गुप्त नवरात्रि विशेष: षोडश कलाओं से पूर्ण हैं माँ त्रिपुर सुंदरी
माँ त्रिपुर सुंदरी षोडशी माहेश्वरी शक्ति की विग्रह वाली शक्ति है. इनकी चार भुजा और तीन नेत्र हैं. इन्हें ललिता, राज राजेश्वरी और त्रिपुर सुंदरी भी कहा जाता है. इनमें षोडश कलाएं पूर्ण है इसलिए षोडशी भी कहा जाता है. त्रिपुरा में स्थित त्रिपुर सुंदरी का शक्तिपीठ है माना जाता है कि यहां माता के धारण किए हुए वस्त्र गिरे थे. त्रिपुर सुंदरी शक्तिपीठ भारतवर्ष के अज्ञात 108 एवं ज्ञात 51 पीठों में से एक है.
दक्षिणी-त्रिपुरा उदयपुर शहर से तीन किलोमीटर दूर, राधा किशोर ग्राम में राज-राजेश्वरी त्रिपुर सुंदरी का भव्य मंदिर स्थित है, जो उदयपुर शहर के दक्षिण-पश्चिम में पड़ता है. यहां सती के दक्षिण ‘पाद’ का निपात हुआ था. यहां की शक्ति त्रिपुर सुंदरी तथा शिव त्रिपुरेश हैं. इस पीठ स्थान को ‘कूर्भपीठ’ भी कहते हैं.
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उल्लेखनीय है कि महाविद्या समुदाय में त्रिपुरा नाम की अनेक देवियां हैं, जिनमें त्रिपुरा-भैरवी, त्रिपुरा और त्रिपुर सुंदरी विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं.
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त्रिपुर सुंदरी माता का मंत्र: रूद्राक्ष माला से दस माला ‘ऐ ह्नीं श्रीं त्रिपुर सुंदरीयै नम:’ मंत्र का भी जाप कर सकते हैं।
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