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गंगा किनारे मिले काशी और ऋषिकेश

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गंगा किनारे मिले काशी और ऋषिकेश

द्वारकापीठाधीश्वर स्वामी स्वरूपानन्द सरस्वती जी के शिष्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती जी आज परमार्थ निकेतन पधारे
पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज से भेंट कर माँ गंगा और यमुना आदि नदियों की अविरलता, निर्मलता पर हुयी चर्चा

ऋषिकेश, 9 मई। आज परमार्थ निकेतन आश्रम में द्वारकापीठाधीश्वर पूज्य स्वामी स्वरूपानन्द सरस्वती जी के शिष्य एवं उत्तराधिकारी स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती जी पधारे। उन्होने परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष, गंगा एक्शन परिवार के प्रणेता एवं ग्लोबल इण्टरफेथ वाश एलायंस के संस्थापक पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी से भेंट की। दोनों चिंतनशील आध्यात्मिक गुरूओं ने माँ गंगा एवं देश की अन्य प्राणवाहिनी नदियों की अविरलता एवं निर्मलता के लिये विचार विर्मश किया।

पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा, ’गंगा से भारत की पहचान है; गंगा माँ है। माँ गंगा कोई खेल-खिलवाड़ का साधन नहीं है। हम बोलते है गंगा मैली हो गयी परन्तु गंगा मैली नहीं हुयी बल्कि कहीं न कहीं हमारा चिंतन; हमारी सोच मैली हो गयी है हम अपने चिंतन को बदले; अपनी सोच को बदले तो सब कुछ बदल जायेगा। पावन नदियों के किनारे मेले, मेलजोल के लिये थे परन्तु अब मेलों ने मैले छोडे है। माँ गंगा ऐसी पावन है जिन्होने केवल तटों को ही नहीं हमारे दिलों को छुआ है, अब हर भारतवासी को गंगा के लिये दिल से जीना है तभी माँ गंगा अविरल और निर्मल हो सकती है।’

स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द जी ने कहा कि ’माँ गंगा को अविरल बनाने के लिये देश के नागरिकों को जागरूक होना पडेगा। गंगा के पास आज पानी कम आसूँ ज्यादा है। गंगा का जल दिन प्रतिदिन मैला हो रहा है अतः हमें गंगा की धारा को अविरल करने का प्रयास करना चाहिये। उन्होने कहा कि गंगा माँ है कोई मुद्दा नहीं। जब तक जनता जागरूक नहीं होगी समस्या का हल निकालना सम्भव नहीं है।’
पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी व स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द जी ने मिलकर पर्यावरण संरक्षण एवं भारत को खुले में शौच से मुक्त करने को लेकर भी चर्चा की।

पूज्य स्वामी जी व जीवा की अन्तर्राष्ट्रीय महासचिव साध्वी भगवती सरस्वती जी के साथ स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द जी एवं उŸाराखण्ड राज्य के पूर्व मुख्य न्यायाधीश श्री बी सी कण्डपाल जी ने विश्व ग्लोब का जलाभिषेक किया। पूज्य स्वामी जी ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द जी को शिवत्व का प्रतीक रूद्राक्ष का पौधा भेंट किया। तत्पश्चात सभी ने परमार्थ गंगा तट पर होने वाली दिव्य गंगा आरती एवं यज्ञ में सहभाग किया इस पावन अवसर पर पूज्य संतो ंके सानिध्य में उŸाराखण्ड राज्य के पूर्व मुख्य न्यायाधीश श्री बी सी कण्डपाल जी सपरिवार उपस्थित थे। श्री कण्डपाल जी ने दिव्य गंगा आरती में भी सहभाग किया। पूज्य स्वामी जी ने उनकी उत्कृष्ठ सेवाओं के लिये शिवत्व का प्रतीक रूद्राक्ष का पौधा भेंट किया।

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Written by Religion World — Bhavya Srivastava is the founder of Religion World and a veteran journalist with over 18 years of experience across broadcast, print, and digital media. A founding member of the International Association of Religion Journalists (IARJ), he has spent much of his career reporting on and producing content about religion, faith, and spirituality. .

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May 9, 2017 • 3 min read
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