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ईद-उल-ज़ुहा/बकरीद को मनाने की वजह और कहानी

ईद-उल-ज़ुहा/बकरीद को मनाने की वजह और कहानी

ईद-उल-ज़ुहा/बकरीद को मनाने की वजह और कहानी
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ईद-उल-ज़ुहा/बकरीद को मनाने की वजह और कहानी

ईद-उल-ज़ुहा/बकरीद को मनाने की वजह और कहानी

ईद-उल-ज़ुहा का त्यौहार आज पूरी दुनिया में मनाया जा रहा है। कुरबानी के इस त्योहार की इस्लाम में बड़ी मान्यता है। इसे बकरीद या बकरा ईद के नाम से भी जाना जाता है।

ईद-उल-ज़ुहा का खास दिन हज़रत इब्राहिम की कुरबानी की याद के तौर पर मनाया जाता है। हज़रत इब्राहिम इसी दिन अल्लाह के हुक्म पर अपनी वफादारी दिखाने के लिए अपने बेटे हज़रत इस्माइल को कुरबान करने के लिए राजी हुए थे। ईद-उल-ज़ुहा का यह खास दिन इस्लाम के हज के पूरे होने की ताकीद भी करता है।

मुस्लिमों द्वारा ईद-उल-फितर के 70 दिन बाद ईद-उल-जुहा मनाई जाती है। इस दिन मुस्लिम समुदाय के लोग नमाज अदा कर बकरों की कुर्बानी की रवायत भी निभाते आए हैं।

इस्लाम के अनुसार दुनिया में 1 लाख 24 हजार पैगम्बर यानि अल्लाह के दूत आए। इनमें से आखिरी पैगम्बर मुहम्मद इब्राहिम साहिब हुए, ऐसा माना जाता है कि इन्हीं के जमाने में बकरों के कुर्बानी की शुरुआत हुई। लेकिन इस प्रथा को कुर्बानी की मिसाल के तौर पर ज्यादा देखा जाता है।

ईद-उल-ज़ुहा की कहानी 

कुरआन में लिखा है कि एक दिन परवरदिगार अल्लाह ने हज़रत इब्राहिम से ख्वाब में आए और उनकी सबसे प्रिय चीज की कुरबानी की बात कही। हज़रत इब्राहिम को अपना बेटा सबसे प्यारा था।लेकिन अल्लाह के हुक्म को मानकर उन्होंने अपने बेटे की कुरबानी देने का निर्णय किया। तयशुदा समय परहज़रत इब्राहिम ने जैसे ही अपने बेटे की गर्दन पर वार किया, अल्लाह ने उनके बेटे को बचाकर एक भेड़ की कुर्बानी दिलवा दी। इसी कारण इस पर्व को बकरीद के नाम से भी जाना जाता है।

ईद-उल-ज़ुहा को कैसे मनाया जाता है? 

• इस खास मुसलमान किसी जानवर जैसे बकरा, भेड़, ऊंट की कुर्बानी देने की परंपरा निभाते हैं। इस कुर्बानी के गोश्त को तीन हिस्सों में बांटा जाता है: एक खुद के लिए, एक सगे-संबंधियों के लिए और एक गरीबों के लिए।
• इस दिन लोग साफ-सुथरे होकर नए कपड़े पहनकर ही नमाज़ पढ़ते हैं।
• ईद उल फित्र की तरह ईद उल ज़ुहा में भी ज़कात देना अनिवार्य होता है ताकि खुशी के इस मौके पर कोई गरीब महरूम ना रह जाए।

@religionworldbureau

Editorial Review Note

Written by Religion World — Bhavya Srivastava is the founder of Religion World and a veteran journalist with over 18 years of experience across broadcast, print, and digital media. A founding member of the International Association of Religion Journalists (IARJ), he has spent much of his career reporting on and producing content about religion, faith, and spirituality. .

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August 21, 2018 2 min read
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