क्या धर्म का गलत इस्तेमाल हो रहा है?

मानवाधिकार के परिप्रेक्ष्य में एक गंभीर विमर्श धर्म मानव जीवन का एक गहरा और संवेदनशील पक्ष है। यह व्यक्ति को नैतिकता, करुणा, सह-अस्तित्व और आत्मिक शांति का मार्ग दिखाता है। लगभग सभी धर्म मानवता, प्रेम और न्याय की शिक्षा देते हैं। लेकिन आज के समय में यह प्रश्न तेजी से उभर रहा है कि क्या धर्म अपने मूल उद्देश्य से भटक गया है? क्या धर्म का उपयोग मानव कल्याण के बजाय विभाजन, हिंसा और सत्ता… Continue reading क्या धर्म का गलत इस्तेमाल हो रहा है?

 January 14, 2026

आज है या कल 14-15? मकर संक्रांति 2026 की सही तारीख यहां जानें

भूमिका जनवरी का महीना आते ही भारत में एक सवाल सबसे ज़्यादा सुनाई देता है — “मकर संक्रांति आज है या कल?” हर साल इस पर्व की तारीख को लेकर लोगों के मन में भ्रम रहता है। मकर संक्रांति केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि सूर्य की चाल, धर्म, विज्ञान और भारतीय परंपराओं से जुड़ा हुआ पावन पर्व है। वर्ष 2026 में भी यही प्रश्न लोगों को उलझा रहा है, इसलिए इस लेख में हम आपको… Continue reading आज है या कल 14-15? मकर संक्रांति 2026 की सही तारीख यहां जानें

 January 14, 2026

How Appropriate Is the Union of Religion and Politics?

A Human Rights–Based Analysis The relationship between religion and politics has been one of the most debated issues in human history. Religion shapes moral values, ethical behavior, and cultural identities, while politics governs laws, power, and public policy. When these two powerful forces intersect, the consequences can be profound—sometimes constructive, sometimes deeply damaging. From a human rights perspective, it becomes essential to ask: How appropriate is the union of religion and politics in a modern… Continue reading How Appropriate Is the Union of Religion and Politics?

 January 14, 2026

क्या धार्मिक पहचान समाज को बांटती है?

मानवाधिकार के संदर्भ में एक विश्लेषण धार्मिक पहचान मानव समाज का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रही है। धर्म न केवल व्यक्ति की आस्था और नैतिक मूल्यों को दिशा देता है, बल्कि उसकी सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान भी निर्मित करता है। लेकिन आधुनिक समाज में यह प्रश्न बार-बार उठता है कि क्या धार्मिक पहचान समाज को जोड़ती है या उसे बांटने का कार्य करती है? यह सवाल विशेष रूप से तब महत्वपूर्ण हो जाता है जब हम… Continue reading क्या धार्मिक पहचान समाज को बांटती है?

 January 14, 2026

मकर संक्रांति क्या है? महत्व, इतिहास और परंपराएं

भूमिका भारत पर्वों की भूमि है, जहाँ हर त्योहार के पीछे कोई न कोई आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और वैज्ञानिक कारण छिपा होता है। मकर संक्रांति ऐसा ही एक पावन पर्व है, जो न केवल धार्मिक आस्था से जुड़ा है बल्कि प्रकृति और जीवन के बदलाव का भी प्रतीक है। यह त्योहार सूर्य देव की उपासना और सकारात्मक ऊर्जा के स्वागत का पर्व माना जाता है। मकर संक्रांति क्या है? मकर संक्रांति वह दिन है जब सूर्य… Continue reading मकर संक्रांति क्या है? महत्व, इतिहास और परंपराएं

 January 13, 2026

क्या स्कूलों में नैतिक शिक्षा जरूरी है?

भूमिका आज के प्रतिस्पर्धात्मक और तेज़ी से बदलते समाज में शिक्षा को अक्सर केवल अंक, डिग्री और करियर तक सीमित कर दिया गया है। स्कूलों में बच्चों को गणित, विज्ञान, तकनीक और भाषाओं का ज्ञान तो दिया जाता है, लेकिन जीवन जीने की सही दिशा सिखाने वाली नैतिक शिक्षा को अक्सर नज़रअंदाज़ कर दिया जाता है। ऐसे में यह प्रश्न अत्यंत प्रासंगिक हो जाता है कि क्या स्कूलों में नैतिक शिक्षा वास्तव में आवश्यक है?… Continue reading क्या स्कूलों में नैतिक शिक्षा जरूरी है?

 January 13, 2026

Is Moral Education Necessary in Schools?

Introduction In today’s fast-paced and competitive world, education is often measured by grades, degrees, and career outcomes. Schools focus heavily on academic achievement, technical skills, and exam performance. While these elements are important, they are not sufficient on their own. A growing concern across societies is the decline in ethical behavior, empathy, respect, and social responsibility among young people. This raises an important question: Is moral education necessary in schools? The answer is a clear… Continue reading Is Moral Education Necessary in Schools?

 January 13, 2026

Happy Lohri 2026: सूर्यदेव की कृपा से आपके जीवन में उजाला फैले।

प्रस्तावना लोहड़ी भारत के उत्तर भाग में मनाया जाने वाला एक प्रमुख लोक-धार्मिक पर्व है, जो विशेष रूप से सूर्यदेव, अग्नि देव और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक माना जाता है। यह पर्व हर वर्ष मकर संक्रांति से एक दिन पूर्व, पौष माह की पूर्णिमा के आसपास मनाया जाता है। लोहड़ी 2026 केवल उत्सव और आनंद का अवसर नहीं है, बल्कि यह मनुष्य को जीवन में प्रकाश, ऊर्जा और सकारात्मकता का संदेश भी देता… Continue reading Happy Lohri 2026: सूर्यदेव की कृपा से आपके जीवन में उजाला फैले।

 January 13, 2026

धर्म और शिक्षा का क्या संबंध है?

भूमिका धर्म और शिक्षा—ये दोनों ही मानव जीवन के दो ऐसे स्तंभ हैं, जिन पर समाज की नैतिकता, संस्कृति और भविष्य टिका होता है। अक्सर यह प्रश्न उठता है कि क्या धर्म और शिक्षा अलग-अलग क्षेत्र हैं या एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं। आधुनिक समय में शिक्षा को केवल नौकरी और आर्थिक उन्नति से जोड़कर देखा जाने लगा है, जबकि धर्म को पूजा-पाठ या आस्था तक सीमित कर दिया गया है। लेकिन वास्तव… Continue reading धर्म और शिक्षा का क्या संबंध है?

 January 13, 2026

लोहड़ी में आग की पूजा क्यों होती है? इसका धार्मिक कारण क्या है?

भूमिका भारत में त्योहार केवल उत्सव नहीं होते, बल्कि वे जीवन और प्रकृति के गहरे संबंध को दर्शाते हैं। लोहड़ी उत्तर भारत का एक प्रमुख लोकपर्व है, जो हर वर्ष 13 जनवरी को मनाया जाता है। लोहड़ी 2026 में भी परंपरा के अनुसार अग्नि प्रज्वलित कर उसकी पूजा की जाएगी। प्रश्न यह उठता है कि लोहड़ी में आग की पूजा क्यों की जाती है? क्या यह केवल एक लोक परंपरा है या इसके पीछे कोई… Continue reading लोहड़ी में आग की पूजा क्यों होती है? इसका धार्मिक कारण क्या है?

 January 12, 2026

लोहड़ी क्यों मनाई जाती है? जानिए इस अग्नि पर्व का रहस्य

भूमिका भारत विविधताओं का देश है, जहाँ हर मौसम और फसल के साथ एक पर्व जुड़ा हुआ है। लोहड़ी उत्तर भारत, विशेषकर पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में मनाया जाने वाला एक प्रमुख लोक पर्व है। यह त्योहार हर वर्ष 13 जनवरी को मनाया जाता है और शीत ऋतु के अंत तथा नई फसल के आगमन का संकेत देता है। लोहड़ी 2026 न केवल उत्सव का अवसर है, बल्कि प्रकृति, अग्नि और जीवन के प्रति… Continue reading लोहड़ी क्यों मनाई जाती है? जानिए इस अग्नि पर्व का रहस्य

 January 12, 2026

क्या बिना धर्म के नैतिक जीवन संभव है?

सारांश इस लेख में यह समझाया गया है कि अक्सर समाज नैतिकता को धर्म से जोड़ देता है, लेकिन नैतिक होना केवल धार्मिक होने पर निर्भर नहीं है। नैतिकता का अर्थ सही-गलत में फर्क समझना और ईमानदारी, करुणा, न्याय, जिम्मेदारी जैसे मूल्यों को अपनाना है। धर्म ने सदियों से इन मूल्यों को सिखाने में भूमिका निभाई है, पर कई बार धार्मिक लोग भी अनैतिक व्यवहार करते हैं—इससे स्पष्ट होता है कि धर्म नैतिकता की गारंटी… Continue reading क्या बिना धर्म के नैतिक जीवन संभव है?

 January 12, 2026