मॉं सिद्धिदात्री : नवरात्रि की नवम् स्वरूप

 In Hinduism, Mythology

मॉं सिद्धिदात्री : नवरात्रि की नवम् स्वरूप

माँ दुर्गाजी की नौवीं शक्ति का नाम सिद्धिदात्री हैं। देवी का नवम स्वरूप सिद्धिदात्री केतु ग्रह को नियंत्रित करता है। इनकी पूजा से केतु ग्रह के दुष्प्रभावों से राहत मिलती है। कर्क,धनु, मकर, कुंभ और मीन राशि वालों को भी माता कमल/काली या माता सिद्धिदात्री की उपासना करनी चाहिए।इन सभी  राशि वाले जातक को कमला या माता सिद्धिदात्री की उपासना करने से सफलता मिलती हैं। इनकी पूजा आसमानी रंग (हल्के नील रंग) के कपड़े पहनकर करना शुभ माना जाता है।

नवरात्र के आखिरी दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। मां सिद्धिदात्री को जगत को संचालित करने वाली देवी कहा जाता है। इस दिन माता को हलवा, पूरी, चना, खीर, पुए आदि का भोग लगाएं। कोई भी अनहोनी से बचने के लिए इस दिन मां के भोग में अनार को शामिल किया जाता हैं।

यह मन्त्र करेगा आपका कल्याण

ॐ देवी सिद्धिदात्र्यै नमः॥

या देवी सर्वभूतेषु माँ सिद्धिदात्री रूपेण संस्थिता।

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
देवी सिद्धिदात्री आपको भौतिक जगत में प्रगति के लिए आशीर्वाद और मनोकामना पूर्ण करती हैं, ताकि आप संतुष्ट होकर अपने जीवनपथ पर आगे बढ़ें। सिद्धि आपके जीवन के हर स्तर में सम्पूर्णता प्रदान करती है। यही देवी सिद्धिदात्री की महत्ता है।
लेख – पं.दयानंद शास्री, उज्जैन
Recent Posts
Contact Us

We're not around right now. But you can send us an email and we'll get back to you, asap.

Not readable? Change text. captcha txt

Start typing and press Enter to search