ईस्टर ईसाई धर्म के महत्वपूर्ण पर्वों में से एक है. ईसा मसीह के पुनर्जीवित होने की खुशी में ईस्टर पर्व मनाया जाता है. ईसाई धर्म की मान्यताओं के अनुसार, गुड फ्राइडे के तीसरे दिन ईसा मसीह दोबारा जीवित हो गए थे, जिसे ईसाई धर्म के लोग ईस्टर संडे के नाम से मनाते हैं.
ईस्टर को मृतोत्थान दिवस या मृतोत्थान रविवार भी कहते हैं. क्रिसमस के अलावा ईस्टर ईसाई धर्म का सबसे बड़ा पर्व है. दोनों ही पर्व ईसाह मसीह के जन्मदिन के रूप में मनाए जाते हैं. इस साल ईस्टर का पर्व 12 अप्रैल, रविवार को मनाया जा रहा है.
ईस्टर पर अंडे का महत्व
ईस्टर पर्व पर अंडे का खास महत्व होता है. ईसाई धर्म के लोग ईस्टर पर्व पर अंडे सजाकर एक दूसरे को गिफ्ट करते हैं. उनकी मान्यता है कि अंडे अच्छे दिनों की शुरुआत और नए जीवन का संदेश देते हैं. दरअसल, ईसाई धर्म के लोगों का मानना है कि अंडे में से जिस तरह एक नया जीवन उत्पन्न होता है, वह लोगों को नई शुरुआत का संदेश देता है.
यह भी पढ़ें-ईस्टर 2020: जानें, क्या है ईस्टर और क्यों मनाया जाता है
कैसे मनाया जाता है ईस्टर
ईस्टर पर्व के पहले सप्ताह को ईस्टर सप्ताह कहा जाता है. इस दौरान ईसाई धर्म के लोग प्रार्थना करते हैं, साथ ही व्रत रखते हैं.
इस दिन चर्च में मोमबत्तियां जलाई जाती हैं. ईसाई धर्म के कई लोग इस दिन अपने घरों को भी मोमबत्तियों से रोशन करते हैं.
ईस्टर डे के दिन विशेष तौर पर बाइबल का पाठ किया जाता है.
इस पर्व को ईसाई धर्म के लोग बड़ी धूम-धाम और उत्साह से मनाते हैं. हालांकि इस साल कोरोना वायरस के चलते यह त्योहार लॉकडाउन के नियमों को ध्यान में रखते हुए घर के अंदर ही सेलिब्रेट करना होगा.
Editorial Review Note
Religion World provides information on all religions and presents it impartially. You can send us information, news, updates, opinions, and suggestions at religionworldin@gmail.com. You can also follow us on X (Twitter), Facebook, and YouTube.