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अध्यात्म और सफलता | Spirituality and Success | श्रीश्री रवि शंकर
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अध्यात्म और सफलता | Spirituality and Success | श्रीश्री रवि शंकर
Meditation
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Category: Meditation
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अध्यात्म का क्या महत्व है ? जीवन में सुखी कैसे रहे ? जीवन में सफलता कैसे पाए ? (Importance of spirituality, how to be successful in Hindi) by Sri Sri Ravi Shankar
श्री श्री रवि शंकर जी ने 1982 में ‘दी आर्ट ऑफ लिविंग’ के रूप में एक अंतर्राष्ट्रीय निर्लाभ शैक्षिक व लोकोपकारी संस्था का प्रारम्भ किया।इसके शैक्षिक व आत्म-विकास के कार्यक्रमों में, योग तथा सुदर्शन क्रिया जैसी प्रभावपूर्ण श्वास की तकनीकों द्वारा तनाव को मिटाने व उत्तम स्वास्थ्य का अनुभव कराने के प्रभावशाली साधन प्रदान किये। ये प्रक्रियाएं, न केवल किसी विशिष्ट जनसंख्या के लिए प्रभावी हो कर, अपितु विश्व स्तर पर समाज के हर वर्ग के लिए प्रभावी व लाभकारी सिद्ध हुई हैं। योग क्या है? खुशी व अच्छे स्वास्थ्य का रहस्य मनुष्य के भीतर ही छुपा हुआ है|
योग अपने आप को जानने का विज्ञान है; जो कि स्वयं आनंद, शांति व शुद्ध चैतन्य है| जब हमारे जीवन में दुविधा होती है, तब हम तनाव में आ जाते है और चिंतित हो जाते हैं| ऐसी परिस्थिति में हमारा पूरा शरीर थक जाता है और मन में भी व्याकुलता बनी रहती है| योग एक ऐसा अनुशासन है, जिसके द्वारा हम अपने प्रति और अधिक सजग हो जाते हैं| कुछ सरल से योगासन, प्राणायाम, और ध्यान द्वारा हम विश्राम कर सकते हैं और अपने मन व शरीर को पुनः उर्जा से परिपूर्ण कर सकते हैं| योग की तकनीक द्वारा हम अपने जीवन में पुनः शांति व समृद्धि का स्वागत कर सकते हैं| ध्यान क्या है? मन के ऊपरी सतह पर ठहराव लाना ही ध्यान है| वर्तमान क्षण में जीना ही ध्यान है| पूरी तरह से विश्राम करना ही ध्यान है| जब आप पूरी तरह से प्रसन्न होते हैं, प्रेम से ओत-प्रोत होते हैं, तब ध्यान सहज ही हो जाता है| ध्यान एक ऐसी स्थिति है, जिसमें सभी विचार थम जाते हैं और मन पूरी तरह विश्राम की स्थिति में पहुंच जाता है|
सुदर्शन क्रिया क्या है? सुदर्शन क्रिया सांस लेने की एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें शरीर, मन और हमारी सभी भावनाएं एक लय में आ जाते हैं| इस अनोखी प्रक्रिया के द्वारा शरीर व मन से तनाव, थकावट तथा किसी भी प्रकार के नकारात्मक विचार जैसे गुस्सा, चिड़चिड़ाहट और निराशा स्वतः निकल जाते हैं| इस क्रिया को करने के पश्चात व्यक्ति उर्जा से परिपूर्ण, केंद्रित व तनाव मुक्त अनुभव करता है| यह क्रिया व्यक्ति को उर्जावान, सहज और प्रगतिशील बनाती है| अभी तक समस्त विश्व में लाखो लोगों ने इस प्रक्रिया का लाभ उठाया है और अपने जीवन को पहले से श्रेष्ठतर बनाया है| हमारे चैनल को सब्सक्राइब करें, कमेंट करें व शेयर करें।
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Written by Religion World — Bhavya Srivastava is the founder of Religion World and a veteran journalist with over 18 years of experience across broadcast, print, and digital media. A founding member of the International Association of Religion Journalists (IARJ), he has spent much of his career reporting on and producing content about religion, faith, and spirituality.View full profile →.
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