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परमार्थ निकेतन में परम पावन दलाई लामा जी के 84वें जन्मदिवस से पूर्व किया वृक्षारोपण

परमार्थ निकेतन में परम पावन दलाई लामा जी के 84वें जन्मदिवस से पूर्व किया वृक्षारोपण

परमार्थ निकेतन में परम पावन दलाई लामा जी के 84वें जन्मदिवस से पूर्व किया वृक्षारोपण
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परमार्थ निकेतन में परम पावन दलाई लामा जी के 84वें जन्मदिवस से पूर्व किया वृक्षारोपण

परमार्थ निकेतन में परम पावन दलाई लामा जी के 84वें जन्मदिवस से पूर्व किया वृक्षारोपण

ऋषिकेश, 6 जुलाई; परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने विश्व विख्यात आध्यात्मिक गुरू परम पावन दलाई लामा जी के 84 वें जन्म दिवस के एक दिन पूर्व वृहद स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाया तथा माँ गंगा के तट पर उनके शतायु और स्वस्थ जीवन हेतु विशेष प्रार्थना की.


इस अवसर पर देहरादून से पधारे कई लामा, विश्व के कई देशों से आये पर्यटकों यथा ब्राजील, आस्ट्रेलिया, सिंगापुर, कोरिया, जापान, चीन, तिब्बत, अमेरिका, स्पेन, यूके, इटली, फ्रांस, मैक्सिको, अर्जेटीना, दक्षिण अफ्रीका, मलेशिया, नार्वे, स्विट्जरलैण्ड, पुर्तगाल, जर्मनी आदि देशों से आये पर्यटक, परमार्थ गुरूकुल के आचार्य, ऋषिकुमार और परमार्थ निकेतन परिवार के सदस्यों ने सहभाग किया.
साथ ही स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने जानकारी दी कि कुनाँव नर्सरी में 1 लाख पौधे तैयार किये गये है. परमार्थ निकेतन, ईको टास्क फोर्स और स्थानीय लोगों के सहयोग से पूरे उत्तराखण्ड के स्कूलों, मदरसों, विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में वृक्षारोपण की योजना बनायी जा रही है. कुनाँव नर्सरी से पतजंलि योगपीठ भी पौधे जायेंगे. पतजंलि योगपीठ की टीम ने इन पौधों की क्वालिटी का परिक्षण किया और इसे बेहतर बताया.
कुनाँव नर्सरी में कचनार, अमलतास, बबूल, आमजा, बेलपत्री, सन्तरा, रीठा, अखरोट, मोरंगा (सहजन), हरड़ा, सिल्वर ओक, अनार, चन्दन और अन्य प्रजाति के पौधों का उत्पादन किया जा रहा है.

यह भी पढ़ें-परमार्थ गंगा तट पर गंगा आरती के पश्चात ’पीएम नरेन्द्र मोदी बायोपिक’ फिल्म का प्रदर्शन


स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने बताया कि वृक्षारोपण अभियान का शुभारम्भ परम पावन दलाईक्षारोपण का संदेश दिया जायेगा.
स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा कि पूज्य दलाई लामा जी ने पूरे विश्व को करूणा, प्रेम और दया का संदेश दिया है. साथ ही दलाई लामा जी ने कहा कि हम मनुष्य प्रकृति से ही जन्मे है इसलिये हमारा प्रकृति के खिलाफ जाने का कोई कारण नहीं बनता. पर्यावरण, धर्म, नीतिशास्त्र और नैतिकता का मामला नहीं है. पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली विलासिताओं के बिना हम रह सकते है लेकिन हम प्रकृति के विरूद्ध जाते है तो हम जिंदा नहीं रह सकते. अतः उनके जन्म दिवस से वृक्षारोपण यात्रा का शुभारम्भ किया जायेंगा यही उनके लिये सबसे बड़ी सौगात होगी.


स्वामी जी ने कहा कि मनुष्य के जीवन में कोई भी वस्तु इतनी आवश्यक नहीं जितनी की ’ऑक्सीजन’. हम बिना भोजन के कुछ सप्ताह तक जिंदा रह सकते है, बिना जल के तीन या चार दिन परन्तु बिना ऑक्सीजन के हम तीन मिनट भी जिंदा नहीं रह सकते. आॅक्सीजन का स्रोत वृक्ष है जो हमें निःशुल्क प्राणवायु प्रदान करते है. वृक्ष हमारे लिये प्रकृति प्रदत्त उपहार है परन्तु मनुष्य की बढ़ती आवश्यकताओं और अवैज्ञानिक विकास के कारण पौधों को काटा गया जिससे प्राकृतिक व्यवस्था में व्यवधान उत्पन्न हुआ. वहीं दूसरी ओर विकास के नाम पर इन 50 वर्षो में जो कार्य किया उससे प्रकृति का संतुलन बिगड़ गया जिससे वातावरण में वायु प्रदूषण, जल और मृदा में प्रदूषण बढ़ गया जिससे आज मनुष्य को अनेक बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है. डब्ल्यू.एच.ओ. के आकंड़ो के अनुसार विश्व स्तर पर प्रतिवर्ष लगभग 70 लाख लोगों की मौत वायु प्रदूषण के कारण होती है. सचमुच यह आंकडे भयावह है. प्रदूषण रूपी महामारी से बाहर निकलने के लिये प्रत्येक मनुष्य को जागृत होकर कार्य करना होगा.
स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज, देहरादून से आये लामा और परमार्थ गुरूकुल के ऋषिकुमारों ने मिलकर परमार्थ निकेतन परिसर, वीरपुर में वृक्षारोपण किया.
स्वामी जी ने सभी विशिष्ट अतिथियों  को रूद्राक्ष का पौधा देकर विदा किया. आज की गंगा आरती परम पावन दलाई लामा के स्वस्थ जीवन के लिये समर्पित की गयी.

RW

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July 6, 2019 3 min read
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