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परमार्थ निकेतन में मनाया गया स्वामी चिदानन्द सरस्वती का “हरित जन्मदिन”

परमार्थ निकेतन में मनाया गया स्वामी चिदानन्द सरस्वती का “हरित जन्मदिन”

परमार्थ निकेतन में मनाया गया स्वामी चिदानन्द सरस्वती का “हरित जन्मदिन”
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परमार्थ निकेतन में मनाया गया स्वामी चिदानन्द सरस्वती का “हरित जन्मदिन”

परमार्थ निकेतन में मनाया गया स्वामी चिदानन्द सरस्वती का “हरित जन्मदिन”

  • उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत जी ने स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज के जन्म दिवस के अवसर पर पर्यावरण को समर्पित श्रीराम कथा में किया सहभाग
  • स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने रिस्पना नदी को पुनर्जीवित करने हेतु उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत जी को पांच रूद्राक्ष व पीपल, पाकर, बरगद त्रिमूर्ति के पौधे भेंट कर किया वृक्षारोपण अभियान का शुभारम्भ
  • नदियों के तटों पर वृक्षारोपण का कराया संकल्प
  • भक्तों ने इलायची की माला और पुष्पों से अभिषेक कर स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज के लिये की दीर्घायु की कामना

ऋषिकेश, 3 जूून। स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज के जन्मदिवस के अवसर पर परमार्थ निकेतन में उत्तराखण्ड राज्य के मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत जी, महामण्डलेश्वर स्वामी असंगानन्द सरस्वती जी महाराज और अनेक धर्मगुरू, महापुरूष, पर्यावरणविद् एवं देशी-विदेशी भक्तों ने सहभाग किया। 

परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज का जन्मदिन हरितिमा संवर्द्धन को समर्पित किया गया। इस अवसर पर संकल्प करावाया कि नदियों के तटों पर वृक्षारोपण किया जायेंगा इसके अन्र्तगत औषधियुक्त, जल को स्वच्छ करने वाले और फलदार पौधों का रोपण गंगा एक्शन परिवार, परमार्थ निकेतन, सरकार और अन्य संस्थाओं के साथ मिलकर करेगी। स्वामी जी महाराज ने इस वृक्षारोपण अभियान का शुभारम्भ उत्तराखण्ड राज्य के मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत जी को रिस्पना को पुर्नजीवित करने हेतु रूद्राक्ष एवं सहजन (मोरिंगा) के पौधे भेंट किया। 

स्वामी जी महाराज के हरित जन्मदिन की शुरूआत सर्वेश्वर मन्दिर में रूद्राभिषेक और गंगा माँ के विशेष पूजन के साथ हुई तत्पश्चात परमार्थ गंगा तट पर आयोजित श्री राम कथा के मंच पर उत्राखण्ड राज्य के मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत जी एवं अन्य विशिष्ट अतिथियो ने दिव्यता के साथ फूलों की वर्षा करते हुये स्वामी जी महाराज का जन्मदिन का उत्सव मनाया गया।

सभी विशिष्ट अतिथियों की पावन उपस्थिति में गंगा स्वच्छता के लिये कार्य करने वाले गंगा सेवकों को स्वामी जी महाराज ने गंगा पुरस्कार से पुरस्कृत किया। तत्पश्चात विश्व स्तर पर स्वच्छ जल की आपूर्ति हेतु वाटर ब्लेसिंग सेरेमनी सम्पन्न की। गंगोत्री से गंगासागर तक गंगा मंेे गिरने वाले नाले और अपशिष्ट जल प्रबंधन का संकल्प कराया गया साथ ही नालों के प्रबंधन हेतु मशीन का विशेष पूजन किया गया। ’गो ग्रीन, गो आर्गेनिक’ योजना के शुभारम्भ की घोषणा इस अवसर पर की गयी। आगामी 21 जून को देहरादून में सम्पन्न होने वाले अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस को सफल बनाने का आह्वान किया गया। पर्यावरण, गंगा, शिक्षा और संरकारों को समर्पित दिव्य मानस कथा प्रतिवर्ष परमार्थ गंगा तट पर आयोजित कि जायेगी इसका आह्वान स्वामी जी महाराज ने किया।

महामण्डलेश्वर स्वामी असंगानन्द सरस्वती जी महाराज ने ’’स्वामी जी महाराज को जन्मदिन की शुभकामनायें प्रदान की तथा स्वस्थ, दीर्घायु  एवं पर्यावरण संरक्षण के लिये उत्तरोतर कार्य करने की कामना ईश्वर से की।’’

परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा, ’’नाला और माला चले साथ-साथ। एक हाथ में माला और दूसरे हाथ नाले की स्वच्छता का संकल्प हो ताकि हर सीवर प्वाइन्ट बन जायेंगा सेल्फी प्वाइन्ट। गो ग्रीन गो आर्गेनिक की बात कही और कहा कि इस धरती पर करोड़ों पौधा का रोपण किया जाये। स्वामी जी ने कहा कि हम एक-दूसरे को धर्म और जाति के आधार पर नहीं बल्कि हिन्दुस्तान के वासी की तरह देखे। स्वामी जी महाराज ने वृक्षारोपण कर हरियाली और खुशहाली के लिये साथ मिलकर कार्य करने का संकल्प किया।’’

उत्तराखण्ड राज्य के मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत जी ने ’’भारत के इतिहास और परम्पराओं को याद करते हुये कहा कि स्वामी जी महाराज ने भारतीय संस्कृति को विश्व में स्थापित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनका मार्गदर्शन हमें हमेशा प्राप्त होता रहे वे शतायु हो ऐसी ईश्वर से प्रार्थना की। उन्होने कहा कि स्वामी जी के पास आने पर एक आशा, विश्वास और सकारात्मक संदेश प्राप्त होता है और हम सकारात्मकता से भर जाते है। उन्होने जल का संग्रहण करने का संदेश दिया।’’

केन्द्रीय राज्य मानव संसाधन एवं विकास मंत्री श्री सतपाल सिंह जी ने कहा, ’’स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज गुरूपुंज है हम सभी के। स्वामी जी ने अपनी सेवा से देश ही नहीं विश्व में भी भारतीय संस्कृति की खुशबू फैलायी है। उन्होने माँ गंगा को पवित्र करने का आह्वान करते हुये स्वामी जी के चरणों में अभिनन्दन कर शुभकामनायें आर्पित की।’’

जत्थेदार पटना साहिब गुरूद्वारा श्री इकबाल सिंह जी, ’’प्रभु कार्य और संसार के भले के कार्य करने वाले स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने अपना जीवन ही दूसरों के लिये जिया है। उन्होने दिन-रात पर्यावरण, पेड़, नदियों एवं सभी धर्मो के एक करने के लिये अपना जीवन समर्पित कर दिया। स्वामी जी ने देश ही नहीं विदेश में भी सर्वधर्म समभाव का मंत्र दिया है उन्होने पटना साहिब गुरूद्वारा की ओर से लख लख बधाईयाँ दी।’’

महामण्डलेश्वर स्वामी हरिचेतनानन्द जी महाराज ने कहा कि  ’’श्रीराम कथा में भगवान श्री राम का जन्म होता है आज देवभूमि उत्तराखण्ड में परमार्थ गंगा तट पर पर्यावरण संरक्षण को समर्पित श्री रामकथा में पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज का जन्मदिन मनाया जा रहा है यह अत्यंत शुभ अवसर है और आज इस शुभअवसर पर धर्मसत्ता और राजसत्ता एक साथ उपस्थित हैं। उन्होने कहा कि सर्वधर्म समभाव और पर्यावरण के क्षेत्र में श्री सुन्दरलाल जी बहुगुणा जी के बाद किसी ने कार्य किया है तो वह स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज है। उन्होने आगे कहा कि भारत की सरकार के मूल में संतों को आशीर्वाद है। विश्व के अनेक देशों में स्वामी जी महाराज ने स्वच्छता, पर्यावरण और स्वच्छ जल का अलख जगाया है।

मौलाना महमूद मदनी जी ने कहा, ’’हमने इस वतन को चमन बनाने के लिये निश्चय किया है कि हम सभी को मिलकर पौधों का रोपण करना होगा। हम सभी मौलाना और इमामों को साथ लेेेकर अनेकों मदरसों में पौधारोपण अभियान की शुरूआत कर रहे है जिससे पर्यावरण भी बचेगा, पृथ्वी भी बचेंगी और भाईचारा भी बना रहेगा।’’

आचार्य श्री बालकृष्ण जी ने कहा कि देवभूमि के देवत्व को जगाने का अद्भुत कार्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने किया उन्हे हृदय की गहराईयों से शुभकामनायें भेंट की। उन्होने कहा कि पूज्य स्वामी जी महाराज के हृदय में भारतीय संस्कृति बसती है और मस्तिष्क में पर्यावरण संरक्षण हेतु अनेक योजनायें चलती रहती है मैं उन्हे नमन करता हूँ।

जीवा की अन्तर्राष्ट्रीय महासचिव साध्वी भगवती सरस्वती जी ने कहा, ’’स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज की कृपा से 22 वर्ष पूर्व मुझे नया आध्यात्मिक जन्म मिला, मैने उनके चरणों में आकर ही शान्ति, संस्कार और भारतीय संस्कृति को आत्मसात किया है। उन्होने कहा कि स्वामी जी महाराज ने पूरे विश्व में व्याप्त विभिन्न धर्मो को एक मंच पर लाकर वसुधैव कुटुम्बकम के सूत्र को साकार किया है, वे मानव ही नहीं बल्कि नदियों, पहाड़, वृक्ष, धरती और पर्यावरण का भी अपने परिवार के सदस्यों की तरह ख्याल रखते है। आज हम सभी अपने गुरू को यह आश्वासन दे की हम भी उनके पद्चिन्हों पर चलेगे यही हमारी ओर से पूज्य स्वामी जी के जन्म दिन का उपहार होगा।’’ 

संत मुरलीधर जी महाराज ने कहा, ’’ समाज और देश को सबकुछ समर्पित करने वाले संत स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज जो निरन्तर समाज, संसार और पर्यावरण की सेवा लगे है उन्हे ईश्वर उत्तम स्वास्थ्य प्रदान करे।’’

शहरी विकास मंत्री श्री मदन कौशिक जी ने कहा की स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने देश के पर्यावरण एवं पतित पावनी गंगा के लिये अपना जीवन समर्पित कर दिया। स्वामी जी ने गंगा और पर्यावरण के लिये जो कार्य किया वह अतुलनीय है, अगर हम सरकारी स्तर पर भी इसे करने की कोशिश करे तो यह अत्यंत कठिन लगता है परन्तु स्वामी जी महाराज की कर्मठता और समर्पण विलक्षण है। उन्होने कहा कि महाराज जी ने गंगा में गिरते नाले के वायरल हो रहे वीडियो को देखकर अत्यंत चिंता व्यक्त कि और देश विदेश में इसके लिये तकनीकी और मशीन का पता लगाया भारत सरकार से बात की और आज वह मशीन यहां पर आ गयी है और यह तकनीक अगर सफल हो गयी तो यह गंगा के कायाकल्प के लिये विलक्षण परिवर्तन लेकर आयेगी।’’

स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने पर्यावरण संरक्षण, कर्मठता, ईमानदारी, निष्ठा एवं देश की उन्नति में योगदान देने के लिये उत्तराखण्ड राज्य के मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत जी, मौलाना महमूद मदनी जी, संस्थापक  37 वें ड्राइकुंग कायबाॅन चेटसंग जी, आचार्य श्री बालकृष्ण जी एवं जत्थेदार पटना साहिब गुरूद्वारा ज्ञानी इकबाल सिंह जी को पुरस्कृत किया गया।

हरित जन्मदिवस मनाने परमार्थ निकेतन पहुंचे मुख्य अतिथि

उत्तराखण्ड राज्य के मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत जी,

मौलाना महमूद मदनी जी, 

संस्थापक  37 वें ड्राइकुंग कायबाॅन चेटसंग जी,

आचार्य श्री बालकृष्ण जी,

संत मुरलीधर जी महाराज,

महामण्डलेश्वर स्वामी हरिचेतनानन्द जी महाराज,

जत्थेदार पटना साहिब गुरूद्वारा ज्ञानी इकबाल सिंह जी,

साध्वी भगवती सरस्वती जी,

स्वामी वेदविद्यानन्द सरस्वती जी,

श्री अमरजीत सिंह जी

राजनीतिक विशिष्टगण

मानव संसाधन राज्य मंत्री भारत सरकार, डाॅ सत्यपाल सिंह जी,

श्री मदन कौशिक जी,

श्री किशोर मोहता जी,

श्री रवि भटनागर जी

स्वामिनी आदित्यनन्दा सरस्वती जी,

श्री वंसत भाई पटेल

श्री अशोक जी

श्री प्रवीण कुमार जी

Editorial Review Note

Written by Religion World — Bhavya Srivastava is the founder of Religion World and a veteran journalist with over 18 years of experience across broadcast, print, and digital media. A founding member of the International Association of Religion Journalists (IARJ), he has spent much of his career reporting on and producing content about religion, faith, and spirituality. .

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June 3, 2018 8 min read
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