क्या अच्छे कर्म बुरा समय बदल सकते हैं?

भूमिका जीवन में ऐसा समय लगभग हर व्यक्ति के जीवन में आता है, जब परिस्थितियाँ उसके विरुद्ध होती हैं। मेहनत के बावजूद असफलता, अच्छे इरादों के बाद भी कष्ट—ऐसे क्षणों में मन में एक ही प्रश्न उठता है: क्या अच्छे कर्म बुरा समय बदल सकते हैं? क्या सही आचरण, सेवा, ईमानदारी और धैर्य वास्तव में हमारे कठिन दौर को बेहतर बना सकते हैं, या यह केवल सांत्वना देने वाला विचार है? इस प्रश्न का उत्तर… Continue reading क्या अच्छे कर्म बुरा समय बदल सकते हैं?

 January 10, 2026

How Scientific Is the Theory of Karma and Result?

Introduction The idea that every action has a consequence is deeply rooted in Indian philosophy and spiritual traditions. Commonly expressed as “karma and its result,” this principle suggests that good actions lead to positive outcomes, while negative actions bring suffering. But in a modern, evidence-driven world, an important question arises: How scientific is the theory of karma and result? Can this ancient belief be explained or supported through logic, psychology, and science, or does it… Continue reading How Scientific Is the Theory of Karma and Result?

 January 10, 2026

क्या भाग्य पहले से लिखा होता है?

मनुष्य के जीवन में घटने वाली घटनाएँ अक्सर हमें यह सोचने पर मजबूर कर देती हैं कि क्या सब कुछ पहले से तय है? क्या हमारा जन्म, सुख-दुःख, सफलता-असफलता—सब भाग्य की लिखावट है? या फिर हमारे कर्म और प्रयास ही जीवन की दिशा तय करते हैं? “क्या भाग्य पहले से लिखा होता है?” यह प्रश्न केवल दार्शनिक नहीं, बल्कि हर उस व्यक्ति का है जो जीवन में संघर्ष, आशा और विश्वास के बीच झूलता रहता… Continue reading क्या भाग्य पहले से लिखा होता है?

 January 10, 2026

आस्था और डर में फर्क कैसे करें? — विश्वास, भय और विवेक की पहचान

मानव जीवन में आस्था और डर दोनों ही गहराई से जुड़े हुए भाव हैं। कई बार व्यक्ति यह समझ ही नहीं पाता कि वह जिस विश्वास का पालन कर रहा है, वह सच्ची आस्था है या केवल डर से उपजा हुआ व्यवहार। यही भ्रम व्यक्ति की स्वतंत्र सोच, निर्णय क्षमता और मानसिक शांति को प्रभावित करता है। इसीलिए यह समझना बेहद ज़रूरी है कि आस्था और डर में फर्क कैसे किया जाए। आस्था क्या है?… Continue reading आस्था और डर में फर्क कैसे करें? — विश्वास, भय और विवेक की पहचान

 January 9, 2026

Does Religion Promote Superstition? — Understanding Faith, Fear, and Reason

The relationship between religion and superstition has long been a subject of debate. Many people believe that religion encourages blind faith and irrational practices, while others argue that superstition arises from misunderstanding religion rather than from religion itself. This raises an important question: Does religion promote superstition, or is superstition a distortion of true religious teachings? Understanding the Difference Between Religion and Superstition Religion, at its core, is a structured system of beliefs that aims… Continue reading Does Religion Promote Superstition? — Understanding Faith, Fear, and Reason

 January 9, 2026

अंधविश्वास कैसे जन्म लेता है? — कारण, प्रभाव और समाधान

अंधविश्वास मानव समाज का एक पुराना और जटिल पक्ष है। यह केवल किसी एक धर्म, क्षेत्र या समय तक सीमित नहीं है, बल्कि लगभग हर सभ्यता में किसी न किसी रूप में मौजूद रहा है। जब व्यक्ति बिना तर्क, प्रमाण या वैज्ञानिक सोच के किसी विश्वास को सत्य मान लेता है, तो वही विश्वास धीरे-धीरे अंधविश्वास का रूप ले लेता है। प्रश्न यह है कि अंधविश्वास कैसे जन्म लेता है? इसके पीछे कौन-से कारण काम… Continue reading अंधविश्वास कैसे जन्म लेता है? — कारण, प्रभाव और समाधान

 January 9, 2026

धर्म में प्रश्न पूछना गलत क्यों माना जाता है?

अक्सर समाज में यह धारणा देखने को मिलती है कि धर्म में बहुत अधिक प्रश्न नहीं पूछने चाहिए। कई लोग मानते हैं कि प्रश्न करना आस्था की कमी का संकेत है और इससे धार्मिक विश्वास कमजोर पड़ता है। बचपन से ही हमें यह सिखाया जाता है कि धर्म का पालन करना है, उस पर सवाल नहीं उठाने हैं। लेकिन क्या वास्तव में धर्म में प्रश्न पूछना गलत है, या यह सोच समय के साथ बनी… Continue reading धर्म में प्रश्न पूछना गलत क्यों माना जाता है?

 January 8, 2026

क्या चमत्कार सच में होते हैं?

जब भी जीवन में कोई असामान्य, अविश्वसनीय या तर्क से परे लगने वाली घटना घटती है, तो सबसे पहले हमारे मन में जो शब्द आता है, वह है—चमत्कार। कोई गंभीर बीमारी से अचानक ठीक हो जाए, कोई दुर्घटना में बाल-बाल बच जाए, या किसी साधु-संत से जुड़ी अलौकिक घटना सामने आए—लोग तुरंत उसे चमत्कार मान लेते हैं। लेकिन असली प्रश्न यही है कि क्या चमत्कार सच में होते हैं, या यह केवल हमारी आस्था और… Continue reading क्या चमत्कार सच में होते हैं?

 January 8, 2026

आस्था बनाम तर्क: किस पर भरोसा करें?

मानव सभ्यता के इतिहास में यदि किसी दो विचारों ने सबसे अधिक प्रभाव डाला है, तो वे हैं—आस्था और तर्क। ये दोनों ही समाज की सोच, संस्कृति और व्यवहार को दिशा देते आए हैं। कभी आस्था ने इंसान को कठिन परिस्थितियों में संभाला, तो कभी तर्क ने उसे अंधविश्वास और रूढ़ियों से मुक्त किया। लेकिन आज भी यह प्रश्न उतना ही प्रासंगिक है—आस्था बनाम तर्क, आखिर किस पर भरोसा करें? आस्था वह शक्ति है, जो… Continue reading आस्था बनाम तर्क: किस पर भरोसा करें?

 January 8, 2026

क्या राशिफल पर विश्वास करना सही है?

क्या राशिफल पर विश्वास करना सही है? आज के डिजिटल युग में राशिफल मानव जीवन का एक आम हिस्सा बन चुका है। सुबह उठते ही मोबाइल फोन खोलकर लोग सबसे पहले अपना दैनिक राशिफल देखना पसंद करते हैं। अखबार, टीवी चैनल, यूट्यूब और सोशल मीडिया—हर जगह राशिफल मौजूद है। ऐसे में एक महत्वपूर्ण सवाल उठता है कि क्या राशिफल पर विश्वास करना वास्तव में सही है, या यह केवल मन को बहलाने का एक साधन… Continue reading क्या राशिफल पर विश्वास करना सही है?

 January 7, 2026

धर्म और ज्योतिष में मतभेद क्यों हैं?

धर्म और ज्योतिष में मतभेद क्यों हैं? धर्म और ज्योतिष—दोनों ही मानव जीवन को दिशा देने का प्रयास करते हैं, फिर भी इनके बीच अक्सर विरोध और मतभेद देखने को मिलते हैं। कई लोग धर्म को सर्वोपरि मानते हैं, जबकि कुछ ज्योतिष को जीवन का मार्गदर्शक समझते हैं। ऐसे में प्रश्न उठता है कि जब उद्देश्य समान है, तो मतभेद क्यों हैं? धर्म की मूल अवधारणा धर्म का आधार ईश्वर, आत्मा, नैतिकता और कर्म पर… Continue reading धर्म और ज्योतिष में मतभेद क्यों हैं?

 January 7, 2026

सकट चौथ व्रत: माताओं का निर्जला संकल्प और पुत्र की लंबी उम्र की कामना

भारतीय संस्कृति में माँ और संतान का रिश्ता केवल रक्त का नहीं, बल्कि आस्था, त्याग और तपस्या से जुड़ा होता है। इसी भावनात्मक और धार्मिक परंपरा का एक महत्वपूर्ण रूप है सकट चौथ व्रत, जिसे विशेष रूप से माताएँ अपने पुत्र की लंबी उम्र, सुख और संकटों से रक्षा के लिए रखती हैं। यह व्रत न सिर्फ धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि मातृत्व की निस्वार्थ भावना को भी दर्शाता है। सकट चौथ को कई… Continue reading सकट चौथ व्रत: माताओं का निर्जला संकल्प और पुत्र की लंबी उम्र की कामना

 January 7, 2026