उगादी त्यौहार हमारे देश में बहुत मश्हूर है। इस त्यौहार को दक्षिण के राज्य में मनाया जाता है। ऐसा कहा जाता है कि इस दिन को नए साल की शुरू के तौर पर मनाया जाता है। इस वर्ष 25 मार्च 2020 को मनाया जायेगा।
इस पर्व को भारत में बहुत धूम धाम से मनाया जाता है क्योंकि वसंत आगमन के साथ ही किसानों के लिए यह पर्व नयी फसल के आगमन का भी अवसर होता है।
उगादी त्यौहार कहां और क्यों मनाया जाता है
दक्षिण भारत के कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना जैसे राज्यों में चैत्र माह के पहले दिन उगादी नामक त्योहार मनाया जाता है। इसे नववर्ष के आनने की खुशी में मनाया जाता है।
उगादी के पर्व को लेकर कई सारी मान्यताएं प्रचलित हैं। ऐसी ही एक मान्यता के अनुसार जब शिवजी ने ब्रम्हा जी को श्राप दिया था कि कही भीं उनकी पूजा नही कि जायेगी, लेकिन आंध्रप्रदेश में उगादी अवसर पर ब्रम्हाजी की ही पूजा की जाती है।
ऐसा इसलिए क्योंकि ऐसी मान्यता है कि इसी दिन ब्रम्हा जी ब्रह्माण्ड की रचना शुरु की थी।
उगादी मनाने का मुहूर्त
उगादी त्यौहार मनाने का मुहूर्त 24 मार्च दोपहर 2 बजे से शुरू होकर 25 मार्च शाम 5.26 बजे तक है।
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कैसे मनाया जाता है उगादी त्यौहार
ये दिन एक नई शुरुआत या नए युग की शुरुआत का प्रतीक है और लोग अपने घरों को साफ करने और धोने और नए कपड़े खरीदने के द्वारा इस उत्सव के अवसर की तैयारी करते हैं।
जब दिन होता है, तो घरों को आम के पत्तों से सजाया जाता है और रंगीन रंगोली बनाई जाती है।
फिर, आने वाले वर्ष में अच्छे स्वास्थ्य और समृद्धि के लिए प्रार्थना करने के लिए सामान्य अनुष्ठान पूजा की जाती है, जहां इस दिन कवि सम्मेलन (कविता पाठ) आयोजित करने का रिवाज है।
उगादी दिवस को किसी भी नए उपक्रम को शुरू करने के लिए एक शुभ और आशाजनक समय माना जाता है।
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