RELIGION WORLD — THE INDEPENDENT SCIENTIFIC & INTERFAITH JOURNAL
Navigation

© 2026 Religion World Foundation.

Global Faith • Scientific Heritage • Human Ethics

यूरोप की विश्वशांति सद्भावना यात्रा से लौटने पर आचार्य लोकेश का सर्वधर्म संसद की ओर से दिल्ली में भव्य स्वागत

यूरोप की विश्वशांति सद्भावना यात्रा से लौटने पर आचार्य लोकेश का सर्वधर्म संसद की ओर से दिल्ली में भव्य स्वागत

यूरोप की विश्वशांति सद्भावना यात्रा से लौटने पर आचार्य लोकेश का सर्वधर्म संसद की ओर से दिल्ली में भव्य स्वागत
Visual Archive

यूरोप की विश्वशांति सद्भावना यात्रा से लौटने पर आचार्य लोकेश का सर्वधर्म संसद की ओर से दिल्ली में भव्य स्वागत

यूरोप की विश्वशांति सद्भावना यात्रा से लौटने पर आचार्य लोकेश का सर्वधर्म संसद की ओर से दिल्ली में भव्य स्वागत

नयी दिल्ली, 13 मार्च; प्रख्यात जैनाचार्य अहिंसा विश्व भारती के संस्थापक आचार्य डॉ लोकेशमुनिजी का यूरोप की विश्वशांति सद्भावना यात्रा से दिल्ली लौटने पर ऐतिहासिक गरूद्वारा रकाबगंज में भारतीय सर्वधर्म संसद की ओर से भव्य स्वागत किया गया। जिसमें संयोजक गोस्वामी सुशीलजी महाराज संस्थापक सदस्य इमाम उमेर अहमद इलियासी जी परमजीत सिंह चण्डोकजी IHA Foundation के चेयरमेन सतनामसिंह आहलुवालिया रीजनल डायरेक्टर साउथ एशिया की करूणा सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रध्दालुओं ने भाग लिया।

इस अवसर पर आचार्य डॉ लोकेशमुनिजी ने कहा कि हिंसा व आतंकवाद किसी समस्या का समाधान नहीं है। संवाद के द्वारा हर समस्या को सुलझाया जा सकता है। हमें अपने विचारों के साथ दूसरों के विचारों का भी सम्मान करना चाहिए। पर्यावरण प्रदूषण व वैचारिक प्रदूषण दोनों खतरनाक है। उन्होंने कहा कि अनेकता में एकता भारतीय संस्कृति की मौलिक विशेषता है और सर्वधर्म सद्भाव उसका मूलमंत्र है।आचार्य लोकेश ने कहा कि भारत बहुलतावादी संस्कृति का देश है यहाँ पर विविध जाति, धर्म व सम्प्रदाय के लोग आपस में प्रेम व भाईचारे से रहते है। उन्होंने कहा कि यही वसुधैव कुटुम्बकम् का संदेश लेकर मै यूरोप विश्व शांति सद् भावना यात्रा लेकर गया था जिसका रोम वियाना ऑस्टिया स्विट्ज़रलैंड आदि में बहुत स्वागत हुआ।उन्होंने अपने सम्मान के लिए भारतीय सर्वधर्म संसद के प्रति आभार व्यक्त किया.

यह भी पढ़ें-आचार्य लोकेश ने वियाना में अन्तर्राष्ट्रीय अंतर धार्मिक सम्मेलन को संबोधित किया

इस अवसर पर संसद में हिन्दू धर्म की ओर से संयोजक गोस्वामी सुशील जी महाराज, मुस्लिम धर्म की ओर से संस्थापक सदस्य इमाम उमेर अहमद इलियासी जी,सिक्ख धर्म की ओर से संस्थापक सदस्य परमजीत सिंह चण्डोकजी IHA संस्थान के चेयरमेन सतनामसिंह आहलुवालिया साउथ एशिया की रीजनल डायरेक्टर करूणा सिंह ने कहा कि आचार्य डॉ लोकेशमुनिजी ने यूरोप की शांति सद्भावना यात्रा के माध्यम से भारतीय संस्कृति का परचम फहराया है तथा विश्व के प्रतिष्ठित मंचों पर भारत देश, संस्कृति व अध्यात्म का गौरव बढ़ाया है।उन्होंने ईसाई धर्म के पूरे विश्व के सर्वोच्च  धर्मगुरू आदरणीय पोप फ़्रांसिस को अहिंसा विश्व भारती संसंथा की ओर से भारत की राजधानी दिल्ली में आयोजित हो अन्तरराष्ट्रीय अन्तरधार्मिक सम्मेलन के लिए आमंत्रित कर सराहनीय कार्य किया है। भारतीय सर्वधर्म संसद भारत सरकार से इसके लिए सभी औपचारिकताओं को शीघ्र पूरा कर हर संभव सहयोग की अपील करती है

==================================================================

रिलीजन वर्ल्ड देश की एकमात्र सभी धर्मों की पूरी जानकारी देने वाली वेबसाइट है। रिलीजन वर्ल्ड सदैव सभी धर्मों की सूचनाओं को निष्पक्षता से पेश करेगा। आप सभी तरह की सूचना, खबर, जानकारी, राय, सुझाव हमें इस ईमेल पर भेज सकते हैं – religionworldin@gmail.com– या इस नंबर पर वाट्सएप कर सकते हैं – 9717000666 – आप हमें ट्विटर , फेसबुक और यूट्यूब चैनल पर भी फॉलो कर सकते हैं।
Twitter, Facebook and Youtube.

RW

Editorial Review Note

Religion World provides information on all religions and presents it impartially. You can send us information, news, updates, opinions, and suggestions at religionworldin@gmail.com. You can also follow us on X (Twitter), Facebook, and YouTube.

March 13, 2018 3 min read
Share:

Related Historical & Critical Essays

Buddhism

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अपील पर सर्वधर्म संतों की विडियो कॉन्फ्रेंसिंग से चर्चा

नई दिल्ली, 3 अप्रैल; प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कोरोना वायरस ने हमारी आस्था, परंपरा, विश्वास, विचारधारा पर हमला बोला है, हमें इन्हे बचाने के लिए…

Read now
Hinduism

ईद-ए-मिलाद 2026: 26 अगस्त, पैगंबर मोहम्मद के जन्म की कहानी

प्रकाशित: 25 अगस्त 2026  |  अंतिम अपडेट: 25 अगस्त 2026 ईद-ए-मिलाद 2026 भारत में 26 अगस्त, बुधवार को मनाया जाएगा — यह इस्लामी कैलेंडर के रबी-उल-अव्वल महीने की…

Read now
Hinduism

Raksha Bandhan 2026: बहन नहीं आ पाए तो कौन बांधेगा भाई को राखी? जानें किन रिश्तों को माना गया है शुभ

रक्षाबंधन 2026 में अगर सगी बहन किसी कारण से भाई के पास नहीं पहुंच पाती, तो सवाल उठता है — राखी कौन बांधे? जवाब है: चचेरी, ममेरी या…

Read now

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *