RELIGION WORLD — THE INDEPENDENT SCIENTIFIC & INTERFAITH JOURNAL
Navigation

© 2026 Religion World Foundation.

Global Faith • Scientific Heritage • Human Ethics

शिव माह में एक शिव सकंल्प : धारा 370 को हटाने के फैसले का स्वागत और अभिनन्दन

शिव माह में एक शिव सकंल्प : धारा 370 को हटाने के फैसले का स्वागत और अभिनन्दन

शिव माह में एक शिव सकंल्प : धारा 370 को हटाने के फैसले का स्वागत और अभिनन्दन
Visual Archive

शिव माह में एक शिव सकंल्प : धारा 370 को हटाने के फैसले का स्वागत और अभिनन्दन

शिव माह में एक शिव सकंल्प

  • स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने अखण्ड भारत के लिये विशेष आहुतियाँ समर्पित की
  • एक राष्ट्र, एक निशान एक विधान और एक प्रधान – पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वतीजी
  • इदम् राष्ट्राय इदम् न मम!

6 अगस्त, ऋषिकेश। धारा 370 को हटाने के फैसले का स्वागत और अभिनन्दन करते हुये परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा कि इदम् राष्ट्राय इदम न मम। प्रभु शिव के श्रावण माह में आज भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने ऐतिहासिक निर्णय लिया। हर पल हर क्षण देश का ही चिंतन करने वाले देश के इन दो शेरों ने आज कुछ ऐसा लिखा है जो आने वाली पीढ़ियाँ युगों-युगों तक याद रखेगी। वास्तव में यह स्वर्ण अक्षरों में लिखी गयी इबारत है, जिसे स्वर्ण अक्षरों में पढ़ा जायेगा और स्वर्ण अक्षरों में गढ़ा जायेगा।
स्वामी जी ने कहा कि हमारे राष्ट्र में ऐसा ही तो चाहिये जिसमें सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास हो। उन्होने कहा कि आने वाले समय में कश्मीरियों को लगेगा कि यह उनकी कितनी बड़ी भूल थी। यह कार्य पहले ही हो जाना चाहिये था। उन्हें भी लगेगा की अकेले-अकेले जीना किसी के भी हित में नहीं है। अब इस एतिहासिक और अभूतपूर्व निर्णय से प्यार बढ़ेगा, सहकार बढ़ेगा, व्यापार बढ़ेगा, रोजगार बढ़ेगा और सबसे बड़ी बात है देश का आधार बढ़ेगा। इससे पूरे विश्व में हमारे राष्ट्र को एक पहचान मिलेगी। यह पहचान लड़ाई के लिये नहीं बल्कि अच्छाई और सच्चाई की होगी।

स्वामी जी ने कहा कि यह कोई पद या कद पाने की बात नहीं है बल्कि बात है निष्ठा की है। हम सभी के भीतर अपने राष्ट्र के प्रति निष्ठा बढ़नी ही चाहिये। हमें यह सदैव याद रखना है कि हम सब एक है, एक परिवार है और साथ-साथ रहकर यहां सब मिलकर वतन के लिये देश के लिये कार्य करें ताकि देश ऊँचाईयों की बुलंदियों को सदैव छूता रहे। स्वामी जी ने कहा कि सरकार के द्वारा यह जो कदम उठायें जा रहे है वह किसी कंट्रोल के लिये नहीं है, न ही कोई अन्य रोल प्ले करने के लिये है, बल्कि यह तो इसलिये है कि हमारा राष्ट्र नयी ऊँचाईयों तक पहुंचे। हमारे देश में सबका विकास हो। इसलिये इस राष्ट्र के सभी बहन-भाईयों से एक ही प्रार्थना ही कि वे ऐसे निर्णयों को राष्ट्र हित में लेते हुये देश में अमन और शान्ति बनायें रखें। उन्होने कहा कि काश भारत को यह दोनों शेर पहले ही मिल गये होते तो यह ऐतिहासिक कार्य पहले ही हो जाता। खैर देर आये दुरस्थ्त आये, एक दिन ऐसा होना ही था। इन दोनों शेरों ने आज जो कर के दिखाया वह केवल भारत के लिये ही नहीं बल्कि पूरे विश्व को शान्ति का पैगाम देता रहेगा।

माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी और गृहमंत्री श्री अमित शाह जी द्वारा धारा 370 को हटाना देशहित और जन हित में लिया गया ऐतिहासिक फैसला है क्योकि इस फैसले ने कश्मीर को नया जीवन प्रदान किया है। आजादी के 72 वर्षो बाद कश्मीर से कन्याकुमारी तक भारत को सम्पूर्ण भारत का दर्जा देना निर्णायक फैसला है। वास्तव में आज भारत को अखण्ड भारत का दर्जा प्राप्त हुआ है क्योकि सही मायने में 72 वर्षो बाद ही सही पूरे भारत में एक ही संविधान लागू होगा। अब एक राष्ट्र, एक जैसी नागरिकता और एक संविधान का ही अनुपालन होगा। आज से हर भारतवासी कहेेगा कश्मीर भारत का हृदय स्थल है और हमेशा रहेगा।

कश्मीर से धारा 370 के समाप्त होने सेे दोहरी नागरिकता खत्म हुई। अब न अलग निशान होगा और न अलग झण्डा होगा। पूरे भारत में तिरंगे का अपमान अब अपराध माना जायेगा तथा माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश अब पूरे भारत में लागू होगा, विधानसभा का कार्यकाल 5 साल का होगा, अल्पसंख्यकों को आरक्षण मिलेगा, कश्मीर में बाहरी निवेश बढ़ेगा, महिलाओं को समानता का अधिकार प्राप्त होगा, बच्चों को शिक्षा का अधिकार प्राप्त होगा जैसे अनेक फैसले जो 72 वर्षो से इंतजार कर रहे थे वे अब लागू होंगे और देश में समानता, समरसता और सद्भाव का वातावरण निर्मित होगा।

भारत के इन दोनों शेरों का अभिनन्दन करते हुये आज की परमार्थ गंगा तट पर होने वाली दिव्य आरती राष्ट्र को समर्पित की गयी। परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश गंगा के तट, हिमालय की वादियों, ऊँचाईयों, गंगा की पवित्रता और सागर की गहराईयों कि तरह इस देश की पहचान बनी रहे ऐसी प्रार्थना कर विशेष आहुतियां समर्पित की गयी और भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी और गृहमंत्री श्री अमित शाह को कोटि-कोटि साधुवाद दिया, साथ ही उनकी सुरक्षा एवं स्वस्थ्य के लिये भी प्रार्थना की गई।

Religion World

Editorial Review Note

Written by Religion World — Bhavya Srivastava is the founder of Religion World and a veteran journalist with over 18 years of experience across broadcast, print, and digital media. A founding member of the International Association of Religion Journalists (IARJ), he has spent much of his career reporting on and producing content about religion, faith, and spirituality. .

Religion World provides information on all religions and presents it impartially. You can send us information, news, updates, opinions, and suggestions at religionworldin@gmail.com. You can also follow us on X (Twitter), Facebook, and YouTube.

August 7, 2019 4 min read
Share:

Related Historical & Critical Essays

Hinduism

क्यों दक्षिण भारत में हनुमान, शिव और विष्णु की विशेष पूजा होती है?

क्यों दक्षिण भारत में हनुमान, शिव और विष्णु की विशेष पूजा होती है? दक्षिण भारत प्राचीन संस्कृति, विशाल मंदिरों, और अनगिनत आध्यात्मिक परंपराओं की धरती है। यहाँ भक्तिभाव…

Read now
Hinduism

ऋषि पंचमी 2025 कब है? व्रत कथा और पूजा का महत्व जानें

ऋषि पंचमी 2025 कब है? व्रत कथा और पूजा का महत्व जानें भारतीय सनातन संस्कृति में ऋषि पंचमी का विशेष महत्व है। यह व्रत हर वर्ष भाद्रपद मास…

Read now
Hinduism

नागों की उत्पत्ति: नाग वंश की शुरुआत कैसे हुई ?

नागों की उत्पत्ति: नाग वंश की शुरुआत कैसे हुई ? भारतीय संस्कृति में नाग केवल सर्प नहीं हैं – वे शक्ति, रहस्य और आस्था का प्रतीक हैं। नागों…

Read now