नयी दिल्ली, 5 जुलाई; वैश्विक महामारी कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए बंद की गईं दिल्ली की ऐतिहासिक जामा मस्जिद और फतेहपुरी मस्जिद शनिवार से जनता के लिए फिर से खुल गई हैं।
बंद के दौरान लोगों को घर पर ही नमाज अदा करने के लिए कहा गया था और केवल कुछ स्टाफ सदस्यों को ही मस्जिद में दिन में पांच बार नमाज अदा करने की अनुमति थी।
जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने कहा कि सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करते हुए यह सुबह मस्जिद अब सुबह 9 बजे से रात 10 बजे तक खुली रहेगी।
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वहीं, फतेहपुरी मस्जिद को भी अब फिर से खोलने की अनुमति दे दी गई है। फतेहपुरी मस्जिद के शाही इमाम मुफ्ती मुकर्रम अहमद ने कहा कि हमें यह ध्यान रखना चाहिए कि कोरोना वायरस अभी खत्म नहीं हुआ है। हमें आगे भी मास्क पहनने और बार-बार सैनिटाइजर का उपयोग करने सहित सभी सावधानियां बरतनी होंगी।
गौरतलब है कि दिल्ली में जून महीने की शुरुआत में कोरोना संक्रमण के मामलों में हुई वृद्धि के कारण 11 जून को ऐतिहासिक जामा मस्जिद और फतेहपुरी मस्जिद को आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया था।
इससे पहले सरकार द्वारा घोषित करीब दो महीने के लॉकडाउन के कारण बंद मस्जिद 8 जून को फिर से खोला गया था। सरकार ने अनलॉक 1.0 के दौरान मस्जिदों को राहत दी थी।
सैयद बुखारी ने कहा कि मस्जिद को फिर से खोलने का फैसला लोगों और विशेषज्ञों से सलाह लेने के बाद लिया गया है। बुखारी ने कहा कि अनलॉक 1.0 के तहत, लगभग सब कुछ खुल गया है और सामान्य गतिविधियां फिर से शुरू हो गई हैं। हमने लोगों को नमाज अदा करने के लिए मस्जिद खोलने का यह फैसला लिया है क्योंकि वायरस से डर कम हुआ है और इसके खिलाफ सुरक्षा उपायों के बारे में जागरूकता बढ़ी है।
उन्होंने कहा कि लोगों को संक्रमण से बचाने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने, सेफ्टी मास्क पहनने और सैनिटाइजेशन जैसी सावधानियों का पालन किया जाएगा। जून महीने के शुरू में सैयद बुखारी के एक निजी सचिव अमानुल्लाह की कोरोना वायरस के कारण मौत हो गई थी।
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