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मायाकुण्ड में निःशुल्क चिकित्सा शिविर एवं स्वच्छता जागरूकता अभियान

मायाकुण्ड में निःशुल्क चिकित्सा शिविर एवं स्वच्छता जागरूकता अभियान

मायाकुण्ड में निःशुल्क चिकित्सा शिविर एवं स्वच्छता जागरूकता अभियान
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मायाकुण्ड में निःशुल्क चिकित्सा शिविर एवं स्वच्छता जागरूकता अभियान

मायाकुण्ड में निःशुल्क चिकित्सा शिविर एवं स्वच्छता जागरूकता अभियान

  • पांच वर्ष से कम उम्र के सैकड़ों बच्चो को विटामिन ’ए’ एवं कृमिनाशक अल्बेनडाजोल दवाईयाँ की गयी वितरित
  • परमार्थ निकेतन, सेवा चाइल्ड, डिवाइन शक्ति फाउण्डेशन, जीवा, ग्रामीण विकास संस्थान (आर डी आई) एवं हिमज्योति के संयुक्त तत्वाधान में आयोजन
  • हिमालयन हॉस्पिटल के चिकित्सकों ने किया स्वास्थ्य परिक्षण और वितरित की विटामिन ’ए’ और कृमिनाशक दवाई
  • पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज, जीवा की अन्तर्राष्ट्रीय महासचिव साध्वी भगवती सरस्वती, उत्तराखण्ड विधान सभा अध्यक्ष एवं क्षेत्रीय विधायक श्री प्रेमचन्द्र अग्रवाल जी, नगरपालिका अध्यक्ष श्री दीप शर्मा जी  ने किया सहभाग
  • विशाल भण्डारे का आयोजन
ऋषिकेश, 9 अक्टूबर। मायाकुण्ड, ऋषिकेश में आज निःशुल्क चिकित्सा शिविर एवं स्वच्छता जागरूकता अभियान का आयोजन सेवा चाइल्ड, परमार्थ निकेतन, डिवाइन शक्ति फाउण्डेशन, जीवा, ग्रामीण विकास संस्थान (आर डी आई)  एवं हिमज्योति के संयुक्त तत्वाधान में किया गया। हिमालयन हॉस्पिटल के चिकित्सकों ने स्वास्थ्य परिक्षण किया तथा पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों को विटामिन ’ए’ की खुराक एवं कृमिनाशक औषधि अल्बेनडाजोल वितरित की गयी। इस अवसर पर विशाल भण्डारे का आयोजन किया गया।
पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज, साध्वी भगवती सरस्वती, उत्तराखण्ड विधान सभा अध्यक्ष एवं क्षेत्रीय विधायक श्री प्रेमचन्द्र अग्रवाल जी नगरपालिका अध्यक्ष श्री दीप शर्मा जी एवं गणमान्य अतिथियों ने दीप प्रज्जवलित कर शिविर का उद्घाटन किया। इस चिकित्सा शिविर मंे मायाकुण्ड क्षेत्र के बच्चों के अलावा कई अन्य आंगनवाडि़यों के बच्चों को भी दवाई वितरित की गयी।
बताते चले कि विटामिन ’ए’ शरीर के सभी अंगों को सुचारू रूप से चलाने में मदद करता है। यह अच्छी सेहत के लिये जरूरी है। विटामिन ए आंखों की रोशनी को तेज करता है; इसके द्वारा बच्चों का विकास सुचारू रूप से होता है एवं हडिडयों, दांतों एवं उत्तकों के रख-रखाव में सहायक है। अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त दिशानिर्देशों के अनुसार 6-11 महीने के प्रत्येक बच्चों को प्रतिवर्ष 100,000 आईयू विटामिन ए की दो खुराक की आवश्यकता होती है तथा अल्बेनडाजोल कृमिनाशक दवाई की भी 12 से 59 महीने की आयु के प्रत्येक बच्चों को सालाना दो खुराक की जरूरत होती है।
विटामिन ’ए’ की कमी के कारण शरीर पर अनेक विपरीत प्रभाव पड़ते हैं यथा अन्धेरे में कम दिखाई देेेना, आंखोेे में आंसू की कमी से आंखांे पर सूजन आना। इसकी कमी से बच्चों का विकास असामान्य गति से होता है तथा कद भी छोटा रह जाता है।
इस कार्यक्रम में स्वच्छता विशेषज्ञों ने बच्चों एवं माताओं को स्वच्छता एवं पर्यावरण विषय पर उद्बोधन दिये। स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिये प्रश्नोत्तरी भी की गयी जिसमंे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले बच्चों एवं माताओं को पुरस्कृत भी किया गया। जीवा के स्वयंसेवकों ने स्वस्थ और शान्तिपूर्ण समाज के निर्माण के लिये, सुरक्षित जल, स्वच्छता और स्वच्छता के महत्व को व्याख्यान, लघु फिल्म (शार्ट फिल्म) एवं पपेट शो के माध्यम से समझाया।
शिविर के उद्घाटन अवसर पर पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा कि ’हमारे बच्चे हमारा भविष्य है।’ इनका जीवन कुपोषण से मुक्त हो यह सुनिश्चित करने के लिये हमें मिलकर प्रयास करने की जरूरत है। उन्होने कहा कि मानवता की सेवा ही ईश्वर की सेवा है। ईश्वर को प्रसन्न करने के लिये मंत्र जप करे पर साथ ही आप अपने हाथों से दूसरों की सेवा भी करें, सेवा ही हमारा मंत्र हो। कबीरदास जी ने कहा ’वृक्ष कभी भी अपना फल स्वंय नहीं चखते; नदियां अपना जल नहीं पीती उसी प्रकार हम सभी को भी अपना जीवन  परमार्थ और परोपकार में लगाना चाहिये यही मानव धर्म है। ’परहित सरिस धर्म नहिं भाई, पर पीड़ा सम नहिं अघमाई’ अर्थात परोपकार के समान दूसरा कोई धर्म नहीं हैं। उन्होने कहा कि आज समाज को उन लोगों की आवश्यकता है जो सकारात्मक दिशा में परिवर्तन ला सके; प्रकृति को पर्यावरण को स्वच्छता सेनानियों की जरूरत हैं अतः आईये मिलकर एक स्वच्छ, स्वस्थ एवं संस्कारों से युक्त समाज का निर्माण करें।
जीवा की अन्तर्राष्ट्रीय महासचिव  साध्वी भगवती सरस्वती जी ने कहा कि स्वच्छता एवं उत्तम स्वास्थ्य प्रत्येक बच्चे का अधिकार है जो उसे प्राप्त होना चाहिये। हम सभी मिलकर इस कार्य को गति प्रदान कर सकते है
विधानसभा अध्यक्ष श्री प्र्रेमचन्द्र अग्रवाल जी ने पूज्य स्वामी जी आभार व्यक्त करते हुये कहा कि जिनके जीवन का उद्देश्य ही समाज के साथ-साथ जल, पर्यावरण संरक्षण एवं बच्चों को स्वच्छता प्रदान करना मैं उन्हे नमन करता हूँ। उन्होने कहा कि इस क्षेत्र के विकास के लिये जो भी जरूरी होगा उसे निश्चित किया जायेगा।
नगरपालिका अध्यक्ष श्री दीप शर्मा जी ने कहा कि हमने पूरे ऋषिकेश को स्वच्छ रखने के लिये कुछ योजना तैयार की है। हमने 15000 कूडादान ऋषिकेश शहर एवं घरों में देने की रूपरेखा तैयार की है जिससे कुछ ही समय में ऋषिकेश शहर स्वच्छ हो एवं हरियाली युक्त होगा।
इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक रूद्राक्ष का पौधा मायाकुण्ड में रोपित किया। पूज्य स्वामी जी के साथ सभी विशिष्ट अतिथियों ने स्वच्छ जल की उपलब्धता के लिये वाटर ब्लेसिंग सेरेमनी सम्पन्न की। पूज्य स्वामी जी ने उपस्थित सभी लोगों को प्लास्टिक का प्रयोग न करने कूडे को
निश्चित स्थान में डालने, शौचालय का प्रयोग करने, पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छ भारत के निर्माण में सहयोग करने का संकल्प कराया। पूज्य स्वामी जी ने बच्चों के साथ माननीय विधानसभा अध्यक्ष श्री प्रेमचन्द्र अग्रवाल जी एवं नगरपालिका अध्यक्ष श्री दीप शर्मा जी को रूद्राक्ष का पौधा भेंट किया।

Editorial Review Note

Written by Religion World — Bhavya Srivastava is the founder of Religion World and a veteran journalist with over 18 years of experience across broadcast, print, and digital media. A founding member of the International Association of Religion Journalists (IARJ), he has spent much of his career reporting on and producing content about religion, faith, and spirituality. .

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October 9, 2017 5 min read
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