दाती महाराज। महानिर्वाणी अखाड़े के महामंडलेश्वर। एक नाम जिससे आप एक मशहूर वजह से वाकिफ है। ज्योतिष की दुनिया में दाती महाराज ने काफी शोहरत पाई है। शनि का जीवन में महत्व स्थापित करके वे लोकप्रिय गुरु के तौर पर जाने जाते हैं। पर उनके जीवन में एक और पहलू है, जिससे कम लोग वाकिफ है। संतों के सार्वजनिक जीवन में कई कार्यक्रम होते रहते हैं, धर्म के इतर उनकी पहचान कई बार उनके सामाजिक सरोकार से ही बन पाती है। समाज के लिए कुछ करने का अभिलाषा सबके मन में होती है। ऐसे में जब सतत रूप से कोई कार्य होता है, तो उसके व्यापक प्रभाव देखने को मिलते हैं। अपनी ज्योतिषिय ज्ञान मीमांसा के लिए और खास तौर पर शनि ग्रह के प्रभावों को जीवन पर बताने वाले मशहूर महामंडलेश्वर दाती महाराज ने सोमवार को देश को ये बताया कि उनका दिल कहां बसता है। टीवी से एक बड़ी पहचान बनाने से पहले से ही दाती महाराज ने जोधपुर में समाज सेवा शुरु कर दी थी। 10 जुलाई 1950 में उनका जन्म राजस्थान के पाली जिले के एक साधारण परिवार में हुआ। अपनी मां को बहुत कम उम्र में खो देने के बाद वो जीवन में ममता के महत्व को आज भी महसूस करते हैं, इसलिए 1999 से ही एक ऐसी जिम्मेदारी को निभा रहे हैं, जिसे आजतक हजारों बच्चों को प्रेम, सहयोग और सामर्थ्य की ममता का लाभ मिला है।
सेवा-सत्संग और सुमिरन से वो संत जीवन जीते हैं तो ममता-मोह और मार्मिक भाव से अनाथ और गरीब बच्चों की सेवा करते हैं। 750 बच्चे हर साल दाती महाराज के जोधपुर के पास बने आश्वासन गुरुकुल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में जीवन को संवारने का मौका पाते हैं, वो भी बिना किसी शुल्क के, मुफ्त में पढ़ना, रहना और खाना। ये स्कूल रेजिडेंशियल है। यहां ऐसे ही बच्चों को दाखिला मिलता है, जो या तो अनाथ हैं, या माता या पिता से महरूम है। और सबसे खास बात ये कि ये केवल बच्चियों या लड़कियों के लिए खोला गया विद्यालय है। आश्वासन बालग्राम (http://ashwasan.com/) नाम से मशहूर इस संस्थान की नींव 1999 में पड़ी और आज ये 350 एकड़ मे विशाल वृक्ष बन गया है। आज ये विद्यालय से एक बड़े कॉलेज में तब्दील हो चुका है, जहां ग्रेजुएशन से जुड़े कोर्स और बीसीए जैेसे तकनीकी शिक्षा भी प्रदान की जाती है। पिछले साल दाती महाराज ने एक अस्पताल की अनावरण किया, जहां गरीबों का इलाज मुफ्त होता है।
Photo Courtesy: www.ashwasan.com
जानिए कैसे – 50,000000 पेड़ लगा चुके हैं हमारे संत और उनके संगठन
दाती महाराज पिछले कई सालों से एक और प्रेरणा को लेकर आगे बढ़ रहे हैं। कन्या भ्रूण हत्या की सामाजिक समस्या पर वे कई पिछले 21 सालों से कार्य कर रहे हैं और अपने जन्मदिन को वो कन्या भ्रूण हत्या संरक्षण दिवस के तौर पर सादगी से मानते रहे है। इस खास आयोजन के इसबार 21 साल पूरे हुए, इसलिए समाज को एक प्रेरक संदेश देने के लिए दाती महाराज ने 21वां दाती कन्या भ्रूण संरक्षण दिवस पर दिल्ली के श्री सिद्ध पीठ शक्तिधाम में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया..इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे सरसंघचालक डॉ मोहन राव भागवत बनें…इसके साथ ही कार्यक्रम में कई केंद्रीय मंत्री,राज्यपाल और समाज के अनेक क्षेत्रों से जुड़ी हस्तियां तथा संत समाज के भी कई माननीय महामण्डलेशवरों,तथा कई महान संतों ने शिरकत की…कार्यक्रम में कई तरह के सांस्कृतिक कार्य का आयोजन किया गया…और जिसमें सबसे मुख्य कार्यक्रम रहा कन्या भ्रूण संरक्षण और देशभक्ति का कार्यक्रम…
इसके बाद सरसंधचालक डॉ मोहन राव भागवत ने हमारे देश को गौरवांवित करती महिलाओं को जो देश के कई हिस्सों में महिला उत्थान महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में कार्य कर रही हैं..उनको सम्मान दिया..
- रबिता देवी मणिपुर
- जानकी मदन “दृष्टि” जम्मू जानकी मदन गर्ल्स हॉस्टल “दृष्टि” वुमन इमपावरमेंट
- मुक्ता बेन दागली गुजरात श्री प्रागण चक्क्षु महिला सेवा कुंज दिव्यांग केयर
- विमला कुंवत राजस्थान सेवा भारती सोशल समावेश
- सुषमा चतुर्वेदी उत्तर प्रदेश
- के. आच्चमा आंध्र प्रदेश वनवासी कालयम आश्रम त्रिबल वेलफेयर
- मनन चतुर्वेदी राजस्थान सुरमन चाइल्ट वेलफेयर..
इसके बाद दाती जी महाराज जी ने कहा कि, “राष्ट्र मेरे लिए सर्वोपरि है और में हमेशा देश के लिए कार्य करता रहूंगा, मैं पिछले 21 वर्षों से कन्या भ्रूण संरक्षण पर कार्य कर रहा हूं..और ये मेरा सौभाग्य है कि आज मेरी 800 बेटियां का पिता हूँ…जिन लोगों ने पिछले 21 वर्षों में मेरा सहयोग किया में उनका आभारी हूं…नारी जीवन का आधार है…और लोगों की कुठित मानसिकता को बदलने की जरुरत है…लोगों की सोच को बदल कर हमें बचपन से ही अपने बच्चों को अच्छे संस्कार देने होंगे…
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सरसंघचालक डॉ मोहन राव भागवत जी ने कार्यक्रम को समबोधित करते हुए कहा कि, “दाती महाराज 21 वर्षों से देश और समाज के हित के लिए कार्य कर रहें हैं..महाराज श्री प्रसिद्धी के पीछे नहीं बल्कि देश की तरक्की के पीछे भागते है….राष्ट्र हम सबसे बड़ा है…समाज हमारा माता-पिता सब कुछ है…हम महिला वर्ग की समस्या को जानते है…पर बोलते नहीं।महिला और पुरुष एक दूसरे के बिना अधूरे है…इसलिए हमारे देवी देवताओं की भी जोड़ी में पूजा होती है…यदि जीवन की संपूर्ण कल्पना करनी है तो दोनों को समान रुप से पूजना होता है…हमारे शस्त्र कहते है कि जहां नारी की पूजा होती है वहीं देवता वास करते है,लेकिन समाज में कुछ कालखण्ड के लिए कुरितियां आई जिसका कुप्रभाव हमारे समाज पर पड़ा…लेकिन अब समाज सजग है और उन कुरीतियों से लड़ाई लड़ी जा रही है…और विशेषत: संत समाज को आगे आना चाहिए क्योंकि समाज धर्म को जीवन दर्शन मानता है..और संतों को ये काम हाथ में लेना चाहिए.,जो दाती महाराज कर रहे हैं…भ्रूण हत्या शास्त्र से नहीं लोगों की सोच से उत्पन्न हुई है…गर्भ में बच्चे को मारना घोर पाप है…सनातन धर्म में हिंसा की कोई जगह है ही नहीं। दाती जी महाराज देश के हित के लिए जो भी कार्य करेंगे…हम सदैव उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहेंगे”
अपनी सोच को साकार होते देखना दाती महाराज के लिए भावनात्मक क्षण रहा। उन्होनें अपनी प्रतिबद्धता दिखाते हुुए करीब एक हजार छात्राओ के सोलर लाइट, सोलर पंखा और स्कूली बैग, कॉपी-किताब ट्रस्ट की ओर से वितरण किया गया और दो सौ दिव्यांग वीलचेयर, ट्राई साइकलों का भी वितरण किया। महिला सशक्तिकरण के तहत 500 विधवा महिलाओ को सिलाई मशीनो का वितरण श्री शनिधाम ट्रस्ट द्वारा क्या गया
श्री सिद्ध शक्ति पीठ शनिधाम ट्रस्ट ने अगले 10 जुलाई 2018 को 22वां दाती कन्या भ्रूण संरक्षण दिवस दिल्ली के अलावा की राज्यों में एक साथ मनाने का का संकल्प लिया।
इस आयोजन में सम्मिलित होने वाले अथिति सरसंघचालक डॉ मोहनराव भागवत, श्री सुहासराव, श्री इन्द्रेश कुमारजी, श्री रामलालजी, श्री बजरंग लाल गुप्त, दिनेश कुमार, पंजाब के राज्यपाल श्री कप्तान सिंह सोलंकी(राज्यपाल,हरियाणा) श्री वी.पी. सिंह बदनौर(राज्यपाल,पंजाब),श्री नरेंद्र सिंह तोमर (केंद्रीय मंत्री,भारत सरकार), श्री सीआर चौधरी (राज्य मंत्री,भारत सरकार), श्री पीपी चौधरी (राज्य मंत्री,भारत सरकार), श्री सुभाष भामरे (राज्य मंत्री,भारत सरकार), श्री राज्यवर्धन सिंह राठौर (राज्य मंत्री,भारत सरकार), श्री संतोष कुमार गंगवार (केंद्रीय राज्य मंत्री,भारत सरकार) श्रीमति किरण माहेश्वरी, केबिनट मंत्री, राजस्थान सरकार आदि।
Editorial Review Note
Written by Religion World — Bhavya Srivastava is the founder of Religion World and a veteran journalist with over 18 years of experience across broadcast, print, and digital media. A founding member of the International Association of Religion Journalists (IARJ), he has spent much of his career reporting on and producing content about religion, faith, and spirituality. View full profile →.
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