क्या बिना धर्म के नैतिक जीवन संभव है?
अक्सर यह मान लिया जाता है कि नैतिकता का आधार धर्म है। समाज में यह धारणा प्रचलित है कि अगर कोई व्यक्ति धार्मिक नहीं है, तो वह नैतिक भी नहीं हो सकता। लेकिन आधुनिक समय में यह सवाल तेजी से उभर रहा है—क्या बिना धर्म के भी एक नैतिक, जिम्मेदार और संवेदनशील जीवन जिया जा सकता है? इस प्रश्न का उत्तर सरल नहीं है, लेकिन गहराई से विचार करने पर यह स्पष्ट होता है कि… Continue reading क्या बिना धर्म के नैतिक जीवन संभव है?





