राशिफल की शुरुआत कैसे हुई?

राशिफल की शुरुआत कैसे हुई?

राशिफल की शुरुआत कैसे हुई?

आज राशिफल पढ़ना एक आम आदत बन चुकी है। सुबह अख़बार हो या मोबाइल ऐप, लोग अपने दिन की शुरुआत राशिफल देखकर करते हैं। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि राशिफल की शुरुआत कैसे हुई और इसकी जड़ें कितनी पुरानी हैं। राशिफल केवल भविष्य बताने का माध्यम नहीं, बल्कि मानव सभ्यता की आकाश को समझने की एक प्राचीन कोशिश का परिणाम है।

प्राचीन सभ्यताओं में राशिफल

राशिफल की शुरुआत आज से लगभग 4,000–5,000 वर्ष पहले मानी जाती है।
सबसे पहले इसका उल्लेख मेसोपोटामिया और बेबीलोन सभ्यता में मिलता है। वहाँ के विद्वान आकाश में ग्रहों और तारों की चाल देखकर प्राकृतिक घटनाओं और राजाओं के भविष्य का अनुमान लगाते थे।

उस समय राशिफल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि

  • युद्ध

  • अकाल

  • वर्षा

  • राज्य की स्थिति

जैसी घटनाओं के लिए बनाया जाता था।

भारत में राशिफल का विकास

भारत में राशिफल और ज्योतिष का विकास वैदिक काल में हुआ।
इसे वेदांग ज्योतिष कहा गया, जो वेदों का एक महत्वपूर्ण अंग है।
भारतीय ऋषियों ने आकाश को 12 भागों में विभाजित किया, जिन्हें हम आज 12 राशियाँ कहते हैं —
मेष, वृषभ, मिथुन से लेकर मीन तक।

यहीं से जन्म हुआ जन्म कुंडली और राशिफल की परंपरा का।

यूनान और रोम का योगदान

ग्रीक विद्वानों ने राशिफल को अधिक व्यवस्थित रूप दिया।
उन्होंने पहली बार

  • जन्म समय

  • स्थान

  • ग्रहों की स्थिति

के आधार पर व्यक्तिगत राशिफल बनाने की शुरुआत की।
रोमन साम्राज्य के माध्यम से यह विद्या यूरोप तक पहुँची।

आधुनिक समय में राशिफल

समय के साथ राशिफल आम लोगों तक पहुँचा।
अख़बारों, पत्रिकाओं और अब डिजिटल प्लेटफॉर्म ने इसे लोकप्रिय बना दिया।

आज राशिफल का उपयोग

  • आत्मचिंतन

  • दिन की योजना

  • मानसिक संतुलन

के लिए किया जाता है, न कि केवल भविष्य जानने के लिए।

राशिफल की शुरुआत मानव की उस जिज्ञासा से हुई, जिसमें वह आकाश और जीवन के बीच संबंध समझना चाहता था। यह परंपरा आज भी जीवित है, लेकिन इसे आस्था और विवेक के संतुलन के साथ देखना सबसे बेहतर है।

~ रिलीजन वर्ल्ड ब्यूरो

Post By Religion World