कोरोना वायरस के चलते इन दिनों पूरा देश लॉकडाउन है। क्वारंटाइन के ऐसे में सिर्फ गृहिणी ही नहीं, कामकाजी महिलाएं, उनके पार्टनर, बच्चे व घर के अन्य सदस्य घर पर ही हैं।
सभी लोगों के घर पर होने के कारण खाने से लेकर सोने तक का पैटर्न बदल गया है। इन दिनों सभी के पास काफी वक्त है और इसलिए बहुत से लोग आराम फरमाना पसंद कर रहे हैं।
पूरा दिन बेड से रहे दूर

घर में अधिक समय बिताना यकीनन हमें आलसी बना सकता है। ऐसे में हम बिस्तर पर खाते हैं, बिस्तर पर सोते हैं और हम बिस्तर से काम करते हैं।
अगर आप भी ऐसा ही करती हैं तो आपको इसे रोकने की जरूरत है। बेहतर होगा कि आप अपने बिस्तर को वही जगह बनाएं जहाँ आप आराम करना चाहते हैं।
ऐसा करने का लाभ यह होगा कि यह आपके शरीर के आराम के घंटों को नियंत्रित करेगा। दरअसल, हर काम बेड पर करने से आपका शरीर आलसी हो जाता है और फिर आपको काम करने समय नींद जैसी फीलिंग होती है और आराम के समय नींद नहीं आती।
लेकिन आप बिस्तर पर सिर्फ सोती ही हैं तो इससे बेड पर जाने से आपको कुछ ही देर में नींद आ जाती है।
टाइम मैनेजमेंट

इन दिनों पूरा परिवार घर पर ही है तो आपके लिए पूरे दिन का शेड्यूल तय कर पाना यकीनन काफी कठिन होगा। लेकिन अगर आप चाहती हैं कि आप ओवरस्लीपिंग ना करें और ना ही आपको सोने में किसी तरह की कोई परेशानी हो तो बेहतर होगा कि आप अपने सोने का समय जरूर सुनिश्चित करें।
मसलन, आप दिन में कितनी देर नैप लेंगी और आपका रात में सोने और सुबह उठने का समय क्या होगा। अगर नैपिंग के कारण आपको सोने में कठिनाई होती है तो आप नैपिंग को स्किप भी कर सकती हैं।
वर्कआउट ज़रूरी

जब आप घर से बाहर निकलकर काम करती हैं तो बिना वर्कआउट किए भी आपके शरीर का काफी हद तक व्यायाम हो जाता है। लेकिन अब आप घर पर हैं और बाहर बिल्कुल भी नहीं निकल रही हैं तो ऐसे में आपकी फिजिकल एक्टिविटी जीरो हो जाती है।
इसलिए बेहतर होगा कि आप घर पर ही वर्कआउट करें। इसका असर आपकी नींद पर भी पड़ता है। दरअसल, अच्छी नींद लेने के लिए आपका ब्लड सर्कुलेशन सही होना चाहिए।
इसके अलावा, दिन में व्यायाम करने से अनिद्रा और हाइपरसोमनिया का इलाज करने में मदद मिलती है।
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