धर्म और आधुनिक जीवन में टकराव क्यों दिखता है?

धर्म और आधुनिक जीवन में टकराव क्यों दिखता है? आज का मनुष्य एक अजीब द्वंद्व में जी रहा है। एक ओर तेज़ी से बदलती तकनीक, आधुनिक सोच, करियर, भौतिक सुख और वैश्विक संस्कृति है, तो दूसरी ओर सदियों पुरानी धार्मिक मान्यताएँ, परंपराएँ और नैतिक मूल्य। ऐसे में अक्सर यह सवाल उठता है कि धर्म और आधुनिक जीवन के बीच टकराव क्यों दिखाई देता है? क्या यह टकराव वास्तविक है या केवल हमारी सोच का भ्रम?… Continue reading धर्म और आधुनिक जीवन में टकराव क्यों दिखता है?

 January 4, 2026

क्या समय वास्तव में भाग्य बदलता है?

क्या समय वास्तव में भाग्य बदलता है? मानव जीवन में जब भी सुख या दुःख आता है, हम अक्सर कहते हैं — “समय बदल गया है।” कभी वही व्यक्ति सफल हो जाता है, जो पहले संघर्ष कर रहा था, तो कभी सब कुछ होते हुए भी जीवन रुक-सा जाता है। ऐसे में एक प्रश्न स्वाभाविक रूप से उठता है — क्या समय वास्तव में भाग्य बदलता है, या भाग्य पहले से ही निर्धारित होता है?… Continue reading क्या समय वास्तव में भाग्य बदलता है?

 January 3, 2026

शुभ-अशुभ समय की अवधारणा कैसे बनी?

शुभ-अशुभ समय की अवधारणा कैसे बनी? मानव सभ्यता के आरंभ से ही समय को केवल बीतने वाली इकाई नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने वाली शक्ति माना गया है। भारतीय संस्कृति में यह विश्वास गहराई से स्थापित है कि हर समय समान नहीं होता। कुछ क्षण ऐसे होते हैं जो सफलता, शांति और समृद्धि लाते हैं, वहीं कुछ समय कठिनाई और बाधा का कारण बनते हैं। इसी सोच से शुभ-अशुभ समय की अवधारणा का जन्म… Continue reading शुभ-अशुभ समय की अवधारणा कैसे बनी?

 January 3, 2026

पंचांग क्या है और भारतीय संस्कृति में इसका महत्व क्यों है?

पंचांग क्या है और भारतीय संस्कृति में इसका महत्व क्यों है? भारतीय संस्कृति में समय केवल घड़ी या कैलेंडर की गणना नहीं है, बल्कि वह एक आध्यात्मिक व्यवस्था है। इसी समय-गणना की सबसे प्राचीन और सटीक प्रणाली को पंचांग कहा जाता है। पंचांग न केवल तिथि बताता है, बल्कि यह जीवन के हर शुभ-अशुभ कार्य को दिशा देता है। विवाह, पूजा, व्रत, त्योहार, यात्रा या कोई भी नया कार्य — पंचांग के बिना अधूरा माना… Continue reading पंचांग क्या है और भारतीय संस्कृति में इसका महत्व क्यों है?

 January 3, 2026

क्या धर्म ग्रेगोरियन कैलेंडर को मान्यता देता है?

क्या धर्म ग्रेगोरियन कैलेंडर को मान्यता देता है? आज पूरी दुनिया में जनवरी से दिसंबर तक चलने वाला जो कैलेंडर सबसे अधिक इस्तेमाल होता है, उसे ग्रेगोरियन कैलेंडर कहा जाता है। सरकारी दस्तावेज़ों से लेकर मोबाइल फोन और डिजिटल प्लेटफॉर्म तक, यही कैलेंडर हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी का आधार बन चुका है। लेकिन एक महत्वपूर्ण सवाल उठता है—क्या धर्म वास्तव में ग्रेगोरियन कैलेंडर को मान्यता देता है? या फिर यह केवल एक सामाजिक और प्रशासनिक… Continue reading क्या धर्म ग्रेगोरियन कैलेंडर को मान्यता देता है?

 January 2, 2026

हिजरी कैलेंडर क्या है और यह क्यों खास है?

हिजरी कैलेंडर क्या है और यह क्यों खास है? दुनिया में समय को मापने के कई तरीके हैं, लेकिन हर कैलेंडर केवल तारीखों का हिसाब नहीं होता, बल्कि वह किसी न किसी सभ्यता, आस्था और इतिहास से जुड़ा होता है। इस्लाम धर्म में जिस कैलेंडर का उपयोग किया जाता है, उसे हिजरी कैलेंडर कहा जाता है। यह कैलेंडर न केवल समय बताता है, बल्कि मुस्लिम समुदाय की धार्मिक पहचान और आध्यात्मिक जीवन से भी गहराई… Continue reading हिजरी कैलेंडर क्या है और यह क्यों खास है?

 January 2, 2026

क्या हर धर्म में समय की गणना अलग है?

क्या हर धर्म में समय की गणना अलग है? समय केवल घड़ी की सुई या कैलेंडर के पन्नों तक सीमित नहीं है। हर सभ्यता और हर धर्म ने समय को अपनी आस्था, परंपरा और जीवन-दर्शन के अनुसार समझा और मापा है। यही कारण है कि दुनिया के अलग-अलग धर्मों में समय की गणना एक जैसी नहीं है। कहीं चंद्रमा को आधार माना गया, तो कहीं सूर्य को, और कहीं दोनों का संतुलन बनाया गया। प्रश्न… Continue reading क्या हर धर्म में समय की गणना अलग है?

 January 2, 2026

नया साल मनाने की परंपरा कहां से शुरू हुई?

नया साल मनाने की परंपरा कहां से शुरू हुई? आज नया साल आते ही लोग जश्न मनाते हैं, शुभकामनाएँ देते हैं और नए संकल्प लेते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि नया साल मनाने की परंपरा आखिर शुरू कहां से हुई? क्या यह केवल आधुनिक समय की देन है, या इसके पीछे एक लंबा ऐतिहासिक और सांस्कृतिक सफर छिपा है? आइए इस परंपरा की जड़ों को समझते हैं। समय की गणना और नया… Continue reading नया साल मनाने की परंपरा कहां से शुरू हुई?

 December 30, 2025

आने वाले समय में मेष से कर्क राशि वालों का क्या होगा?

जानिए आने वाले समय में मेष, वृषभ, मिथुन और कर्क राशि वालों के करियर, धन, रिश्ते और स्वास्थ्य में क्या बदलाव होंगे। सरल सलाह सहित पूरा राशिफल पढ़ें। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों की चाल हमारे जीवन के कई पहलुओं को प्रभावित करती है। आने वाला समय कई राशियों के लिए बदलाव, अवसर और आत्ममंथन लेकर आ रहा है। विशेष रूप से मेष से कर्क राशि वालों के लिए यह समय कुछ महत्वपूर्ण सीख और… Continue reading आने वाले समय में मेष से कर्क राशि वालों का क्या होगा?

 December 30, 2025

इस्लाम देश क्यों नहीं मानते नया साल ?

इस्लाम देश क्यों नहीं मानते नया साल ? दुनिया के कई देशों में 1 जनवरी को नया साल बड़े उत्साह और जश्न के साथ मनाया जाता है। आतिशबाज़ी, पार्टियाँ, शुभकामनाएँ और नई शुरुआत के संकल्प—ये सब आधुनिक नववर्ष उत्सव का हिस्सा बन चुके हैं। लेकिन जब बात इस्लाम धर्म की आती है, तो अक्सर यह सवाल उठता है कि मुस्लिम समाज नए साल का जश्न क्यों नहीं मनाता? क्या यह सिर्फ परंपरा का मामला है… Continue reading इस्लाम देश क्यों नहीं मानते नया साल ?

 December 30, 2025

वाराणसी का आध्यात्मिक अनुभव: घाट और मंदिरों में संस्कृति की छाप

वाराणसी का आध्यात्मिक अनुभव: घाट और मंदिरों में संस्कृति की छाप भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान में वाराणसी (काशी) का स्थान अद्वितीय है। यह शहर न केवल गंगा नदी के पवित्र घाटों के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि यहाँ के मंदिर, कला, संगीत और जीवनशैली में भारतीय संस्कृति की गहराई और विविधता झलकती है। वाराणसी का आध्यात्मिक अनुभव सिर्फ़ धार्मिक कर्मकांड तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन की दृष्टि, कला और मानवता की समझ… Continue reading वाराणसी का आध्यात्मिक अनुभव: घाट और मंदिरों में संस्कृति की छाप

 December 29, 2025

वैश्विक आध्यात्मिक आंदोलन: क्या यह शांति की कुंजी है?

वैश्विक आध्यात्मिक आंदोलन: क्या यह शांति की कुंजी है? आज के दौर में जब दुनिया भर में तनाव, असमानता और संघर्ष बढ़ रहे हैं, तब वैश्विक आध्यात्मिक आंदोलन (Global Spiritual Movements) शांति और मानवता के लिए एक नई दिशा प्रस्तुत कर रहे हैं। ये आंदोलन न केवल व्यक्तिगत जीवन में मानसिक शांति लाने का काम करते हैं, बल्कि समाज में मानवाधिकार (Human Rights) और सामाजिक न्याय की अवधारणा को भी मजबूत करते हैं। आध्यात्मिक आंदोलन… Continue reading वैश्विक आध्यात्मिक आंदोलन: क्या यह शांति की कुंजी है?

 December 29, 2025