडीआरडी) के भारत में निदेशक वेस्टन डेविस और उनका दल आया। यह संगठन विश्वास आधारित संगठन है जो भारत सहित विश्व के 130 से अधिक देशों में कार्य कर रहा है। वेस्टन डेविस के नेतृत्व में दल के सदस्यों ने परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष और ग्लोबल इण्टरफेथ वाश एलांयस के संस्थापक स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज और जीवा की अन्तर्राष्ट्रीय महासचिव साध्वी भगवती सरस्वती जी से मुलाकात की। स्वामी जी महाराज ने उनसे जल, पर्यावरण, ग्लोबल वार्मिग, क्लाइमंेट चेंज जैसे विषयों पर चर्चा करते हुये कहा कि जीवा और (एडीआरडी) दोनों मिलकर वैश्विक स्तर पर इस ओर कार्य कर सकते है।

हिन्दी, हमारे राष्ट्र की पहचान है-स्वामी चिदानन्द सरस्वतीहिन्दी भाषा के विस्तार का लिया संकल्प

स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने वेस्टन डेविस से पर्यावरण, जल और वायु प्रदूषण के विषय में चर्चा करे हुये कहा कि इस वर्ष विश्व पर्यावरण दिवस की थीम वायु प्रदूषण रखी गयी थी। वायु प्रदूषण किसी एक राष्ट्र की नहीं बल्कि वैश्विक समस्या है। उन्होने कहा कि जो वायु जीवन दायिनी है वह मानवीय गतिविधियों के कारण प्रदूषित होकर रोगों को उत्पन्न करने का कारक बन गयी है। वायु में 10 माइक्रोमीटर के बराबर या उससे छोटे व्यास वाले पर्टिकुलेट इतने छोटे होेेते है कि वे श्वास के माध्यम से मनुष्य के फेफडों में प्रवेश कर जाते है जिससे गंभीर स्वास्थ्य संबध्ंाी समस्याऐं उत्पन्न होती है। पीएम 2.5 काफी छोटे कण होते हैं। हमारे बाल का व्यास 70 माइक्रोमीटर होता है अब अंदाजा लगाया जा सकता है कि पीएम 2Û5 कितना छोटा कण होता होगा जो सांस के साथ सीधे फेफड़ों में प्रवेश करता है। प्रदूषकों में विद्यमान पर्टिकुलेट मैटर्स जिनका आकार 0.001 से 500μ तक होता है ये वायु में विलय होकर मनुष्य के फेफड़ों और जल स्रोतों को भी प्रदूषित करते है, जिससे मनुष्य को अनेक बीमारियों का सामना करना पड़ता है। इन समस्याओं के प्रति लोगों को जागृत करने हेतु कार्य किया जा सकता है। उन्होने कहा कि परमार्थ निकेतन, जीवा और (एडीआरडी) दोनों मिलकर अनेक क्षेत्रों में कार्य कर सकते हैं।

वेस्टन डेविस में स्वामी जी महाराज के सुझाव पर स्वीकृति देते हुये कहा कि उनका संगठन इस पर जरूर विचार विमर्श करेंगा।

वेस्टन डेविस में स्वामी जी महाराज के सुझाव पर स्वीकृति देते हुये कहा कि उनका संगठन इस पर जरूर विचार विमर्श करेंगा। उन्होने कहा कि हमारा उद्देश्य एक ही है अतः हम इस प्रकार संगठित होकर कार्य करेंगे तो इसके और भी अच्छे परिणाम प्राप्त किये जा सकते हैं।

हिन्दी दिवस के अवसर पर परमार्थ निकेतन में विदेशी सेवकों और सैलानियों को हिन्दी सिखाने के लिये हिन्दी की कक्षाओं का आयोजन किया जायेगा। हिन्दी सीखने के लिये कई विदेशियों ने अपनी रूचि दिखायी। स्वामी जी ने बताया कि परमार्थ निकेतन में विदेश से आने वाले पर्यटक हिन्दी सीखने और बोलने के लिये उत्सुक होते हैं उन्हें हिन्दी की कक्षायें प्रदान की जाये तो इससे हिन्दी का भी विस्तार होगा और विदेश से आने वाले लोगों को भाषा के प्रति जो असुविधा होती है, उसे भी कुछ हद तक कम किया जा सकता है।

हिन्दी दिवस पर स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज

आज हिन्दी दिवस पर स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा कि ’भारत की महान, विशाल, गौरवशाली सभ्यता और विरासत को सहेजने का कार्य हिन्दी ने ही किया है। हिन्दी भारतीय संस्कारों और संस्कृति से युक्त भाषा है। हिन्दी से जुड़ना अर्थात अपनी जड़ों से जुड़ना। आईये हिन्दी को जन मानस की भाषा बनाने से पहले हम अपने मानस में उसे प्रतिष्ठित करे।

आज राज्य भाषा हिन्दी के विस्तार हेतु स्वामी जी महाराज ने गंगा आरती मंे सभी को संकल्प कराते हुये कहा कि हिन्दी दिल की भाषा है इसलिये ज्यादा-ज्यादा लोग हिन्दी में बोले तथा भावी पीढ़ी को भी हिन्दी से जोड़े। उन्होने कहा कि अपनी-अपनी मातृभाषा बोले परन्तु हिन्दी हमारी राज्य भाषा है मेरा मानना है कि यह सब को आनी चाहिये हमें ऐसा प्रयास करना चाहिये।

स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज और डाॅ साध्वी भगवती सरस्वती जी के पावन सान्निध्य में वेस्टन डेविस, मिशेल डेविस, समर डेविस, टेलर जेम्सन बाॅन्ड, रिवेर डेविस, सिएरा डेविस, ईसाई बेल, शेल्डन मैक्सवेल, राइनी बेल, हेली डेविस और अन्य विदेशी पर्यटकों ने विश्व स्तर पर जल की आपूर्ति हेतु वाॅटर ब्लेसिंग सेरेमनी सम्पन्न की।

Religion World

Editorial Review Note

Written by Religion World — Bhavya Srivastava is the founder of Religion World and a veteran journalist with over 18 years of experience across broadcast, print, and digital media. A founding member of the International Association of Religion Journalists (IARJ), he has spent much of his career reporting on and producing content about religion, faith, and spirituality. .

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September 14, 2019 4 min read
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