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बांग्लादेश-म्यांमार बॉर्डर पर शुरू हुआ ‘गुरु का लंगर’

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बांग्लादेश-म्यांमार बॉर्डर पर शुरू हुआ ‘गुरु का लंगर’
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बांग्लादेश-म्यांमार बॉर्डर पर शुरू हुआ ‘गुरु का लंगर’

बांग्लादेश-म्यांमार बॉर्डर पर शुरू हुआ ‘गुरु का लंगर’

नयी दिल्ली, 15 सितम्बर; आये दिन कहीं न कहीं से म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमानों पर हो रहे अत्याचार की ख़बर आती रहती है. लगभग सभी देशों की सरकारों ने इस मुद्दे पर चुप्पी सी साध रखी है, पर एक संगठन ऐसा भी है, जो बिना किसी स्वार्थ के रोहिंग्या मुसलमानों की मदद के लिए आगे आया है.

खालसा ऐड नाम का एक संगठन पिछले तीन दिनों से बांग्लादेश में म्यांमार से आये रोहिंग्या मुसलमानों के लिए गुरु का लंगर लगाए हुए है. बांग्लादेश के तेक्नाफ़ (Teknaf) में लगने वाले रिफ्यूजी कैंप में खालसा ऐड के वॉलंटियर पानी और खाने के पैकेट शरणार्थियों के बीच बांट रहे हैं.

यह भी पढ़ें – रोहिंग्या मुसलमानों को मदद देने में लगी है सिखों की संस्था ‘खालसा ऐड

सरकार ने दी परमिशन

सरकार की तरफ़ से परमिशन मिलने के बाद खालसा ऐड अब यहां लंगर लाने की तैयारी कर रहा है, जिसे गुरु के लंगर का नाम दिया गया है.

लंगर से पूर्व होती है गुरु की अरदास

लंगर परोसने से पहले यहां गुरु की अरदास की जाती है, जिसमें सभी लोग हिस्सा लेते हैं. यहां शरणार्थियों की सेवा में लगे हुए वालंटियर्स की कोशिश यही होती है कि कोई भी कैंप में भूखा न सोये.

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September 15, 2017 2 min read
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