Why Is Idol Worship Controversial?

Idol worship, also known as image worship, has been a central part of many religious traditions for centuries, especially in Hinduism, Buddhism, and various ancient cultures. At the same time, it has also been a subject of intense debate and criticism. Some view idol worship as a powerful spiritual aid, while others consider it unnecessary or even wrong. This difference of opinion has led to long-standing controversies. But why does idol worship create such disagreement?… Continue reading Why Is Idol Worship Controversial?

 January 19, 2026

धार्मिक प्रतीकों का महत्व क्या है?

धार्मिक प्रतीक मानव सभ्यता के साथ-साथ विकसित हुए हैं। ये प्रतीक केवल चित्र, चिन्ह या वस्तुएँ नहीं होते, बल्कि गहरे आध्यात्मिक अर्थ और भावनात्मक जुड़ाव का प्रतिनिधित्व करते हैं। चाहे वह मंदिर में स्थापित मूर्ति हो, मस्जिद का चाँद-तारा, गुरुद्वारे का खंडा या चर्च का क्रॉस—धार्मिक प्रतीक आस्था, विश्वास और परंपरा का सजीव रूप होते हैं। प्रश्न यह है कि धार्मिक प्रतीकों का वास्तविक महत्व क्या है और ये मानव जीवन को किस प्रकार प्रभावित… Continue reading धार्मिक प्रतीकों का महत्व क्या है?

 January 18, 2026

Is Fasting Only for the Body?

Fasting has been practiced for centuries across different cultures and religions. In modern times, it is often viewed mainly as a physical practice associated with detoxification, weight control, or medical benefits. This raises an important question: Is fasting only for the body, or does it serve a deeper purpose? A closer look reveals that fasting is not merely a physical act but a holistic discipline that influences the mind, emotions, and spirit. Fasting Beyond Physical… Continue reading Is Fasting Only for the Body?

 January 18, 2026

उपवास का धार्मिक महत्व क्या है?

उपवास भारतीय धार्मिक और आध्यात्मिक परंपराओं का एक महत्वपूर्ण अंग रहा है। प्राचीन काल से ही उपवास को केवल भोजन त्यागने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा की शुद्धि का साधन माना गया है। हिंदू, बौद्ध, जैन, सिख और इस्लाम सहित अनेक धर्मों में उपवास या संयम को विशेष महत्व दिया गया है। प्रश्न यह है कि उपवास का वास्तविक धार्मिक महत्व क्या है और यह जीवन को किस प्रकार प्रभावित करता है?… Continue reading उपवास का धार्मिक महत्व क्या है?

 January 18, 2026

सामूहिक प्रार्थना का प्रभाव क्या होता है?

प्रार्थना मानव जीवन की एक गहरी आध्यात्मिक आवश्यकता है। जब कोई व्यक्ति अकेले प्रार्थना करता है, तो वह अपने भीतर शांति और विश्वास का अनुभव करता है। लेकिन जब वही प्रार्थना कई लोगों द्वारा एक साथ की जाती है, तो उसे सामूहिक प्रार्थना कहा जाता है। सामूहिक प्रार्थना केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि एक सामूहिक ऊर्जा और भावनात्मक एकता का माध्यम भी है। इसका प्रभाव व्यक्ति, समाज और वातावरण—तीनों पर पड़ता है। सामूहिक ऊर्जा का… Continue reading सामूहिक प्रार्थना का प्रभाव क्या होता है?

 January 17, 2026

विश्व शांति केंद्र मिशन हेतु मोरारी बापू की ऐतिहासिक रामकथा, दिल्ली (17–25 जनवरी 2026)

भूमिका भारतीय संस्कृति में रामकथा केवल एक धार्मिक कथा नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला और मानवता का संदेश है। जब-जब समाज में अशांति, तनाव और वैचारिक भ्रम बढ़ता है, तब-तब रामकथा मार्गदर्शन का दीपक बनकर प्रकट होती है। इसी पावन परंपरा को आगे बढ़ाते हुए मोरारी बापू एक बार फिर दिल्ली की धरती पर ऐतिहासिक रामकथा का वाचन करने जा रहे हैं। यह दिव्य आयोजन 17 से 25 जनवरी 2026 तक भारत मंडपम, दिल्ली… Continue reading विश्व शांति केंद्र मिशन हेतु मोरारी बापू की ऐतिहासिक रामकथा, दिल्ली (17–25 जनवरी 2026)

 January 17, 2026

Is Home Worship Enough?

In today’s fast-paced world, many people prefer praying at home rather than visiting temples, churches, mosques, or other places of worship. Busy schedules, distance, and personal comfort often lead to an important question: Is home worship enough, or does spiritual growth require visiting religious places? The answer is not simple, because worship is not just about location, but about intention, discipline, and inner connection. The Meaning of Worship Worship is not merely a ritual performed… Continue reading Is Home Worship Enough?

 January 17, 2026

मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा क्यों ज़रूरी हैं?

मानव सभ्यता के इतिहास में धार्मिक स्थल केवल पूजा-पाठ के केंद्र नहीं रहे हैं, बल्कि वे समाज, संस्कृति और नैतिक मूल्यों के निर्माण के आधार स्तंभ भी रहे हैं। मंदिर, मस्जिद और गुरुद्वारा अलग-अलग धार्मिक परंपराओं का प्रतिनिधित्व करते हैं, लेकिन इनका उद्देश्य एक ही है—मनुष्य को ईश्वर से जोड़ना और उसे बेहतर इंसान बनाना। आज के आधुनिक और भौतिक जीवन में भी इन धार्मिक स्थलों की आवश्यकता बनी हुई है। प्रश्न यह है कि… Continue reading मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा क्यों ज़रूरी हैं?

 January 17, 2026

मौन प्रार्थना क्यों शक्तिशाली मानी जाती है?

प्रार्थना को अक्सर शब्दों से जोड़ा जाता है—मंत्र, स्तुति, भजन या निवेदन के रूप में। लेकिन आध्यात्मिक परंपराओं में एक ऐसी प्रार्थना भी मानी गई है जो बिना शब्दों के होती है, जिसे मौन प्रार्थना कहा जाता है। यह प्रार्थना न तो ऊँचे स्वर में बोली जाती है और न ही किसी विशेष भाषा की आवश्यकता होती है। फिर भी इसे अत्यंत शक्तिशाली माना गया है। प्रश्न यह है कि मौन प्रार्थना इतनी प्रभावशाली क्यों… Continue reading मौन प्रार्थना क्यों शक्तिशाली मानी जाती है?

 January 16, 2026

Can Prayer Change Life?

Prayer has been an essential part of human civilization since ancient times. Across cultures, religions, and traditions, people have turned to prayer in moments of joy, fear, hope, and despair. But an important question often arises: Can prayer really change life, or is it simply an emotional comfort? To understand this, we must look beyond miracles and examine the deeper psychological, moral, and spiritual impact of prayer on human life. Prayer as Inner Transformation Many… Continue reading Can Prayer Change Life?

 January 16, 2026

प्रार्थना का वास्तविक अर्थ क्या है?

प्रार्थना मानव जीवन की सबसे प्राचीन और गहन आध्यात्मिक क्रियाओं में से एक है। जब मनुष्य स्वयं को असहाय, कृतज्ञ, भयभीत या आनंदित अनुभव करता है, तब वह किसी न किसी रूप में प्रार्थना करता है। प्रार्थना केवल शब्दों का उच्चारण नहीं है, बल्कि यह आत्मा और परम सत्ता के बीच का एक गहरा संवाद है। यह संवाद मौन भी हो सकता है और शब्दों से भरा भी। प्रश्न यह है कि प्रार्थना का वास्तविक… Continue reading प्रार्थना का वास्तविक अर्थ क्या है?

 January 16, 2026

धार्मिक मतभेद कैसे पैदा होते हैं?

भूमिका धर्म मानव जीवन को नैतिक दिशा देने का माध्यम है, लेकिन इतिहास और वर्तमान दोनों में हम देखते हैं कि धर्म के नाम पर मतभेद, संघर्ष और टकराव भी हुए हैं। यह प्रश्न स्वाभाविक है कि जब सभी धर्म शांति, प्रेम और मानवता की बात करते हैं, तो धार्मिक मतभेद कैसे पैदा होते हैं? वास्तव में धार्मिक मतभेद धर्म से अधिक मानव सोच, सामाजिक परिस्थितियों और स्वार्थ से उत्पन्न होते हैं। अलग-अलग व्याख्याएँ और… Continue reading धार्मिक मतभेद कैसे पैदा होते हैं?

 January 15, 2026